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Jind News: रेलवे स्टेशन पर हाइड्रोजन गैस प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू

Thu, 08 Dec 2022 11:51 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 08 Dec 2022 11:51 PM IST
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The process of setting up a hydrogen gas plant at the railway station has started.
रेलवे जंक्शन के पास जगह, जहां हाईड्रोजन गैस प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। संवाद - फोटो : Jind
जींद। रेलवे जंक्शन पर हाइड्रोजन गैस प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह प्लांट वर्ष 2023 के आखिरी में बनकर तैयार हो जाएगा। इस प्लांट के बनने से ट्रेन के इंजनों में यही गैस भरी जाएगी। इसको लेकर रेलवे अधिकारियों ने पिछले सप्ताह जंक्शन के पास की जगह निरीक्षण किया था। इसमें चीफ इंजीनियर ने स्थानीय अधिकारियों को मार्च तक साइट तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जिसमें साइट की चारदीवारी और जमीन समतल करने को कहा है।
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जल्द ही इस प्लांट लगाने को लेकर टेंडर लगाया जाएगा और फिर निर्माण प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। साइट तैयार करने के बाद प्लांट के निर्माण में 2023 में नवंबर, दिसंबर तक का समय लगेगा। लागत को लेकर स्थिति टेंडर के बाद स्पष्ट होगी। इससे पहले रेलवे बोर्ड की टीम प्रदेश के कई स्टेशनों का भी दौरा कर चुकी थी, लेकिन कहीं जगह नहीं मिल पाई थी। इसके बाद रेलवे टीम जींद पहुंची थी। हालांकि हाइड्रोजन गैस प्लांट शुरुआती दौर में सोनीपत में लगाया जाना था लेकिन टीम को जंक्शन के आसपास गैस प्लांट लगाने के लिए जगह ही नहीं मिली। इसके बाद रेलवे बोर्ड की टीम को जींद जंक्शन का दौरा किया जिसमें गैस प्लांट लगाने के लिए जगह मिल गई। हाइड्रोजन गैस प्लांट लगने के बाद पूरे देश में यहीं से गैस की सप्लाई होगी। फिलहाल फ्यूल सेल पॉवर्ड हाइब्रिड ट्रैक्शन सिस्टम से चलने वाले इंजन कम ही हैं। हाइड्रोजन गैस प्लांट लगने के बाद ऐसे इंजनों की संख्या बढ़ जाएगी, क्योंकि हाइड्रोजन गैस की लागत कम है जबकि रेलवे को डीजल पर ज्यादा खर्च आता है। इसका असर यह होगा कि रेलवे को इसका काफी फायदा होगा और पैसे भी बचेंगे, वहीं डीजल से उठने वाले धुएं पर भी रोक लग जाएगी। वातावरण भी साफ तथा स्वच्छ रहेगा।
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क्या होता है डीएमयू इंजन
डीएमयू (डीजल मल्टीपल यूनिट) है। इस ट्रेन के आगे लगा इंजन चलते समय प्रदूषण नहीं फैलाता है। यह इंजन धुआं रहित होता है। वहीं इस इंजन की आवाज दूसरे डीजल इंजनों से कम होती है जो कि यह ध्वनि प्रदूषण भी नहीं करता है। जींद जंक्शन से वाया गोहाना होकर डीएमयू संचालित ट्रेन तीन चक्कर लगाती है, वहीं एक ट्रेन दिल्ली से वाया नरवाना होकर कुरुक्षेत्र चलती है।
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रेलवे का उद्देश्य जीरो कार्बन उत्सर्जन मिशन
हाइड्रोजन गैस से डीएमयू के इंजनों को संचालित किया जाएगा। फिलहाल जींद से सोनीपत चलने वाली डीएमयू रैक को फ्यूल सेल पॉवर्ड हाइब्रिड ट्रैक्शन सिस्टम से चलाया जा रहा है। इसमें हाइड्रोजन फ्यूल आधारित ट्रेन का संचालन करता है। रेलवे का उद्देश्य जीरो कार्बन उत्सर्जन मिशन के तहत डीएमयू रैक का संचालन करने वाले फ्यूल सेल पावर्ड हाइब्रिड ट्रैक्शन सिस्टम के इंजनों का ज्यादा प्रयोग करना है।

वर्जन
दिल्ली से रेलवे बोर्ड की टीम ने पिछले दिनों जींद जंक्शन का दौरा किया था। टीम ने जीआरपी थाना के पास जगह चयनित की है। वहां पर लगभग दो हजार मीटर एरिया में गैस प्लांट लगाया जाएगा।-जयप्रकाश, स्टेशन अधीक्षक, जींद जंक्शन।
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