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विकास कार्यों में देरी और गड़बड़ी की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालते रहे अधिकारी

Fri, 27 Aug 2021 12:32 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 27 Aug 2021 12:32 AM IST
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The officials kept on putting the responsibility of delay and disturbances in development works on each other.
अधिकारियों के साथ मीटिंग करते भाजपा विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा। संवाद - फोटो : Jind
जींद विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर भाजपा विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने वीरवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पंचायती राज व शहर स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान विकास कार्यों में हो रही देरी व गड़बड़ियों को अधिकारी एक-दूसरे पर टालते रहे। इस पर विधायक काफी तल्ख होते हुए कहा कि अधिकारी ऐसे टाल रहे हैं, जैसे सास, बहू पर टालती है और बहू ननद पर। विधायक ने कहा कि बार-बार इस प्रकार के विषय आने से अधिकारियों का ही नाम खराब होता है, हमारी तो मिट्टी पलीत हो चुकी है। इस दौरान विधायक द्वारा उठाए गए मुद्दों पर पंचायती राज विभाग के अधिकारी जवाब नहीं दे पाए। इस पर अधिकारियों ने एक दिन का समय मांगा तो विधायक ने कहा कि दो दिन ले लो।
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विधायक ने सबसे पहले नगर परिषद के कामों की समीक्षा की। इस पर सबसे अधिक चर्चा अमरूत योजना पर ही हुई। इसमें नगर परिषद के एक्सईएन सुमित कुमार ने पूरी योजना की जानकारी दी और कहा कि 30 सितंबर तक ठेकेदार को काम पूरा करना है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ठेकेदार सुशील कुमार ने मीटिंग में कहा कि वे तय समय में काम पूरा कर देंगे।
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रोहतक रोड धंसने पर फिर उलझे अधिकारी, विधायक बोले सभी पर गिरेगी गाज
पिछले महीने बारिश के दौरान रोहतक रोड धंसने पर विधायक डॉ. मिड्ढा ने कहा कि जनस्वास्थ्य विभाग की लाइन में 40 जगह रिसाव हुआ है। इस पर जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन संजीव कुमार ने बताया कि यह लाइन तो पहले से डली हुई है। अब नगर परिषद की लाइन डलने के बाद दिक्कत आई तो इसकी जिम्मेदारी नगर परिषद की बनती है। इस पर विधायक ने कहा कि सभी पर गाज गिरेगी। सब्जेक्ट कमेटी इस पर फैसला करेगी। गौरतलब है कि शहर के विकास कार्यों को लेकर चार अगस्त को विधानसभा की सब्जेक्ट कमेटी निरीक्षण किया था।
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काम करते नहीं सिर्फ खीर खिलाते हो
भाजपा विधायक ने कहा कि जो ठेकेदार काम नहीं करते, उनके खिलाफ कार्रवाई करें। साथ ही काम की पूरी तरह से जांच होने के बाद भुगतान हो। उन्होंने कहा कि ठेकेदार काम करते नहीं, लेकिन खीर खिलाते हैं।
पंचायती राज विभाग की समीक्षा में प्रगति शून्य, गड़बड़ी की भी आशंका
मीटिंग के दौरान विधायक ने ग्रामीण क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों की भी समीक्षा की। जींद विधानसभा क्षेत्र में 36 गांव आते हैं। इस दौरान विधायक ने कहा कि पिछले एक साल में करीब 14 करोड़ रुपये की ग्रांट आ चुकी है, लेकिन अधिकारियों ने काम ही शुरू नहीं करवाए हैं।
एक करोड़ 33 लाख रुपये का हिसाब नहीं दे पाए अधिकारी
विधायक ने कहा कि पिछली मीटिंग में पंचायत फंड के दो करोड़ रुपये बताए गए थे, लेकिन इस बार महज 67 लाख रुपये हैं। पंचायतों का कार्यकाल पूरा हो चुका है। ऐसे में यह राशि कहां खर्च हुई। इस पर अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं था। विधायक ने गांव अनुसार राशि का विवरण पूछना शुरू किया, लेकिन अधिकारी खर्च की गई राशि की जानकारी नहीं दे पाए। इसके पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी राशि खर्च की गई है। अधिकारियों ने कहा कि इसके लिए एक दिन का समय चाहिए। बैंक से वास्तविक राशि की जानकारी ली जाएगी। विधायक ने कहा कि दो दिन ले लो। इस दौरान विधायक ने कहा कि उनके तीन बैंक खाते हैं। अपने तीनों खातों में पत्नी व बेटे के खाते में रखी राशि की उन्हें जानकारी है। विधायक ने कहा कि इसमें बड़ा खेल हुआ है। उन्हें यह भी पता है कि किसके कहने पर हुआ है।
क्या मेरे कहे काम नहीं करने का फैसला लिया है
मीटिंग में विधायक ने कहा कि उनके द्वारा कहे हुए काम नहीं किए जा रहे। क्या अधिकारियों ने तय किया है कि काम नहीं करेंगे। यदि ऐसा है तो बता दें, ताकि वे मुख्यमंत्री से बात कर सकें।
विकास कार्य शुरू करवाने पर कन्नी काटते रहते अधिकारी
ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों पर अधिकारी कन्नी काटते रहे। अधिकारियों ने कहा कि पांच लाख रुपये से अधिक की राशि के टेंडर होने होते हैं। इस पर मीटिंग में मौजूद जिला परिषद की सीईओ डॉ. किरण सिंह ने कहा कि सरकार ने यह तो नहीं कहा कि टेंडर मत करो। इस पर पंचायती राज विभाग के एक्सईएन व सीईओ के बीच काफी विवाद हुआ। वहीं विधायक ने घेरते हुए कहा कि 90 प्रतिशत काम पांच लाख रुपये से कम लागत के हैं। यह क्यों नहीं हुए। इस पर अधिकारी बगल झांकते नजर आए।
जेई व बीडीपीओ को लगाई फटकार
समीक्षा के दौरान भाजपा विधायक ने निर्जन गांव में एक गली व ब्राह्मण चौपाल की जानकारी मांगी। इस पर जेई अभिषेक ने कहा कि चौपाल नहीं बनाई जा सकती। यह जर्जर है और लोग कह रहे हैं कि वर्तमान चौपाल के ऊपर ही निर्माण के लिए कह रहे हैं। इस पर विधायक ने एक ग्रामीण को फोन किया और पूछा क्या चौपाल के ऊपर निर्माण की मांग की है। इस पर ग्रामीण ने मना कर दिया। ऐसे में विधायक ने जेई को फटकार लगाई। इसके अलावा रायचंद वाला गांव में बनने वाले महिला पार्क की समीक्षा में बीडीपीओ ओमप्रकाश ने बताया कि पार्क तैयार है। इस पर विधायक ने कहा कि वे दो दिन पहले ही गए थे। वहां कुछ नहीं था। इस पर उन्हें जल्द काम पूरा करने के लिए कहा।

हां अधिकारियों द्वारा काफी ढील बरती जा रही है। मीटिंग में सभी को तय समय में काम पूरा करने के लिए कहा गया है। अगले महीने फिर समीक्षा होगी। यदि अधिकारियों ने कार्यप्रणाली नहीं सुधारी तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। -डॉ. कृष्ण मिड्ढा, भाजपा विधायक।
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