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सोनीपत के बुटाना में दो पुलिसकर्मियों की हत्या

Wed, 01 Jul 2020 12:07 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jul 2020 12:07 AM IST
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Two policemen killed in Sonipatke Butana
सोनीपत जिला के बुटाना में दो पुलिसकर्मियों की हत्या
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एसपीओ कप्तान सिंह के पिता ने देश के लिए लड़ी हैं तीन लड़ाइयां
बुढ़ाखेड़ा गांव निवासी रविंद्र एक दिन पहले ही घर आकर भाई को अच्छे से पढ़ाई करने के लिए दे गया था संदेश
मेडिकल कॉलेज खानपुर में हुआ शवों का पोस्टमार्टम, दिन भर इंतजार करते रहे लोग
धर्मवीर निडाना/ संजय कुमार
जींद/ सफीदों । सोनीपत जिले के बुटाना गांव में जींद जिले के रहने वाले दो पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी गई। इससे दोनों पुलिसकर्मियों के गांव सहित पूरे क्षेत्र में माहौल गमगीन है। घटना से लोग इस कद्र क्षुब्ध रहे कि पुलिसकर्मी कप्तान सिंह के गांव कलावती व रविंद्र सिंह के गांव बुढ़ाखेड़ा में मंगलवार सुबह चूल्हा तक नहीं जला।
रविंद्र सिंह व कप्तान सिंह सोमवार दोपहर दो बजे ड्यूटी पर गए थे। रात डेढ़ बजे बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। बदमाशों द्वारा हत्या करने की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीण और रिश्तेदारी उनके घर पहुंचने लगे। वहीं दोनों शवों का पोस्टमार्टम खानपुर मेडिकल कॉलेज में हुआ, जिसके बाद मंगलवार दोपहर बाद शव गांव लाए गए और शाम पांच बजे अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान पुलिस की टुकड़ियों ने उन्हें सलामी दी।
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कलावती गांव निवासी सिपाही कप्तान सिंह (42) के पिता जिले सिंह सेना से सेवानिवृत्त हैं। कप्तान सिंह उनका इकलौता बेटा था। कप्तान सिंह औद्योगिक पुलिस में नौकरी पर लगा था, लेकिन बाद में उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। इसके बाद करीब दो साल पहले फिर से वह पुलिस में भर्ती हो गया। कप्तान सिंह की ड्यूटी बुटाना चौकी पर लगी थी। कप्तान सिंह का एक बेटा अंकित है, जिसने 11वीं कक्षा पास की है। वहीं बुढ़ाखेड़ा गांव निवासी रविंद्र का छोटा भाई अंकुश ही बाइक पर उसे कलावती छोड़कर गया था। यहां से रविंद्र व कप्तान सिंह को रात की ड्यूटी करनी थी, इसके लिए वे दोपहर बाद चौकी गए थे। दोनों को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि यह उनकी ड्यूटी की अंतिम रात होगी।
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बेटे से वापस आने की कह कर गया था कप्तान
कप्तान के बेटे अंकित ने बताया कि सोमवार दोपहर उसके पिता ड्यूटी पर गए थे। मंगलवार को नहरी पानी का वार था। खेतों में सिंचाई के लिए मंगलवार को आने की कह कर गए थे। कप्तान करीब तीन एकड़ की खेती खुद ही करता था।
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बूढ़े मां-बाप के अलावा चार बहनों का सहारा था कप्तान
कप्तान के पिता जिले सिंह सेना से सेवानिवृत्त हैं। घर में पिता के अलावा बूढ़ी मां व 16 साल का बेटा और पत्नी हैं। इसके अलावा कप्तान की चार बहनें हैं। कप्तान सिंह चारों बहनों से बेहद प्यार करता था। बहनों को भी अपने भाई से खासा लगाव था, लेकिन एक ही झटके में पूरे परिवार का सहारा चला गया।
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कप्तान की हत्या से ग्रामीण दुखी
कप्तान के घर पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि कप्तान से शरीफ व समझदार युवक उनके गांव में और कोई नहीं था। यदि दो लोगों के बीच में भी झगड़ा हुआ तो कप्तान खुद बीच में आकर उसको सुलझा देता था। इसके चलते पूरे गांव को कप्तान की मौत का बेहद दुख है।
