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कोरोना वैक्सीन लगाने के चक्कर में जिले में घट गए दो हजार स्वास्थ्य कर्मचारी-अधिकारी
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कोरोना वैक्सीन लगवाता युवक। संवाद
- फोटो : Jind
जिला स्वास्थ्य विभाग की सूची में पहले स्वास्थ्य कर्मचारियों, अधिकारियों की संख्या आठ हजार थी, लेकिन अब उनकी संख्या घटकर छह हजार हो गई है। यही हाल फ्रंट लाइन वर्कर का है। स्वास्थ्य विभाग ने इस सूची में छंटनी करके आंकड़े सही करने की बात कह रहा है। स्वास्थ्य विभाग सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों, अधिकारियों और फ्रंट लाइन वर्कर को पहली डोज लगाकर अपना लक्ष्य पूरा करने की बात कह रहा है।
जिले में कोरोना वैक्सीन लगाने का अभियान 16 जनवरी से शुरू हुआ था। सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मचारियों और अधिकारियों को वैक्सीन लगाई जानी थी। स्वास्थ्य विभाग ने अपने यहां तैनात सभी कर्मचारियों और अधिकारियों की सूची तैयार करने के बाद निजी अस्पताल के संचालकों से उनकी सूची मांगी। कुल मिलाकर जिले में लगभग आठ हजार स्वास्थ्य कर्मचारियों और अधिकारियों की सूची तैयार की गई। अब स्वास्थ्य विभाग ने लगभग छह हजार स्वास्थ्य कर्मचारियों और अधिकारियों को वैक्सीन की पहली डोज लगा कर सभी को पहली डोज लगाने की बात कह रहा है। इसी प्रकार फ्रंट लाइन वर्कर की सूची में सात हजार लोगों के नाम थे। अब साढ़े पांच हजार लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लगाकर सभी का टीकाकरण होने दावा कर रहा है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि निजी अस्पताल संचालकों ने पहले अपने कर्मचारियों की सूची गलत दी थी। उसे ठीक करने पर छह हजार के आसपास कर्मचारी व अधिकारी रह गए हैं। इसी प्रकार जिला प्रशासन ने फ्रंट लाइन वर्कर में सरपंचों, पंचों व इनसे जुड़े कर्मचारियों व अधिकारियों के नाम भेज दिए थे। अब इस सूची को संशोधित किया गया तो इनमें केवल साढ़े पांच हजार लोग रह गए हैं। कुल मिलाकर स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों व फ्रंट लाइन वर्कर का अपना टारगेट पूरा कर लिया है।
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दो महीने पहले जारी किए थे स्वास्थ्य कर्मचारियों को नोटिस
दो महीने पहले सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने सभी सरकारी व निजी स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों को नोटिस जारी करके अभी तक वैक्सीन न लगवाने के पीछे कारण पूछा था। इसका सीधा मतलब है कि जिले में काफी स्वास्थ्य कर्मचारी या अधिकारी बिना वैक्सीन के रह गए हैं। इसका किसी ने कोई जवाब नहीं दिया।
फ्रंट लाइन वर्कर व स्वास्थ्य कर्मचारियों का डाटा सार्वजनिक नहीं कर रहा स्वास्थ्य विभाग
स्वास्थ्य विभाग से जब जिले में कुल कितने स्वास्थ्य कर्मचारियों या अधिकारियों को वैक्सीन लगाने के बारे में जानना चाहा तो डाटा ठीक करने की बात कही गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कहा गया कि अभी सही डाटा नहीं बता सकते क्योंकि डाटा में अभी छंटनी की जा रही है। कुछ लोगों ने गलत डाटा स्वास्थ्य विभाग को भेज दिया था लेकिन इतना जरूर है कि जिले के सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों, अधिकारियों व फ्रंट लाइन वर्कर को पहली डोज लग चुकी है।
1630 को लगी पहली डोज
रविवार को जिले में 1630 लोगों को पहली तथा 589 को दूसरी डोज लगाई गई। 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के 1131 को पहली तथा 294 को दूसरी डोज लगाई गई। 45 से 60 वर्ष आयु वर्ग के 338 को पहली तथा 179 को दूसरी डोज लगाई गई। 60 वर्ष से अधिक आयु के 161 लोगों को पहली तथा 116 को दूसरी डोज लगाई गई।
अब तक जिले में लगी वैक्सीन
वर्ग का नाम पहली दूसरी डोज
हेल्थ वर्कर पता नहीं पता नहीं
फ्रंट लाइन वर्कर पता नहीं पता नहीं
18 से 44 वर्ष 206821 27623
45 से 60 वर्ष 101913 41340
60 वर्ष से अधिक 82309 38686
