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Haryana News: शिक्षकों के पद खत्म करने का विरोध, ग्रामीणों ने 54 स्कूलों पर जड़े ताले

Mon, 22 Aug 2022 04:39 PM IST
निवेदिता वर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हरियाणा
अमर उजाला नेटवर्क, हरियाणा Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 22 Aug 2022 04:39 PM IST
सार

गांव जलालपुर कलां में सोमवार सुबह ग्रामीणों ने राजकीय उच्च विद्यालय के गेट पर ताला जड़ दिया और धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का कहना था कि स्कूल से अध्यापकों का तबादला कहीं और कर दिया गया है।

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Villagers locked Government School gate In Jalalpur Kalan of Jind Against Education Department transfer policy
जींद में स्कूल पर ताला लगाते बच्चे और ग्रामीण। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

विस्तार

स्कूलों को मर्ज किए जाने और युक्तिकरण के विरोध में सोमवार को ग्रामीणों ने हरियाणा में 54 स्कूलों पर ताले जड़ दिए। ग्रामीणों ने कहा कि स्कूलों में पहले ही शिक्षकों की कमी है। नई नीति के स्कूलों में शिक्षकों की संख्या और कम हो जाएगी। इससे बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ेगा। शिक्षा विभाग ने फैसला वापस नहीं लिया तो बड़ा आंदोलन करेंगे। 

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अपनी मांगों को लेकर प्रदेशभर के शिक्षकों ने भी पंचकूला में धरना दिया। सेक्टर-5 से शिक्षकों ने सीएम हाउस का घेराव करने के लिए चंडीगढ़ की तरफ कूच किया तो पुलिस ने हाउसिंग बोर्ड चौक पर बैरिकेड लगाकर रोक दिया। शिक्षक सड़क के बीच बैठ गए। इससे वहां पांच घंटे जाम लगा रहा। सीएम के ओसडी से वार्ता विफल रहने के कारण शिक्षक संगठनों ने मंगलवार से करनाल में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के बाहर क्रमिक अनशन शुरू करने का फैसला लिया है। 
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वहीं, ग्रामीणों का सबसे ज्यादा रोष रोहतक जोन के छह जिलों में देखने को मिला। रोहतक, सोनीपत, जींद, झज्जर-बहादुरगढ़, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़-नारनौल जिलों में ग्रामीणों ने स्कूलों पर ताले जड़ दिए। अभिभावकों ने जब बहादुरगढ़ के बादली क्षेत्र के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय माजरी और लुकसर के स्कूल के मेन गेट पर ताला जड़ा तो अध्यापक अंदर ही बंद हो गए। इसी तरह हिसार जोन के 23 स्कूलों पर भी तालाबंदी की गई। 
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हिसार में 10 स्कूल बंद रखे। फतेहाबाद जिले के गांव पिरथला, ठरवा और चंदड़ कलां के स्कूलों पर ताले जड़े। गांव चंदड़ कलां में करीब 600 छात्र-छात्राओं ने मासिक परीक्षा का बहिष्कार किया। ग्रामीणों ने बीईओ और स्टाफ को स्कूल में ही बंद कर दिया। इस दौरान भूना रोड पर 9 घंटे तक जाम लगाया। 

चरखी दादरी में पालड़ी के ग्रामीणों ने राजकीय स्कूल पर ताला जड़ दिया। तिवाला, झिंझर, कादमा और नरसिंहवास में ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य गेट पर पहुंचकर नारेबाजी की। भिवानी में जिले में पांच स्कूलों पर ताले जड़े और सिरसा जिले में तीन स्कूलों पर प्रदर्शन किया गया। करनाल और पानीपत में भी दो-दो स्कूलों पर ताले जड़े गए। 

युक्तिकरण किस लिए जरूरी
स्कूल शिक्षा विभाग युक्तिकरण इसलिए करता है कि स्कूलों में विद्यार्थी संख्या के हिसाब से शिक्षक उपलब्ध करवाए जा सकें। यह भी पता लगाया जाता है कि कौन से स्कूल में किस विषय के शिक्षकों की जरूरत है। विभाग के पास शिक्षक नहीं हैं, इसलिए अदला-बदली कर काम चलाने की कोशिश की जाती है। मकसद यह रहता है कि शिक्षकों की कमी को पूरा किया जाए।

बच्चों, अभिभावकों को सीधा नुकसान
युक्तिकरण में जहां बच्चे हैं, वहां शिक्षकों के पद खत्म कर दिए गए हैं। जहां बच्चे नहीं, वहां शिक्षक भेज दिए। एमआईएस पोर्टल पर विद्यार्थी संख्या का पूरा डाटा ही अपडेट नहीं था। बच्चे और अभिभावक इसलिए ही विरोध कर रहे हैं। 

टीजीटी-पीजीटी के 20 हजार पद खत्म
युक्तिकरण में 20 हजार टीजीटी-पीजीटी शिक्षकों के पद सरकारी स्कूलों में खत्म कर दिए गए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग इसके पीछे एक लाख बच्चे कम होने का तर्क दे रहा है, जिसकी पोल बच्चों वाले स्कूलों में शिक्षक न भेजने से खुल रही है। 

वार्ता विफल, शिक्षक आज से क्रमिक अनशन करेंगे
युक्तिकरण के मुद्दे पर सोमवार को मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेश्वर दयाल के साथ हुई हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन और अन्य संगठनों के 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की वार्ता विफल रही। मांगों पर सहमति न बनने के कारण प्रतिनिधिमंडल बैठक बीच में ही छोड़कर निकल गया। शिक्षक संगठन मंगलवार से करनाल में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के बाहर क्रमिक अनशन शुरू करेंगे। 

शिक्षक संगठनों ने मांगें न माने जाने तक क्रमिक अनशन जारी रखने का एलान किया है। अनशन में रोजना चार जिलों के शिक्षक शामिल होंगे। स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई जारी रखने का निर्णय लिया गया है। हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंधु ने कहा कि सरकार शिक्षकों की मांगों के प्रति गंभीर नहीं है। बैठक में सीएम के ओएसडी का रवैया गैर जिम्मेदाराना रहा। शिक्षकों ने अव्यवहारिक युक्तिकरण का कड़ा विरोध करने का फैसला लिया है।

विभाग ने स्कूलों में हाजिरी का रिकॉर्ड मांगा
स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों से सभी स्कूलों का हाजिरी रिकॉर्ड मांगा है। अधिकारियों को बताना होगा कि 22 अगस्त को स्कूलों में किस विषय के कितने शिक्षक उपस्थित और अनुपस्थित रहे। विभाग ने सोमवार को शिक्षकों की उपस्थिति स्कूलों में अनिवार्य की थी, इसलिए सामूहिक अवकाश मांगने वाले शिक्षकों की गैरहाजिरी लगाई जाएगी।

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