{"_id":"67606f3290b6b5e933097c34","slug":"villagers-made-aware-about-prevention-of-tb-disease-jind-news-c-199-1-sroh1006-127142-2024-12-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: टीबी बीमारी के बचाव बारे ग्रामीणों को किया जागरूक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: टीबी बीमारी के बचाव बारे ग्रामीणों को किया जागरूक
Mon, 16 Dec 2024 11:49 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 16 Dec 2024 11:49 PM IST
विज्ञापन
जींद। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दरियावाला के तहत जाजवान गांव में सोमवार को जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने ग्रामीणों को टीबी से बचाव बारे में जागरूक किया। इस दौरान टीबी और मच्छरजनित बीमारियों की जानकारी से संबंधित पंपलेट भी बांटे गए। बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता सुशील शर्मा ने बताया कि यह बीमारी किसी भी आयु वर्ग को हो सकती है। यह एक संक्रामक रोग है जोकि कीटाणु माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस से फैलता है। कीटाणु मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है, जिसके कारण फेफड़ों की टीबी होती है। कभी कभी यह शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित करता है।
टीबी के संभावित मरीजों में मुख्य तौर पर दो सप्ताह से ज्यादा लगातार खांसी रहना, शाम के समय बुखार रहने, छाती में दर्द रहना, भूख न लगना, बलगम में खून आना और लगातार वजन कम होना होता है। यदि इस तरह के लक्षण दिखाई दे तो तुरंत बलगम की जांच करवानी चाहिए। टीबी से ग्रसित मरीज को चाहिए कि अपने खानपान का विशेष ध्यान रखें। संतुलित आहार का सेवन करें, नियमित रूप से दवाई लें, धूम्रपान व शराब का सेवन बंद करें, बलगम को मिट्टी में दबा दें, जब खांसना हो तो मुंह पर कपड़ा अवश्य लगाए ताकि टीबी के मरीजों को ब?ने से रोका जा सके। इस दौरान नीलम, यशवंती, राजकुमारी, कमलेश और बिमला मौजूद रही।
विज्ञापन
टीबी के संभावित मरीजों में मुख्य तौर पर दो सप्ताह से ज्यादा लगातार खांसी रहना, शाम के समय बुखार रहने, छाती में दर्द रहना, भूख न लगना, बलगम में खून आना और लगातार वजन कम होना होता है। यदि इस तरह के लक्षण दिखाई दे तो तुरंत बलगम की जांच करवानी चाहिए। टीबी से ग्रसित मरीज को चाहिए कि अपने खानपान का विशेष ध्यान रखें। संतुलित आहार का सेवन करें, नियमित रूप से दवाई लें, धूम्रपान व शराब का सेवन बंद करें, बलगम को मिट्टी में दबा दें, जब खांसना हो तो मुंह पर कपड़ा अवश्य लगाए ताकि टीबी के मरीजों को ब?ने से रोका जा सके। इस दौरान नीलम, यशवंती, राजकुमारी, कमलेश और बिमला मौजूद रही।
विज्ञापन