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Jind News: कंडम होने के बाद भी नहीं टूटा महिला कॉलेज का खंडहर हॉस्टल
Thu, 20 Feb 2025 01:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 20 Feb 2025 01:40 AM IST
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19जेएनडी02: राजकीय महिला कॉलेज में खंडहर हुआ हॉस्टल जिसको गिरवाने की कॉलेज प्रशासन मांग कर रहा
- फोटो : katra
जींद। राजकीय महिला कॉलेज में बने हॉस्टल को कंडम घोषित कराकर गिरवाने की मंजूरी फाइलों में घूम रही है। 100 कमरों के इस हॉस्टल के बाहर कॉलेज प्रशासन ने चेतावनी बोर्ड भी लगाया हुआ है, ताकि लड़कियां इसकी तरफ न जाएं। इसके लेंटर से मलबा गिरने के कारण कभी भी हादसा हो सकता है।
हॉस्टल को कंडम घोषित कराने की मांग लंबे समय से चल रही है, लेकिन इसकी फाइलें विभाग में ही अटकी हुई है। महिला कॉलेज प्रबंधन हॉस्टल को गिरवाकर यहां पर आर्ट्स ब्लॉक या खेल का मैदान बनवाना चाहता है, ताकि छात्राओं को खेल की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके। जानकारी के अनुसार यह हॉस्टल 1976 में शुरू हुआ था। यह 1988 तक चला। उस समय राजकीय पीजी कॉलेज के विद्यार्थी इसमें रहते थे।
इसके बाद दो वर्ष तक हॉस्टल में अन्य गतिविधियां विभिन्न विभागों ने करवाई। 1990 के बाद यह हॉस्टल पूरी तरह से बंद पड़ा है। इसको बंद हुए 35 साल हो चुके हैं। इसका कोई प्रयोग नहीं हुआ। अब इसकी हालात पूरी तरह से खस्ता है। सभी खिड़की व दरवाजों के अलावा लेंटर से मलबा टूटकर गिर रहा है। इसके कारण कॉलेज प्रशासन को यहां पर छात्राओं के साथ हादसा होने का भी डर बना रहता है। खस्ता हालात और देखभाल नहीं होने के कारण यहां पर झाड़ और घास आदि उग गया है। इसमें सांप, बिच्छु जैसे जहरीले जीव भी छात्राओं के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं।
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हॉस्टल को कंडम घोषित कराने की मांग लंबे समय से चल रही है, लेकिन इसकी फाइलें विभाग में ही अटकी हुई है। महिला कॉलेज प्रबंधन हॉस्टल को गिरवाकर यहां पर आर्ट्स ब्लॉक या खेल का मैदान बनवाना चाहता है, ताकि छात्राओं को खेल की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके। जानकारी के अनुसार यह हॉस्टल 1976 में शुरू हुआ था। यह 1988 तक चला। उस समय राजकीय पीजी कॉलेज के विद्यार्थी इसमें रहते थे।
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इसके बाद दो वर्ष तक हॉस्टल में अन्य गतिविधियां विभिन्न विभागों ने करवाई। 1990 के बाद यह हॉस्टल पूरी तरह से बंद पड़ा है। इसको बंद हुए 35 साल हो चुके हैं। इसका कोई प्रयोग नहीं हुआ। अब इसकी हालात पूरी तरह से खस्ता है। सभी खिड़की व दरवाजों के अलावा लेंटर से मलबा टूटकर गिर रहा है। इसके कारण कॉलेज प्रशासन को यहां पर छात्राओं के साथ हादसा होने का भी डर बना रहता है। खस्ता हालात और देखभाल नहीं होने के कारण यहां पर झाड़ और घास आदि उग गया है। इसमें सांप, बिच्छु जैसे जहरीले जीव भी छात्राओं के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं।
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