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Jind News: अलेवा अनाज मंडी में उठान को लेकर ट्रांसपोर्टर और आढ़तियों में ठनी
Thu, 16 Apr 2026 12:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 16 Apr 2026 12:12 AM IST
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15जेएनडी13: अलेवा अनाज मंडी में बैठक में भाग लेते आढ़ती। स्रोत आढती
जींद। अलेवा अनाज मंडी में गेहूं के बैगों के उठान को लेकर व्यापारी एसोसिएशन और ट्रांसपोर्टर के बीच विवाद हो गया। बुधवार को आढ़तियों ने ट्रांसपोर्टर पर उठान बंद करने और बेवजह परेशान करने का आरोप लगाते हुए डीआरओ और मार्केट कमेटी सचिव को लिखित शिकायत दी।
विवाद के चलते दो दिनों से मंडी में गेहूं का उठान बंद है जिससे किसानों के भुगतान में भी देरी हो रही है। व्यापारियों ने प्रशासन को अवगत कराया कि मंडी में एजेंसियों द्वारा खरीदे गए गेहूं के उठान के लिए सरकार ने सुशील एंड कंपनी को अधिकृत किया है। आढ़तियों का आरोप है कि ट्रांसपोर्टर अनाधिकृत तरीके से गेहूं के बैगों का तौल चेक करता है और वजन में कमी के लिए उन पर दबाव बनाते हुए बदसलूकी करते हैं।
एसोसिएशन ने बताया कि हैफेड द्वारा मंडी में लगभग एक लाख 35 हजार गेहूं के बैगों की खरीद की जा चुकी है लेकिन ट्रांसपोर्टर के अड़ियल रवैये के कारण अब तक 23 हजार बैगों का ही उठान हो पाया है। आढ़तियों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो मंडी में जाम की स्थिति पैदा हो जाएगी।
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ट्रांसपोर्टर सुशील एंड कंपनी ने कहा कि मंडी से गोदाम तक जाने वाले ट्रकों में गेहूं के वजन में भारी कमी आ रही है। पिछले वर्ष भी तौल की इस कमी के कारण कंपनी को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा था। ट्रांसपोर्टर का कहना है कि वे केवल नियमानुसार सही तौल के साथ माल उठाना चाहते हैं और इस संबंध में आढ़तियों से सहयोग की अपेक्षा की गई थी जिसे गलत रूप दिया जा रहा है।
फिलहाल मंडी में लाखों बैग खुले आसमान के नीचे पड़े हैं और किसान अपनी फसल के उठान और भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। अब देखना होगा कि मार्केट कमेटी और प्रशासनिक अधिकारी इस गतिरोध को खत्म करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
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विवाद के चलते दो दिनों से मंडी में गेहूं का उठान बंद है जिससे किसानों के भुगतान में भी देरी हो रही है। व्यापारियों ने प्रशासन को अवगत कराया कि मंडी में एजेंसियों द्वारा खरीदे गए गेहूं के उठान के लिए सरकार ने सुशील एंड कंपनी को अधिकृत किया है। आढ़तियों का आरोप है कि ट्रांसपोर्टर अनाधिकृत तरीके से गेहूं के बैगों का तौल चेक करता है और वजन में कमी के लिए उन पर दबाव बनाते हुए बदसलूकी करते हैं।
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एसोसिएशन ने बताया कि हैफेड द्वारा मंडी में लगभग एक लाख 35 हजार गेहूं के बैगों की खरीद की जा चुकी है लेकिन ट्रांसपोर्टर के अड़ियल रवैये के कारण अब तक 23 हजार बैगों का ही उठान हो पाया है। आढ़तियों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो मंडी में जाम की स्थिति पैदा हो जाएगी।
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ट्रांसपोर्टर सुशील एंड कंपनी ने कहा कि मंडी से गोदाम तक जाने वाले ट्रकों में गेहूं के वजन में भारी कमी आ रही है। पिछले वर्ष भी तौल की इस कमी के कारण कंपनी को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा था। ट्रांसपोर्टर का कहना है कि वे केवल नियमानुसार सही तौल के साथ माल उठाना चाहते हैं और इस संबंध में आढ़तियों से सहयोग की अपेक्षा की गई थी जिसे गलत रूप दिया जा रहा है।
फिलहाल मंडी में लाखों बैग खुले आसमान के नीचे पड़े हैं और किसान अपनी फसल के उठान और भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। अब देखना होगा कि मार्केट कमेटी और प्रशासनिक अधिकारी इस गतिरोध को खत्म करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।