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बाल विवाह करवाने वालों की खैर नहीं : डीसी
Fri, 10 May 2024 03:05 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 10 May 2024 03:05 AM IST
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09जेएनडी31-बाल विवाह के प्रति जागरूक करती महिला एवं बाल विकास अधिकारी कांता यादव। स्रोत प्रशासन
जींद। अक्षय तृतीया पर जिले में बाल विवाह करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। बाल विवाह करवाने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्त कार्रवाई अमल में लाएगा। इसी कड़ी में डीसी मोहम्मद इमरान रजा के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग ने शहर में विभिन्न विवाह स्थल, मंदिर, गुरुद्वारा का दौरा किया और इनके संचालकों को दंपती के आयु प्रमाण-पत्र देखने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि दस मई को अक्षय तृतीया है। इस दिन बाल विवाह अधिक संख्या में होने संभावित हैं जो कि एक दंडनीय अपराध की श्रेणी में आते हैं। कोई भी व्यक्ति जो बाल विवाह करवाता है, उसको बढ़ावा देता है, या करने में उसकी किसी भी प्रकार से सहायता करता है, उसे दो साल तक की कैद या एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। बाल विवाह रोकने के लिए डीसी मोहम्मद इमरान रजा के आदेशानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी कांता यादव और संरक्षण अधिकारी सुनीता वीरवार को शहर के गुरुद्वारे, मैरिज पैलेस, मंदिर व अन्य विवाह स्थलों पर पंहुचे। इनमे मुख्य रूप से मोहित दालमवाला होटल, अभिषेक पैराडाइस होटल, जतिन रैक्सन होटल, साहिल सागर रिसोर्ट, भीम सिंह उत्सव होटल, पंडित राजेश शर्मा हनुमान मंदिर, श्री गुरविंदर गुरुद्वारा जींद तथा नागेश्वर मंदिर शामिल थे। उन्होंने निर्देश दिए कि उनके यहां पर अक्षय तृतीया पर होने वाले विवाहों के दंपतियों के आयु प्रमाण-पत्रों की जांच करें। वहीं दूसरी ओर महिला अधिकारियों ने महिला थाना का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वहां पर मौजूद पंचायत प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे गांव में बाल विवाह न होने दें। अपने आस-पास होने वाले विवाह में लडक़-लडक़ी की आयु के बारे में जरूर जानकारी लें। बाल विवाह को रोकने में ग्राम पंचायत व प्रबुद्ध लोगों को सहयोग व जागरूक होना जरूरी है।
अक्षय तृतीया के पवित्र दिन अनगिनत शादियां होती है। इस दिन बाल विवाह की संभावना भी होती है। बाल विवाह करवाना कानूनी रूप से अपराध के साथ-साथ सामाजिक बुराई है। विवाह समारोह की निगरानी के लिए विभिन्न विभागों को निर्देश जारी किए हैं। ऐसा कोई मामला आता है तो बाल विवाह करवाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मोहम्मद इमरान रजा, डीसी जींद
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अक्षय तृतीया के पवित्र दिन अनगिनत शादियां होती है। इस दिन बाल विवाह की संभावना भी होती है। बाल विवाह करवाना कानूनी रूप से अपराध के साथ-साथ सामाजिक बुराई है। विवाह समारोह की निगरानी के लिए विभिन्न विभागों को निर्देश जारी किए हैं। ऐसा कोई मामला आता है तो बाल विवाह करवाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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मोहम्मद इमरान रजा, डीसी जींद

09जेएनडी31-बाल विवाह के प्रति जागरूक करती महिला एवं बाल विकास अधिकारी कांता यादव। स्रोत प्रशासन
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