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Jind News: फर्जी दस्तावेज से बैंक से लाखों रुपये लोन लेने के दो आरोपी काबू
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जींद। रेलवे रोड सफीदों स्थित कारपोरेशन बैंक ऑफ इंडिया से फर्जी कागजात तैयार करके लाखों रुपये का लोन लेकर न चुकाने के मामले में पुलिस ने गांव मुआना के सुरेंद्र सिंह और चंद्रशेखर को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बैंक में जमीन की फर्जी जमाबंदी, गिरदावरी देकर जमीन पर अन्य लोन होने की बात छुपाकर लाखों रुपये का ऋण लिया था। पुलिस ने आरोपियों को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। दोनों से पूछताछ की जाएगी।
कारपोरेशन बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक दीनदयाल ने चार फरवरी 2022 को थाना शहर सफीदों पुलिस को शिकायत दी थी कि मुआना के कर्ण सिंह और सुरेंद्र सिंह ने दस लाख रुपये का कृषि लोन लेने के लिए बैंक में आवेदन किया था। कर्णसिंह और सुरेंद्र ने जो जमाबंदी दिखाई थी, उसके अनुसार वह गांव मुआना में 52 कनाल 13 मरले जमीन के मालिक थे। जमाबंदी पटवारी द्वारा हस्ताक्षर थी और रिकॉर्ड के अनुसार जमीन पर पहले से किसी बैंक का लोन बकाया नहीं था। दोनों आरोपियों ने बैंक की सभी कागजी कार्रवाई पूरी की और सभी रिपोर्टों के आधार पर दावा किया कि उनकी जमीन पर कोई लोन नहीं है। इसके बाद उन्होंने बैंक से दस लाख रुपये का लोन लिया जो 14 फरवरी 2017 को बैंक की तरफ से वितरित किया गया। इस बाद लंबे समय तक आरोपियों ने लोन नहीं लौटाया। बैंक ने जांच की तो पता चला कि आरोपियों ने कोटेक महिंद्रा बैंक असंध से 70 लाख रुपये का भी लोन लिया हुआ है, जिसका उनके रिकॉर्ड में कोई जिक्र नहीं था। आरोपियों ने बैंक के साथ धोखाधड़ी की है। बैंक मैनेजर की शिकायत पर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
बॉक्स
फर्जी तरीके से 14.80 लाख रुपये लिए थे लोन
दूसरे मामले में बैंक मैनेजर दीनदयाल ने बताया कि मुआना निवासी धूम सिंह व उसके लड़के चंद्रशेखर ने बैंक में लोन के लिए आवेदन किया था। आरोपियों ने खुद को 351 कनाल और सात मरला जमीन का मालिक बताया था। उन्होंने जमाबंदी भी पेश की। रिकॉर्ड के अनुसार जमीन पर कोई कर्ज नहीं था। सभी कागजात पूरे कर बैंक से उन्होंने 14 लाख 80 हजार रुपये की केसीसी फर्जी तरीके से प्राप्त की। उन्होंने समय पर लोन नहीं चुकाया। इसके बाद जांच में सामने आया कि उक्त जमीन पर ओबीसी मुआना से लोन लिया हुआ है। आरोपियों की जमीन 48 कनाल दो मरले सात लाख 37 हजार 997 रुपये के लोन की एवज में पहले ही ओबीसी बैंक मुआना द्वारा अटैच की हुई है। आरोपी धूमसिंह उसकी मां रेशमा देवी, प्रवीण व चंद्रशेखर ने मिलकर एचडीएफसी बैंक नरवाना से 19 लाख 10 हजार रुपये लोन लिया हुआ है, जिसमें नौ लाख 60 हजार की बढ़ोतरी भी कराई हुई है। आरोपियों ने जिसका बैंक के सामने किसी प्रकार का जिक्र नहीं किया। बैंक के साथ फर्जी दस्तावेज के माध्यम से 14 लाख 80 हजार रुपये के सीसी लोन लेकर धोखाधड़ी की थी।
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वर्जन
पुलिस ने बैंक मैनेजर की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ थाना शहर सफीदों में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। मामला जब आर्थिक अपराध शाखा के संज्ञान में आया तो उन्होंनेे मुआना गांव के सुरेंद्र सिंह और चंद्रशेखर को काबू कर उन्हें अदालत पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया है।-प्रेमसिंह, इंचार्ज, आर्थिक अपराध शाखा, जींद।
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कारपोरेशन बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक दीनदयाल ने चार फरवरी 2022 को थाना शहर सफीदों पुलिस को शिकायत दी थी कि मुआना के कर्ण सिंह और सुरेंद्र सिंह ने दस लाख रुपये का कृषि लोन लेने के लिए बैंक में आवेदन किया था। कर्णसिंह और सुरेंद्र ने जो जमाबंदी दिखाई थी, उसके अनुसार वह गांव मुआना में 52 कनाल 13 मरले जमीन के मालिक थे। जमाबंदी पटवारी द्वारा हस्ताक्षर थी और रिकॉर्ड के अनुसार जमीन पर पहले से किसी बैंक का लोन बकाया नहीं था। दोनों आरोपियों ने बैंक की सभी कागजी कार्रवाई पूरी की और सभी रिपोर्टों के आधार पर दावा किया कि उनकी जमीन पर कोई लोन नहीं है। इसके बाद उन्होंने बैंक से दस लाख रुपये का लोन लिया जो 14 फरवरी 2017 को बैंक की तरफ से वितरित किया गया। इस बाद लंबे समय तक आरोपियों ने लोन नहीं लौटाया। बैंक ने जांच की तो पता चला कि आरोपियों ने कोटेक महिंद्रा बैंक असंध से 70 लाख रुपये का भी लोन लिया हुआ है, जिसका उनके रिकॉर्ड में कोई जिक्र नहीं था। आरोपियों ने बैंक के साथ धोखाधड़ी की है। बैंक मैनेजर की शिकायत पर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
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फर्जी तरीके से 14.80 लाख रुपये लिए थे लोन
दूसरे मामले में बैंक मैनेजर दीनदयाल ने बताया कि मुआना निवासी धूम सिंह व उसके लड़के चंद्रशेखर ने बैंक में लोन के लिए आवेदन किया था। आरोपियों ने खुद को 351 कनाल और सात मरला जमीन का मालिक बताया था। उन्होंने जमाबंदी भी पेश की। रिकॉर्ड के अनुसार जमीन पर कोई कर्ज नहीं था। सभी कागजात पूरे कर बैंक से उन्होंने 14 लाख 80 हजार रुपये की केसीसी फर्जी तरीके से प्राप्त की। उन्होंने समय पर लोन नहीं चुकाया। इसके बाद जांच में सामने आया कि उक्त जमीन पर ओबीसी मुआना से लोन लिया हुआ है। आरोपियों की जमीन 48 कनाल दो मरले सात लाख 37 हजार 997 रुपये के लोन की एवज में पहले ही ओबीसी बैंक मुआना द्वारा अटैच की हुई है। आरोपी धूमसिंह उसकी मां रेशमा देवी, प्रवीण व चंद्रशेखर ने मिलकर एचडीएफसी बैंक नरवाना से 19 लाख 10 हजार रुपये लोन लिया हुआ है, जिसमें नौ लाख 60 हजार की बढ़ोतरी भी कराई हुई है। आरोपियों ने जिसका बैंक के सामने किसी प्रकार का जिक्र नहीं किया। बैंक के साथ फर्जी दस्तावेज के माध्यम से 14 लाख 80 हजार रुपये के सीसी लोन लेकर धोखाधड़ी की थी।
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पुलिस ने बैंक मैनेजर की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ थाना शहर सफीदों में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। मामला जब आर्थिक अपराध शाखा के संज्ञान में आया तो उन्होंनेे मुआना गांव के सुरेंद्र सिंह और चंद्रशेखर को काबू कर उन्हें अदालत पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया है।-प्रेमसिंह, इंचार्ज, आर्थिक अपराध शाखा, जींद।