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गो आधारित जैविक मॉडल से जुड़ सकेंगे हजारों किसान : छिकारा

Fri, 29 Aug 2025 02:57 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 29 Aug 2025 02:57 AM IST
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Thousands of farmers will be able to join the cow-based organic model: Chikara
-फोटो 59 : प्रशिक्षण वर्ग बैठक में मौजूद भारतीय किसान संघ से जुड़े पदाधिकारी, किसान व अन्य। विज्
बहादुरगढ़। भारतीय किसान संघ की बादली खंड की ग्राम समितियों के प्रशिक्षण वर्ग की बैठक खंड अध्यक्ष अशोक गुलिया की अध्यक्षता में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर फ्लावर्स कल्टीवेशन ओर वेजिटेबल सीड प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी मुनीमपुर में संपन्न हुई। इसमें भारतीय किसान संघ प्रदेशाध्यक्ष सतीश छिकारा, संभाग संगठन मंत्री मोहिंदर सिंह, जिलाध्यक्ष धर्मवीर गुलिया, मुनीमपुर सेंटर इंचार्ज डाॅ. सुरेश कुमार, बहादुरगढ़ खंड अध्यक्ष वेद सिंह सुहाग उपस्थित रहे।
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संभाग संगठन मंत्री मोहिंदर सिंह ने भारतीय किसान संघ के संगठन के बारे विस्तार से रीति नीति व कार्यपद्धति के बारे बताया। उन्होंने कहा कि संघ की देश के गांव तक लगभग 60 लाख की सदस्यता है और इस साल के अंत तक 1 करोड़ का लक्ष्य है।
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डाॅ. सुरेश कुमार ने किसानों को सेंटर की ओर से दी जा रही सुविधाओं के बारे में बताया। सेंटर में इजरायल की तकनीकी पर किसानों की लिए बीज से सब्जियों व फूलों की पौध तैयार की जाती है, जिसकी तैयार करने की कीमत 1.20 से 1.40 रुपए प्रति पौध होती है।
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बीज किसान का होता हैं और किसान के पौध लगाने के बाद 1.00 रुपया प्रति पौध सब्सिडी के रूप में किसान को वापिस मिल जाता है। इससे किसान का समय भी बचता है और पौधे भी नहीं मरते। किसान अपने खेत में ज्यादा और अगेती फसल उगा सकता है जिससे उसके लाभ में बढ़ोतरी होती है।
प्रदेशाध्यक्ष सतीश छिकारा ने बताया कि किसानों को गो आधारित जैविक खेती करनी चाहिए और भारतीय किसान संघ इसके लिए प्रदेश के सभी जिलों में एक मॉडल गो आधारित जैविक खेती करने का बनवाने की मंशा रखता है और इस की शुरुआत झज्जर जिले के डाबोदा खुर्द गांव से हो चुकी हैं।
इस मॉडल में संलिप्त जमीन किले नंबर के हिसाब से जीआई टैग होगी और मिट्टी, पानी और उत्पाद की जांच का रिजल्ट वेबसाइट पर सभी को दिखेगा ताकि इसका उत्पाद सर्टिफिकेट द्वारा बिके। उन्होंने बताया कि इसके 4 आयाम होंगे। जिनमें प्रोडक्शन करना, ऑन लाइन ऑफलाइन मार्केटिंग करना, प्रोसेसिंग करना व किसानों को जैविक की ट्रेनिंग देना।
उन्होंने बताया कि इस तरह के जैविक मॉडलों के लिए सरकार से भी सिंगल विंडो के तहत अनुदान देने बारे प्रस्ताव रखा जाएगा ताकि गरीब ओर छोटा किसान भी इस मॉडल से जुड़ सके। जिलाध्यक्ष धर्मवीर गुलिया ने आए हुए सभी अतिथियों और करीब 15 गांव की ग्राम समितियों के प्रतिनिधियों का आभार जताया।

इस मौके पर जिला जैविक प्रमुख रमेश कटारिया, खंड उपाध्यक्ष दयाकिशन बाढ़सा, खंड मंत्री ज्ञान सिंह बादली, खंड सह मंत्री मुकेश, प्रदीप, सतबीर, सुरेश, प्रकाश, अजीत, सोनू, हरकेश, मनु, कृष्ण, संसार, बलबीर, आनंद, चांद सिंकुलदीप सहित अनेक ग्राम समितियों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
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