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पिता की तरह बेटा भी बढ़ा गया गौरव
कप्तान सिंह के पिता जिले सिंह भारतीय सेना में रहे हैं। उन्होंने देश के लिए 1962, 1965 व 1971 की लड़ाई लड़ी हैं। इसके कारण उनका नाम गांव के गौरव पट्ट पर स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया है। अपने पिता की तरह ही कप्तान सिंह भी अपने फर्ज पर कुर्बान होकर गौरव बढ़ा गए।
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रविंद्र सिंह ने भाई को कहा था अच्छे से पढ़ना, मेरी तहर सेटल हो जाएगा
रविंद्र के परिजनों ने बताया कि बुढ़ाखेड़ा गांव निवासी सिपाही रविंद्र सोमवार को ही घर आया था। इस दौरान रविंद्र सिंह ने अपने छोटे भाई से कहा था कि ‘अच्छे से पढ़ाई करना मेरी तरह लाइफ बन जाएगी तू भी सेटल हो जाएगा।’ यह कहकर रविंद्र दोपहर करीब दो सिपाही कप्तान सिंह के पास गया था।
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रविंद्र था पूरे परिवार की आस
बुढ़ाखेड़ा गांव निवासी रविंद्र की मां की करीब दस साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। उस समय रविंद्र 15 साल का था। रविंद्र खुद अविवाहित था। उससे छोटी बहन और भाई हैं। रविंद्र के पिता भीम सिंह ने खेती करके अपने बेटे को पढ़ाया। इसके बाद रविंद्र 2017 में पुलिस में भर्ती हो गया। रविंद्र का छोटे भाई अंकुश अब 12वीं कक्षा पास कर चुका है। वहीं बहन ने बीए पास कर जेबीटी की हुई है। रविंद्र सिंह पूरे परिवार की आस था।
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एसएसपी बोले ड्यूटी के प्रति बहुत गंभीर थे रविंद्र और कप्तान
अंतिम संस्कार के दौरान गांव बुढ़ाखेड़ा पहुंचे सोनीपत के एसएसपी जश्नदीप सिंह रंधावा ने परिजनों को बताया कि रविंद्र और कप्तान सिंह ड्यूटी के प्रति बेहद गंभीर थे। रात के समय कभी भी ड्यूटी में लापरवाही नहीं करते थे। हालांकि पहले भी सूचना थी कि यह क्षेत्र रात के समय सुरक्षित नहीं है। इसके बावजूद रात को दोनों जवानों ने अपनी ड्यूटी की। घायल होने के बावजूद दोनों ने अपने फोन से सूचना देने का प्रयास किया है।

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भारत माता की जय व वीर शहीदों के जयकारों से गूंजा गांव
कोरोना महामारी को देखते हुए हालांकि अधिक लोगों के एकत्रित होने से बचा गया, लेकिन कलावती गांव में कप्तान सिंह की मौत पर काफी गुस्सा व जोश देखा गया। इस दौरान लोग एक-दूसरे से दूरी बनाकर भारत माता की जय व शहीद कप्तान जिंदाबाद के नारों से आसमान गूूंज उठा।
फोटो नंबर
30जेएनडी 10: रविंद्र के घर पर पहुंचे ग्रामीण व रिश्तेदार।
30जेएनडी 11: रविंद्र के परिजनों को ढांढस बंधाते ग्रामीण।
30जेएनडी 12: जानकारी देते रविंद्र का भाई।
30जेएनडी 13: कप्तान सिंह की फाइल फोटो।
30जेएनडी 14: रविंद्र का फाइल फोटो।
30जेएनडी 15: कप्तान के घर पर विलाप करते परिजन।
30जेएनडी 16: कप्तान सिंह के बेटे अंकित को हौसला देते दोस्त। 30जेएनडी 17: कलावती गांव में लगे गौरव पट पर अंकित कप्तान सिंह के पिता के गौरव का वर्णन।
30जेएनडी 18: कप्तान सिंह को सलामी देते पुलिस के जवान।
30जेएनडी 33: रविंद्र के अंतिम दर्शन करते उसके दादा।
30जेएनडी 34 कलावती गांव में कप्तान सिंह के घर पहुंच कर ढांढस बंधाते सफीदों के पूर्व विधायक जसबीर देशवाल।
30जेएनडी 35: रविंद्र का फाइल फोटो।
30जेएनडी36: बुढ़ाखेड़ा गांव में पहुंचे सोनीपत के एसएसपी व सफीदों के आईपीएस अधिकारी अजीत सिंह शेखावत।
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