कुछ निजी अस्पताल संचालकों ने अपने वर्कर का डाटा गलत दिया था। इसी कारण इनकी संख्या अधिक हो गई थी। अब यह डाटा ठीक किया जा रहा है, जिसमें छंटनी के बाद लगभग छह हजार हेल्थ वर्कर रह गए हैं। इन सभी को पहली डोज लग चुकी है। इसी प्रकार फ्रंट लाइन वर्कर में भी काफी विभागों के कर्मचारियों व अधिकारियों को शामिल किया गया था। इनकी भी छंटनी की जा रही है। इनकी संख्या साढ़े पांच हजार के आसपास रह गई है। जिले में लगातार वैक्सीन लगाई जा रही है। -डॉ. नवनीत सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
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जिले में कोरोना वैक्सीन लगाने का अभियान 16 जनवरी से शुरू हुआ था। सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मचारियों और अधिकारियों को वैक्सीन लगाई जानी थी। स्वास्थ्य विभाग ने अपने यहां तैनात सभी कर्मचारियों और अधिकारियों की सूची तैयार करने के बाद निजी अस्पताल के संचालकों से उनकी सूची मांगी। कुल मिलाकर जिले में लगभग आठ हजार स्वास्थ्य कर्मचारियों और अधिकारियों की सूची तैयार की गई। अब स्वास्थ्य विभाग ने लगभग छह हजार स्वास्थ्य कर्मचारियों और अधिकारियों को वैक्सीन की पहली डोज लगा कर सभी को पहली डोज लगाने की बात कह रहा है। इसी प्रकार फ्रंट लाइन वर्कर की सूची में सात हजार लोगों के नाम थे। अब साढ़े पांच हजार लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लगाकर सभी का टीकाकरण होने दावा कर रहा है।
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स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि निजी अस्पताल संचालकों ने पहले अपने कर्मचारियों की सूची गलत दी थी। उसे ठीक करने पर छह हजार के आसपास कर्मचारी व अधिकारी रह गए हैं। इसी प्रकार जिला प्रशासन ने फ्रंट लाइन वर्कर में सरपंचों, पंचों व इनसे जुड़े कर्मचारियों व अधिकारियों के नाम भेज दिए थे। अब इस सूची को संशोधित किया गया तो इनमें केवल साढ़े पांच हजार लोग रह गए हैं। कुल मिलाकर स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों व फ्रंट लाइन वर्कर का अपना टारगेट पूरा कर लिया है।
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दो महीने पहले जारी किए थे स्वास्थ्य कर्मचारियों को नोटिस
दो महीने पहले सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने सभी सरकारी व निजी स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों को नोटिस जारी करके अभी तक वैक्सीन न लगवाने के पीछे कारण पूछा था। इसका सीधा मतलब है कि जिले में काफी स्वास्थ्य कर्मचारी या अधिकारी बिना वैक्सीन के रह गए हैं। इसका किसी ने कोई जवाब नहीं दिया।
फ्रंट लाइन वर्कर व स्वास्थ्य कर्मचारियों का डाटा सार्वजनिक नहीं कर रहा स्वास्थ्य विभाग
स्वास्थ्य विभाग से जब जिले में कुल कितने स्वास्थ्य कर्मचारियों या अधिकारियों को वैक्सीन लगाने के बारे में जानना चाहा तो डाटा ठीक करने की बात कही गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कहा गया कि अभी सही डाटा नहीं बता सकते क्योंकि डाटा में अभी छंटनी की जा रही है। कुछ लोगों ने गलत डाटा स्वास्थ्य विभाग को भेज दिया था लेकिन इतना जरूर है कि जिले के सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों, अधिकारियों व फ्रंट लाइन वर्कर को पहली डोज लग चुकी है।
1630 को लगी पहली डोज
रविवार को जिले में 1630 लोगों को पहली तथा 589 को दूसरी डोज लगाई गई। 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के 1131 को पहली तथा 294 को दूसरी डोज लगाई गई। 45 से 60 वर्ष आयु वर्ग के 338 को पहली तथा 179 को दूसरी डोज लगाई गई। 60 वर्ष से अधिक आयु के 161 लोगों को पहली तथा 116 को दूसरी डोज लगाई गई।
अब तक जिले में लगी वैक्सीन
वर्ग का नाम पहली दूसरी डोज
हेल्थ वर्कर पता नहीं पता नहीं
फ्रंट लाइन वर्कर पता नहीं पता नहीं
18 से 44 वर्ष 206821 27623
45 से 60 वर्ष 101913 41340
60 वर्ष से अधिक 82309 38686
कुछ निजी अस्पताल संचालकों ने अपने वर्कर का डाटा गलत दिया था। इसी कारण इनकी संख्या अधिक हो गई थी। अब यह डाटा ठीक किया जा रहा है, जिसमें छंटनी के बाद लगभग छह हजार हेल्थ वर्कर रह गए हैं। इन सभी को पहली डोज लग चुकी है। इसी प्रकार फ्रंट लाइन वर्कर में भी काफी विभागों के कर्मचारियों व अधिकारियों को शामिल किया गया था। इनकी भी छंटनी की जा रही है। इनकी संख्या साढ़े पांच हजार के आसपास रह गई है। जिले में लगातार वैक्सीन लगाई जा रही है। -डॉ. नवनीत सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी