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जितना मान सम्मान जजपा में, इतना कांग्रेस व अन्य दलों में नहीं : मदन धानक
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24जेएनडी28: पार्टी से नाराज चल रहे मदन धानक मंच पर आकर रोकर पार्टी में मिले मान सम्मान के बारे
जींद। हिसार में पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला व सीआईए विवाद के बाद विधानसभा चुनाव के दौरान रुठे कार्यकर्ता भी आगे आए हैं। शुक्रवार को जिले में कार्यकर्ताओं की बैठक लेने पहुंचे दुष्यंत चौटाला को कार्यकर्ता मदन धानक भी बैठ में मिले जो विधानसभा चुनाव में पार्टी को छोड़ गए थे। अब मदन दोबारा दुष्यंत चौटाला के साथ खड़े नजर आए।
मदन धानक ने कहा कि पार्टी में आपसी विरोध के कारण वह दूर हुए थे लेकिन उनके मन में पार्टी के प्रति प्यार कम नहीं हुआ। जितना मान सम्मान व कार्यकर्ता की पहचान जजपा में मिलती है। इतनी कांग्रेस व अन्य दलों में नहीं। यह बात उन्होंने मंच पर आकर रोते हुए कही।
उन्होंने कहा कि जब से यह विवाद सुन तो रहा नहीं गया। अब वह बाकि की लड़ाई दुष्यंत चौटाला के साथ मिलकर लड़ेंगे। इसके लिए अपने समाज व अन्य रुठे कार्यकर्ताओं को मनाकर वह लड़ाई लड़ेंगे।
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दुष्यंत चौटाला को पार्टी गठन से लेकर अब तक हर लड़ाई में जिले से मिली सफलता
दुष्यंत चौटाला को इनेलो से निष्काषित करने के बाद जींद में आकर हर बार मजबूती मिली। उन्होंने पार्टी से अलग होने के बाद पहली जनसभा ढाबा पार्क में की थी। इस दौरान हजारों लोगों ने आशीर्वाद दिया। इसके बाद हुडा ग्राउंड में उन्होंने पार्टी के गठन की घोषणा की थी। यह भी उनकी सबसे मजबूत जनसभाओं में गिनती हुई। इसके बाद पार्टी के नाम की घोषणा पिंडारा रैली में की गई। इससे बड़ी जींद में किसी भी राजनीतिक दल की रैली पहले नहीं हुई। अब फिर इस विवाद में दुष्यंत चौटाला ने जींद से पुराने अंदाज में साथ देने की मांग की है। हालांकि जींद की जनता जिस भी पार्टी का साथ देती है। उसको शीर्ष तक लेकर जाती है। पिछले चुनाव में दुष्यंत चौटाला के भाजपा के साथ जाने से खफा जिला के लोगों ने उनको बदले में करारी हार भी दी। अब पुराने रंग में आने के लिए दुष्यंत चौटाला लोगों से संपर्क बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
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मदन धानक ने कहा कि पार्टी में आपसी विरोध के कारण वह दूर हुए थे लेकिन उनके मन में पार्टी के प्रति प्यार कम नहीं हुआ। जितना मान सम्मान व कार्यकर्ता की पहचान जजपा में मिलती है। इतनी कांग्रेस व अन्य दलों में नहीं। यह बात उन्होंने मंच पर आकर रोते हुए कही।
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उन्होंने कहा कि जब से यह विवाद सुन तो रहा नहीं गया। अब वह बाकि की लड़ाई दुष्यंत चौटाला के साथ मिलकर लड़ेंगे। इसके लिए अपने समाज व अन्य रुठे कार्यकर्ताओं को मनाकर वह लड़ाई लड़ेंगे।
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दुष्यंत चौटाला को पार्टी गठन से लेकर अब तक हर लड़ाई में जिले से मिली सफलता
दुष्यंत चौटाला को इनेलो से निष्काषित करने के बाद जींद में आकर हर बार मजबूती मिली। उन्होंने पार्टी से अलग होने के बाद पहली जनसभा ढाबा पार्क में की थी। इस दौरान हजारों लोगों ने आशीर्वाद दिया। इसके बाद हुडा ग्राउंड में उन्होंने पार्टी के गठन की घोषणा की थी। यह भी उनकी सबसे मजबूत जनसभाओं में गिनती हुई। इसके बाद पार्टी के नाम की घोषणा पिंडारा रैली में की गई। इससे बड़ी जींद में किसी भी राजनीतिक दल की रैली पहले नहीं हुई। अब फिर इस विवाद में दुष्यंत चौटाला ने जींद से पुराने अंदाज में साथ देने की मांग की है। हालांकि जींद की जनता जिस भी पार्टी का साथ देती है। उसको शीर्ष तक लेकर जाती है। पिछले चुनाव में दुष्यंत चौटाला के भाजपा के साथ जाने से खफा जिला के लोगों ने उनको बदले में करारी हार भी दी। अब पुराने रंग में आने के लिए दुष्यंत चौटाला लोगों से संपर्क बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।