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Jind News: 15 जून को मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे सूर्य, बुधादित्य योग से बढ़ेगा शुभ प्रभाव
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12जेएनडी18: पं. सत्यनारायण शांडिल्य।
उचाना। ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या के दिन 15 जून को अधिकमास की समाप्ति के साथ सूर्य मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषाचार्य एवं ग्रह गोचर विशेषज्ञ पं. सत्यनारायण शांडिल्य के अनुसार सूर्य का यह राशि परिवर्तन कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आ रहा है। उन्होंने बताया कि सूर्य के मिथुन राशि में प्रवेश को मिथुन संक्रांति कहा जाता है और इसका ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व है।
पं. शांडिल्य ने बताया कि जिस माह में संक्रांति नहीं होती, उसे अधिकमास कहा जाता है। अधिकमास की समाप्ति पर सूर्य का मिथुन राशि में प्रवेश विशेष फलदायी माना जाता है। मिथुन राशि बुध ग्रह की राशि है और यहां सूर्य के आगमन से बुधादित्य योग का निर्माण होगा।
इसके साथ ही सूर्य पर पड़ रही शनि की अशुभ दृष्टि का प्रभाव भी समाप्त हो जाएगा, जिससे कई क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सूर्य 16 जुलाई तक मिथुन राशि में विराजमान रहेंगे।
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उन्होंने कहा कि इस गोचर का प्रभाव केवल व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शासन, प्रशासन और आर्थिक गतिविधियों पर भी देखने को मिलेगा। सरकारी नीतियों में बदलाव, नई योजनाओं के क्रियान्वयन तथा व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।
संचार, मीडिया, विपणन, लेखन और शिक्षा से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है। मिथुन राशि बुद्धि, संवाद और तर्क क्षमता की राशि मानी जाती है, इसलिए यह गोचर निर्णय क्षमता और रचनात्मक सोच को भी मजबूत करेगा।
पं. शांडिल्य के अनुसार सूर्य का मिथुन राशि में प्रवेश विशेष रूप से मेष, सिंह, कन्या और मकर राशि के जातकों के लिए लाभकारी रहेगा। इन राशियों के लोगों को लगभग एक माह तक आर्थिक, सामाजिक और व्यावसायिक क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति आएगी और सोच-समझकर बनाई गई योजनाओं के सफल होने की प्रबल संभावना रहेगी।
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पं. शांडिल्य ने बताया कि जिस माह में संक्रांति नहीं होती, उसे अधिकमास कहा जाता है। अधिकमास की समाप्ति पर सूर्य का मिथुन राशि में प्रवेश विशेष फलदायी माना जाता है। मिथुन राशि बुध ग्रह की राशि है और यहां सूर्य के आगमन से बुधादित्य योग का निर्माण होगा।
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इसके साथ ही सूर्य पर पड़ रही शनि की अशुभ दृष्टि का प्रभाव भी समाप्त हो जाएगा, जिससे कई क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सूर्य 16 जुलाई तक मिथुन राशि में विराजमान रहेंगे।
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उन्होंने कहा कि इस गोचर का प्रभाव केवल व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शासन, प्रशासन और आर्थिक गतिविधियों पर भी देखने को मिलेगा। सरकारी नीतियों में बदलाव, नई योजनाओं के क्रियान्वयन तथा व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।
संचार, मीडिया, विपणन, लेखन और शिक्षा से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है। मिथुन राशि बुद्धि, संवाद और तर्क क्षमता की राशि मानी जाती है, इसलिए यह गोचर निर्णय क्षमता और रचनात्मक सोच को भी मजबूत करेगा।
पं. शांडिल्य के अनुसार सूर्य का मिथुन राशि में प्रवेश विशेष रूप से मेष, सिंह, कन्या और मकर राशि के जातकों के लिए लाभकारी रहेगा। इन राशियों के लोगों को लगभग एक माह तक आर्थिक, सामाजिक और व्यावसायिक क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति आएगी और सोच-समझकर बनाई गई योजनाओं के सफल होने की प्रबल संभावना रहेगी।