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वीडियो वायरल मामला : जांच में मरीज के प्रति चिकित्सक का व्यवहार मिला गलत

Mon, 13 Jan 2020 10:36 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jan 2020 10:36 PM IST
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Video viral case : Doctor's behavior in investigation found wrong towards patient
नागरिक अस्पताल। - फोटो : Jind
जींद नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में तीन दिन पहले बच्चे का इलाज करवाने आए पिता के साथ डॉ. राम स्नेह खर्ब द्वारा दुर्व्यवहार करने के वायरल हुए वीडियो मामले की जांच सोमवार को तीन सदस्यीय टीम ने किया। जांच टीम ने प्राथमिक रिपोर्ट बनाकर स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक को भेज दी है। जांच में चिकित्सक का व्यवहार सही नहीं मिला। साथ ही टीम ने कह कि एसएनसीयू (नर्सरी) की चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रभात दलाल को भी मौके पर पहुंचकर बच्चे को देखना चाहिए। जांच में पाया गया है कि मारपीट का आरोप सही नहीं है, बल्कि मोबाइल छीनने का प्रयास किया गया है। अब इस मामले में स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक अगली कार्रवाई करेंगे। कमेटी बच्चे के पिता को बुलाकर उसके बयान दर्ज करने के बाद अंतिम रिपोर्ट देगी। सोमवार को बच्चे का पिता सिविल अस्पताल पहुंचने वाला मगर बच्चे की तबीयत ज्यादा खराब होने के कारण वह नहीं आया।
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स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक डॉ. सूरजभान कांबोज के निर्देश पर मामले की जांच कार्यकारी पीएमओ डॉ. गोपाल गोयल, डिप्टी एमएस डॉ. राकेश शर्मा, डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने की। इसमें इमरजेंसी में उस समय तैनात चिकित्सक डॉ. रामस्नेह खर्ब, एसएनसीयू की चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रभात दलाल, एसएनसीयू में मौजूद स्टाफ नर्स पूजा व रीना के बयान दर्ज किए गए। जांच टीम ने एसएनसीयू व इमरजेंसी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी खंगाला। टीम ने जांच में पाया कि बच्चे विहान के पिता छाज्जूराम के साथ डॉ. रामस्नेह खर्ब ने मारपीट नहीं की, बल्कि मोबाइल फोन को हाथ मारा था, लेकिन उनका व्यवहार सही नहीं पाया गया। इसके अलावा उनके द्वारा इमरजेंसी में दवाइयां नहीं होने की बात भी गलत कही गई। इमरजेंसी में सभी दवाइयां पूरी मात्रा में उपलब्ध थीं। वहीं जब छाज्जूराम अपने बेटे विहान को लेकर एसएनसीयू में लेकर गया तो वहां स्टाफ नर्स ने चिकित्सक अधिकारी डॉ. प्रभात दलाल से फोन पर बात की। डॉ. दलाल ने कहा कि बच्चा 28 दिन से बड़ा, इसलिए इसे इमरजेंसी में वापस भेज दो। जांच टीम ने रिपोर्ट में कहा कि डॉ. प्रभात दलाल ने आकर बच्चे को देखना चाहिए था, यहां भी उनकी गलती रही।
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प्राथमिक जांच भेजी सिविल सर्जन को
जांच टीम में शामिल कार्यकारी पीएमओ डॉ. गोपाल गोयल ने कहा कि उन्होंने एसएनसीयू व इमरजेंसी की सीसीटीवी फुटेज को देखा। डॉ. रामस्नेह खर्ब, डॉ. प्रभात दलाल व नर्सरी में तैनात स्टाफ नर्स के बयान दर्ज कर रिपोर्ट बनाई है। रिपोर्ट सिविल सर्जन को सौंप दी है। फिलहाल प्रारंभिक जांच की रिपोर्ट मांगी थी, जो भेजी गई है। अभी जांच में बच्चे के पिता को शामिल कर पूरी रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
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स्वास्थ्य महानिदेशक को मेल कर दी रिपोर्ट
जांच टीम से उन्हें प्राथमिक रिपोर्ट मिल गई है। इसको स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक को मेल कर दी है। फिलहाल डॉ. रामस्नेह खर्ब या किसी अन्य कर्मचारी को सस्पेंड करने या कोई अन्य कार्रवाई के आदेश नहीं आए हैं। रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक के जो आदेश आएंगे, उनके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. मंजू कादियान, सिविल सर्जन, जींद।
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