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Jind News: उदासीनता का दंश झेल रहा पार्क
Tue, 20 May 2025 11:51 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 20 May 2025 11:51 PM IST
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20जेएनडी03- उचाना में नप की अनदेखी का शिकार होकर बदहाल हुआ पार्क। संवाद
उचाना। करीब 13 साल पहले बना उचाना कलां में पार्क बदहाली की मार झेल रहा है।
पार्क में न झूले है और न फव्वारे, लोगों के बैठने के लिए कोई जगह बनाई गई है। कई सालों से लोग पार्क में सुविधाओं को लेकर मांग करते आ रहे है।
27 मई 2012 में पार्क की सौगात उचाना कलां के लोगों को मिली थी। पार्क बनने के बाद यहां पर सुबह, शाम ग्रामीण सैर के लिए आने लगे थे। अब पार्क में सुविधाओं के अभाव के चलते लोग कम आते है। पार्क में फव्वारे लगाने सहित अन्य जो सुविधाएं होती हैं वह सभी सुविधाएं दी जानी थीं, लेकिन सुविधाएं मिलना तो दूर पार्क बदहाल हो गया है।
जन स्वास्थ्य विभाग ने कई साल तक पार्क की देखरेख की। अब पार्क की देखरेख का जिम्मा नगर पालिका के पास है। पगडंडियों के दोनों तरफ घास उगा है। पगडंडियां दिखाई तक नहीं देती है। पार्क में घास अधिक होने से कई बार तो सांप तक दिखाई दिए है। यहां पौधे तक भी नहीं लगाए गए।
सतीश, राजबीर और बलजीत ने कहा कि 13 साल पहले पार्क बना था। पार्क बनने के बाद लोगों को इसका फायदा होने लगा था। अब कई सालों से पार्क बदहाल हो चुका है। पार्क निरंतर बदहाल होता जा रहा है। बेसहारा पशु भी पार्क में कई बार घूस जाते हैं।
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पार्क के सुंदरीकरण को एस्टीमेट बना कर मंजूरी के लिए भेजा है। मंजूरी मिलते ही टेंडर लगाया जाएगा। -विकास काला, चेयरमैन, नगर पालिका
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पार्क में न झूले है और न फव्वारे, लोगों के बैठने के लिए कोई जगह बनाई गई है। कई सालों से लोग पार्क में सुविधाओं को लेकर मांग करते आ रहे है।
27 मई 2012 में पार्क की सौगात उचाना कलां के लोगों को मिली थी। पार्क बनने के बाद यहां पर सुबह, शाम ग्रामीण सैर के लिए आने लगे थे। अब पार्क में सुविधाओं के अभाव के चलते लोग कम आते है। पार्क में फव्वारे लगाने सहित अन्य जो सुविधाएं होती हैं वह सभी सुविधाएं दी जानी थीं, लेकिन सुविधाएं मिलना तो दूर पार्क बदहाल हो गया है।
जन स्वास्थ्य विभाग ने कई साल तक पार्क की देखरेख की। अब पार्क की देखरेख का जिम्मा नगर पालिका के पास है। पगडंडियों के दोनों तरफ घास उगा है। पगडंडियां दिखाई तक नहीं देती है। पार्क में घास अधिक होने से कई बार तो सांप तक दिखाई दिए है। यहां पौधे तक भी नहीं लगाए गए।
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सतीश, राजबीर और बलजीत ने कहा कि 13 साल पहले पार्क बना था। पार्क बनने के बाद लोगों को इसका फायदा होने लगा था। अब कई सालों से पार्क बदहाल हो चुका है। पार्क निरंतर बदहाल होता जा रहा है। बेसहारा पशु भी पार्क में कई बार घूस जाते हैं।
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पार्क के सुंदरीकरण को एस्टीमेट बना कर मंजूरी के लिए भेजा है। मंजूरी मिलते ही टेंडर लगाया जाएगा। -विकास काला, चेयरमैन, नगर पालिका