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Jind News: प्राइमरी स्कूल के दो शिक्षकों पर भ्रष्टाचार का आरोप
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22जेएनडी21: जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को स्कूल के दो अध्यापकों के खिलाफ शिकायत सौंपते हुए स
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। किशनपुरा स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में दो शिक्षकों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। अनियमितताओं के संबंध में स्कूल प्रबंधन कमेटी ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।
एसएमसी के सदस्यों रीना देवी, मनीषा, ज्योति, जगीर, राजबीर ने कहा कि जेबीटी शिक्षक राजेश खर्ब ने मिड-डे मील वर्कर के जरिये ईएसएचएम पर आरोप लगवाए। दूसरी ओर वह खुद कभी समय पर स्कूल में नहीं आते। कक्षाएं लेने में कोताही बरतते हैं। बच्चों को नकल करवाते हैं। पिछले दस साल में सिर्फ तीन साल की बच्चों को पढ़ाया है। बाकी का रिकॉर्ड प्राइमरी हेड व प्राइमरी अध्यापकों के सहयोग से फर्जी बनवाया।
एसएमसी ने जांच की तो पाया कि मिड-डे मिल वर्कर सुनिता की शिकायतें झूठी थीं। आरोपी शिक्षक ने 2022-23, 2023-24 में शिक्षण कार्य नहीं किया। स्कूल में करवाए गए काम के बदले शिक्षक ने मजदूर को मिड-डे मील में से गेहूं का कट्टा दे दिया। मौजूदा मुख्याध्यापक के यहां आने से पहले पाउडर में खीर बनाने, सफेद छोले, राजमा, मूंग की दाल कभी नहीं बनाने जैसी शिकायतें की गईं।
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एसएमसी ने एक और शिक्षक सतपाल पर मिड-डे मील वर्कर की अनियमितताओं पर मौन सहमति देने का आरोप लगाया है। कमेटी की जांच के बाद भी मिड-डे मील कुक काे नहीं हटाया गया। ऐसे में इन सभी पर कार्रवाई होनी चाहिए। बिना पढ़ाए लिए गए वेतन से रिकवरी की जाए।
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जींद। किशनपुरा स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में दो शिक्षकों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। अनियमितताओं के संबंध में स्कूल प्रबंधन कमेटी ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।
एसएमसी के सदस्यों रीना देवी, मनीषा, ज्योति, जगीर, राजबीर ने कहा कि जेबीटी शिक्षक राजेश खर्ब ने मिड-डे मील वर्कर के जरिये ईएसएचएम पर आरोप लगवाए। दूसरी ओर वह खुद कभी समय पर स्कूल में नहीं आते। कक्षाएं लेने में कोताही बरतते हैं। बच्चों को नकल करवाते हैं। पिछले दस साल में सिर्फ तीन साल की बच्चों को पढ़ाया है। बाकी का रिकॉर्ड प्राइमरी हेड व प्राइमरी अध्यापकों के सहयोग से फर्जी बनवाया।
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एसएमसी ने जांच की तो पाया कि मिड-डे मिल वर्कर सुनिता की शिकायतें झूठी थीं। आरोपी शिक्षक ने 2022-23, 2023-24 में शिक्षण कार्य नहीं किया। स्कूल में करवाए गए काम के बदले शिक्षक ने मजदूर को मिड-डे मील में से गेहूं का कट्टा दे दिया। मौजूदा मुख्याध्यापक के यहां आने से पहले पाउडर में खीर बनाने, सफेद छोले, राजमा, मूंग की दाल कभी नहीं बनाने जैसी शिकायतें की गईं।
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एसएमसी ने एक और शिक्षक सतपाल पर मिड-डे मील वर्कर की अनियमितताओं पर मौन सहमति देने का आरोप लगाया है। कमेटी की जांच के बाद भी मिड-डे मील कुक काे नहीं हटाया गया। ऐसे में इन सभी पर कार्रवाई होनी चाहिए। बिना पढ़ाए लिए गए वेतन से रिकवरी की जाए।