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अंडरपास में भरे पानी के रोष में ग्रामीणों ने पानी में खड़े होकर किया योग
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अंडरपास में रेलवे द्वारा लगाया गया चेतावनी बोर्ड।
- फोटो : Jind
लुदाना-मोरखी रेलवे अंडरपास में जलभराव के विरोध में आठ दिन से धरना दे रहे ग्रामीणों ने सोमवार को पानी में ही योग कर विरोध जताया। ग्रामीणों ने रेलवे विभाग से मांग की कि यहां अंडरपास की जगह रेलवे फाटक बनाया जाए। दरअसल अंडरपास में सालभर पानी भरा रहता है। इससे ग्रामीणों का रास्ता बंद है। वहीं दूसरी ओर अंडरपास में भरे पानी को देखते हुए रेलवे ने यहां खतरे का बोर्ड लग दिया है। सोमवार को ग्रामीणों ने कहा कि वे एक सप्ताह से धरना दे रहे हैं। इस दौरान रेलवे के अधिकारी तो पहुंचे हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में 20 फरवरी से ग्रामीण अनशन शुरू करेंगे। इसके बाद 25 फरवरी के बाद रेल रोको आंदोलन चलाया जाएगा। सोमवार को धरने में महिलाओं ने भी भाग लिया।
जमीन से हो रहा है पानी का रिसाव
ग्रामीणों ने कहा कि जिस समय यहां अंडरपास बनाया जा रहा था तभी आगाह कर दिया कि यहां पानी का रिसाव होगा। अब जैसे ही आसपास के किसान अपने खेत में पानी लगाते हैं, इसका रिसाव अंडरपास की तरफ शुरू हो जाता है। वहीं लगातार पानी भरा रहने से जमीन में पानी निकल रहा है। इससे पानी नहीं सूखता।
रास्ता बदलने पर मजबूर हैं लोग
मोरखी गांव के लोगों के लिए यह मुख्य मार्ग है। वहीं लुदाना से पिल्लूखेड़ा जाने के लिए भी यही रास्ता है। यह रास्ता पूरे साल बंद रहता है। इससे लोग रास्ता बदलने पर मजबूर हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अंडरपास उनके लिए आफत बना हुआ है।
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रेलवे अधिकारियों ने मांगा समय
तीन दिन पहले रेलवे के अधिकारी ग्रामीणों के बीच गए थे। उस समय ग्रामीणों ने 20 फरवरी से रेल रोकने का ऐलान किया था, लेकिन अधिकारियों ने बातचीत के बाद 24 फरवरी तक समय देने की मांग की। इस पर ग्रामीणों ने 25 फरवरी को रेल रोकने की चेतावनी दी है।
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जमीन से हो रहा है पानी का रिसाव
ग्रामीणों ने कहा कि जिस समय यहां अंडरपास बनाया जा रहा था तभी आगाह कर दिया कि यहां पानी का रिसाव होगा। अब जैसे ही आसपास के किसान अपने खेत में पानी लगाते हैं, इसका रिसाव अंडरपास की तरफ शुरू हो जाता है। वहीं लगातार पानी भरा रहने से जमीन में पानी निकल रहा है। इससे पानी नहीं सूखता।
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रास्ता बदलने पर मजबूर हैं लोग
मोरखी गांव के लोगों के लिए यह मुख्य मार्ग है। वहीं लुदाना से पिल्लूखेड़ा जाने के लिए भी यही रास्ता है। यह रास्ता पूरे साल बंद रहता है। इससे लोग रास्ता बदलने पर मजबूर हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अंडरपास उनके लिए आफत बना हुआ है।
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रेलवे अधिकारियों ने मांगा समय
तीन दिन पहले रेलवे के अधिकारी ग्रामीणों के बीच गए थे। उस समय ग्रामीणों ने 20 फरवरी से रेल रोकने का ऐलान किया था, लेकिन अधिकारियों ने बातचीत के बाद 24 फरवरी तक समय देने की मांग की। इस पर ग्रामीणों ने 25 फरवरी को रेल रोकने की चेतावनी दी है।

अंडरपास में हो रहा पानी का रिसाव।- फोटो : Jind

रेलवे अंडरपास में भरे पानी में खड़े होकर योग करते ग्रामीण।- फोटो : Jind