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Jind News: दो चिकित्सकों ने छोड़ी नौकरी, उपचार में संकट
Sat, 20 Apr 2024 03:35 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 20 Apr 2024 03:35 AM IST
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19जेएनडी15 : नागरिक अस्पताल में रजिस्ट्रेशन के लिए लगी मरीजों की लंबी लाइन। संवाद
जींद। पिछले साल नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों की संख्या बढ़ने से लोगों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन एक साल में ही चिकित्सकों का संकट फिर से गहरा गया है। 200 बेड के नागरिक अस्पताल के लिए 55 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में 24 चिकित्सक ही काम कर रहे हैं। एक बाल रोग विशेषज्ञ तथा पोस्टमार्टम विशेषज्ञ ने नौकरी छोड़ दी है। बाल रोग विशेषज्ञ ने जींद में ही अपना अस्पताल खोल लिया है, जबकि पोस्टमार्टम विशेषज्ञ दिल्ली चले गए हैं। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या लगातार कम होने से मरीजों को पेरशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को इमरजेंसी को 24 घंटे चलाने में मशक्कत करनी पड़ रही है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की ड्यूटी इमरजेंसी वार्ड में लगाने के कारण ओपीडी प्रभावित हो रही है।
इमरजेंसी वार्ड 24 घंटे चलाने में छूट रहे पसीने
नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड को 24 घंटे चलाने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं। इसके अलावा एक चिकित्सक को प्रतिदिन जेल में ड्यूटी पर भेजा जाता है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी लगाकर काम चलाया जा रहा है। इस कारण इनकी ओपीडी प्रभावित हो रही है। मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. संकल्प की ओपीडी में 150 से अधिक मरीज प्रतिदिन आते हैं। जिस दिन उनकी इमरजेंसी में ड्यूटी लगाती है, ओपीडी प्रभावित हो जाती है। अब पोस्टमार्टम विशेषज्ञ डॉ. विनोद के नौकरी छोड़ने से पोस्टमार्टम के लिए भी एक चिकित्सक की ड्यूटी लगाने का संकट पैदा हो गया है। फील्ड से तीन चिकित्सक बुलाकर इमरजेंसी सेवाएं चलाई जा रही हैं।
विशेषज्ञों व चिकित्सकों की कमी के बावजूद भी मरीजों को बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं। दो चिकित्सक अस्पताल छोड़कर चले गए हैं। स्वास्थ्य निदेशालय से समय-समय पर चिकित्सकों तथा अन्य कर्मचारियों की मांग की जाती है। अगर चिकित्सकों की कमी की मांग पूरी हो जाए तो और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं जिले के लोगों को मिल सकती हैं। -डॉ. गोपाल गोयल, सिविल सर्जन।
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इमरजेंसी वार्ड 24 घंटे चलाने में छूट रहे पसीने
नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड को 24 घंटे चलाने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं। इसके अलावा एक चिकित्सक को प्रतिदिन जेल में ड्यूटी पर भेजा जाता है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी लगाकर काम चलाया जा रहा है। इस कारण इनकी ओपीडी प्रभावित हो रही है। मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. संकल्प की ओपीडी में 150 से अधिक मरीज प्रतिदिन आते हैं। जिस दिन उनकी इमरजेंसी में ड्यूटी लगाती है, ओपीडी प्रभावित हो जाती है। अब पोस्टमार्टम विशेषज्ञ डॉ. विनोद के नौकरी छोड़ने से पोस्टमार्टम के लिए भी एक चिकित्सक की ड्यूटी लगाने का संकट पैदा हो गया है। फील्ड से तीन चिकित्सक बुलाकर इमरजेंसी सेवाएं चलाई जा रही हैं।
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विशेषज्ञों व चिकित्सकों की कमी के बावजूद भी मरीजों को बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं। दो चिकित्सक अस्पताल छोड़कर चले गए हैं। स्वास्थ्य निदेशालय से समय-समय पर चिकित्सकों तथा अन्य कर्मचारियों की मांग की जाती है। अगर चिकित्सकों की कमी की मांग पूरी हो जाए तो और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं जिले के लोगों को मिल सकती हैं। -डॉ. गोपाल गोयल, सिविल सर्जन।

19जेएनडी15 : नागरिक अस्पताल में रजिस्ट्रेशन के लिए लगी मरीजों की लंबी लाइन। संवाद
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