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तीन घंटे तक कोरोना वैक्सीन का वेब पोर्टल बंद रहा, फिर भी लोग लाइनों में लगे रहे
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नागरिक अस्पताल के पीपी सेंटर में पोर्टल बंद होने के बाद भी टीका लगवाने के लिए लाइन में लगे लोग। सं
- फोटो : Jind
जिले में दोपहर साढ़े 12 बजे कोरोना वैक्सीन वेब पोर्टल जवाब दे गया। यह समस्या पूरे देश में बताई जा रही है। नागरिक अस्पताल के पीपी सेंटर में जिस समय पोर्टल बंद हुआ था उस समय काफी संख्या में लोग लाइनों में खड़े थे। लगभग चार बजे वेब पोर्टल शुरू हो गया। इससे पहले काफी संख्या में लाइनों में लगे लोग इंतजार करके अपने घर जा चुके थे।
कोरोना वैक्सीन लगाने से पहले लोगों का पूरा डाटा ऑनलाइन किया जाता है। पहले यह रजिस्ट्रेशन लोग स्वयं अपने मोबाइल या लैपटॉप से करते थे। इस समय वैक्सीन सेंटर पर ही लाकर यह डाटा ऑनलाइन करवाया जा रहा है। इसके लिए सभी वैक्सीन केंद्र पर कंप्यूटर ऑपरेटर लगाए गए हैं। जब कंप्यूटर ऑपरेटर डाटा ऑनलाइन कर देता है तो उसके बाद ही वैक्सीन लगाई जाती है। दोपहर साढ़े 12 बजे जिले में यह ऑनलाइन वेब पोर्टल जवाब दे गया। ऑनलाइन का कार्य बंद होने के कारण किसी भी व्यक्ति को वैक्सीन नहीं लगाई जा सकी। वहीं ऑफलाइन वैक्सीन लगाने पर प्रतिबंध है। ऑनलाइन डाटा एंट्री बंद होने के बाद नागरिक अस्पताल के पीपी सेंटर में लोग लंबी लाइनों में लगे रहे। काफी समय तक लोग पोर्टल के फिर से शुरू होने का इंतजार करते रहे, लेकिन वह 3 बजे तक भी शुरू नहीं हो सका। इसके बाद धीरे-धीरे लोग घरों को लौट गए। लगभग 4 बजे वेब पोर्टल शुरू हो पाया। इसके बाद इक्का-दुक्का लोगों को ही वैक्सीन लग पाई।
वेब पोर्टल में कुछ परेशानी आ गई थी। यह पूरे देश में थी। लगभग 4 बजे वेब पोर्टल शुरू हो पाया। वह उच्च अधिकारियों के साथ संपर्क में थे। वेब पोर्टल शुरू होने के बाद काफी लोगों को वैक्सीन लगाई गई है। डॉ. नवनीत सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।
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कोरोना वैक्सीन लगाने से पहले लोगों का पूरा डाटा ऑनलाइन किया जाता है। पहले यह रजिस्ट्रेशन लोग स्वयं अपने मोबाइल या लैपटॉप से करते थे। इस समय वैक्सीन सेंटर पर ही लाकर यह डाटा ऑनलाइन करवाया जा रहा है। इसके लिए सभी वैक्सीन केंद्र पर कंप्यूटर ऑपरेटर लगाए गए हैं। जब कंप्यूटर ऑपरेटर डाटा ऑनलाइन कर देता है तो उसके बाद ही वैक्सीन लगाई जाती है। दोपहर साढ़े 12 बजे जिले में यह ऑनलाइन वेब पोर्टल जवाब दे गया। ऑनलाइन का कार्य बंद होने के कारण किसी भी व्यक्ति को वैक्सीन नहीं लगाई जा सकी। वहीं ऑफलाइन वैक्सीन लगाने पर प्रतिबंध है। ऑनलाइन डाटा एंट्री बंद होने के बाद नागरिक अस्पताल के पीपी सेंटर में लोग लंबी लाइनों में लगे रहे। काफी समय तक लोग पोर्टल के फिर से शुरू होने का इंतजार करते रहे, लेकिन वह 3 बजे तक भी शुरू नहीं हो सका। इसके बाद धीरे-धीरे लोग घरों को लौट गए। लगभग 4 बजे वेब पोर्टल शुरू हो पाया। इसके बाद इक्का-दुक्का लोगों को ही वैक्सीन लग पाई।
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वेब पोर्टल में कुछ परेशानी आ गई थी। यह पूरे देश में थी। लगभग 4 बजे वेब पोर्टल शुरू हो पाया। वह उच्च अधिकारियों के साथ संपर्क में थे। वेब पोर्टल शुरू होने के बाद काफी लोगों को वैक्सीन लगाई गई है। डॉ. नवनीत सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।
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