{"_id":"64973543fd29996b6b0e9a2a","slug":"ujhana-training-center-found-closed-jind-news-c-199-1-sroh1009-1764-2023-06-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: उझाना ट्रेनिंग सेंटर मिला बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: उझाना ट्रेनिंग सेंटर मिला बंद
Sat, 24 Jun 2023 11:56 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 24 Jun 2023 11:56 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नरवाना। खंड संसाधन समन्वयक सुरेश कुमार ने शनिवार को राजकीय प्राथमिक पाठशाला उझाना और राजकीय माध्यमिक विद्यालय ढाणी नरवाना में चल रहे विशेष प्रशिक्षण सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान राजकीय प्राथमिक पाठशाला उझाना में चल रहा ट्रेनिंग सेंटर बंद पाया गया। वहां न कोई वॉलिंटियर और न ही कोई विद्यार्थी। जबकि राजकीय माध्यमिक विद्यालय ढाणी नरवाना ट्रेनिंग सेंटर सबकुछ ठीक मिला।
इन ट्रेनिंग सेंटरों में ऐसे विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं जो या तो कभी स्कूल में गए या विद्यालय छोड़ दिया है। इन ड्रॉपआउट बच्चों के लिए छह जून से उपरोक्त स्पेशल ट्रेनिंग सेंटरों में शिक्षण कार्य करवाया जा रहा है। नौ महीने की शैक्षणिक अवधि के बाद इन बच्चों को इनकी आयु और शैक्षणिक स्तर के अनुसार कक्षाओं में दाखिला करवाने का प्रावधान भी किया गया है ताकि ये ड्रॉपआउट बच्चे शिक्षा ग्रहण करके समाज के अच्छे नागरिक बन सकें। अध्यापकों द्वारा बच्चों को पढ़ाया जा रहा था। जिसमें पांच बच्चों को एक से सौ तक गिनती, दो बच्चों को वर्णमाला का ज्ञान व पहाड़े याद हैं। अध्यापक पूरी लगन के साथ बच्चों को पढ़ा रहे हैं इसके लिए बीआरसी सुरेश नैन ने अध्यापकों को सराहनीय कार्य करने की बधाई दी तथा कहा यह कार्य परमार्थ और समाज हित का कार्य है। सभी बच्चों को और लग्न के साथ पढऩे और साफ-सफाई के लिए प्रेरित किया।
विज्ञापन
नरवाना। खंड संसाधन समन्वयक सुरेश कुमार ने शनिवार को राजकीय प्राथमिक पाठशाला उझाना और राजकीय माध्यमिक विद्यालय ढाणी नरवाना में चल रहे विशेष प्रशिक्षण सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान राजकीय प्राथमिक पाठशाला उझाना में चल रहा ट्रेनिंग सेंटर बंद पाया गया। वहां न कोई वॉलिंटियर और न ही कोई विद्यार्थी। जबकि राजकीय माध्यमिक विद्यालय ढाणी नरवाना ट्रेनिंग सेंटर सबकुछ ठीक मिला।
इन ट्रेनिंग सेंटरों में ऐसे विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं जो या तो कभी स्कूल में गए या विद्यालय छोड़ दिया है। इन ड्रॉपआउट बच्चों के लिए छह जून से उपरोक्त स्पेशल ट्रेनिंग सेंटरों में शिक्षण कार्य करवाया जा रहा है। नौ महीने की शैक्षणिक अवधि के बाद इन बच्चों को इनकी आयु और शैक्षणिक स्तर के अनुसार कक्षाओं में दाखिला करवाने का प्रावधान भी किया गया है ताकि ये ड्रॉपआउट बच्चे शिक्षा ग्रहण करके समाज के अच्छे नागरिक बन सकें। अध्यापकों द्वारा बच्चों को पढ़ाया जा रहा था। जिसमें पांच बच्चों को एक से सौ तक गिनती, दो बच्चों को वर्णमाला का ज्ञान व पहाड़े याद हैं। अध्यापक पूरी लगन के साथ बच्चों को पढ़ा रहे हैं इसके लिए बीआरसी सुरेश नैन ने अध्यापकों को सराहनीय कार्य करने की बधाई दी तथा कहा यह कार्य परमार्थ और समाज हित का कार्य है। सभी बच्चों को और लग्न के साथ पढऩे और साफ-सफाई के लिए प्रेरित किया।
विज्ञापन