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Jind News: पॉक्सो एक्ट मामले में दो आरोपी सबूतों के अभाव में बरी
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जींद। पॉक्सो एक्ट के मामले में एडिशनल सेशन जज जयबीर सिंह की अदालत ने आरोपी पंकज और साहिल को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। अदालत ने पाया कि पुलिस मामले में ठोस सबूत पेश नहीं कर सकी। इसके आधार पर दोनों आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, उचाना थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने 24 दिसंबर 2024 को एफआईआर दर्ज कराई थी। महिला ने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी नरवाना क्षेत्र के एक गुरुकुल में बीकॉम प्रथम वर्ष की छात्रा है। जब वह वर्ष 2023 में 12वीं कक्षा में आरोही स्कूल में पढ़ती थी तब गांव के ही साहिल और पंकज पर उसके साथ छेड़छाड़ की और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी।
आरोप था कि आरोपी वीडियो कॉल के जरिये अभद्र बातचीत करते थे। परिजनों के मुताबिक, इससे तंग आकर 17 वर्षीय छात्रा ने 30 दिसंबर 2024 को नशीला पदार्थ निगल लिया था हालांकि समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई थी।
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मामले में उचाना थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को नामजद कर उनके खिलाफ पोक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इसके बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ सबूत एकत्रित कर अदालत में पेश किए लेकिन अदालत ने ठोस सबूत नहीं मिलने पर दोनों आरोपियों को बरी कर दिया।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, उचाना थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने 24 दिसंबर 2024 को एफआईआर दर्ज कराई थी। महिला ने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी नरवाना क्षेत्र के एक गुरुकुल में बीकॉम प्रथम वर्ष की छात्रा है। जब वह वर्ष 2023 में 12वीं कक्षा में आरोही स्कूल में पढ़ती थी तब गांव के ही साहिल और पंकज पर उसके साथ छेड़छाड़ की और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी।
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आरोप था कि आरोपी वीडियो कॉल के जरिये अभद्र बातचीत करते थे। परिजनों के मुताबिक, इससे तंग आकर 17 वर्षीय छात्रा ने 30 दिसंबर 2024 को नशीला पदार्थ निगल लिया था हालांकि समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई थी।
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मामले में उचाना थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को नामजद कर उनके खिलाफ पोक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इसके बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ सबूत एकत्रित कर अदालत में पेश किए लेकिन अदालत ने ठोस सबूत नहीं मिलने पर दोनों आरोपियों को बरी कर दिया।