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Jind News: राष्ट्रव्यापी हड़ताल से कामकाज और आवागमन हो सकता है प्रभावित

Thu, 12 Feb 2026 12:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Thu, 12 Feb 2026 12:16 AM IST
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The nationwide strike may affect work and traffic.
11जेएनडी13: स्वास्थ्यकर्मियों काे संबो​धित करते राममेहर वर्मा। स्रोत कर्मचारी - फोटो : डिजिटल लाइब्रेरी में पढ़ते विद्यार्थी।
जींद। 12 फरवरी को होने वाली सर्वकर्मचारी संघ के आह्वान पर देशव्यापी हड़ताल का असर जिलेभर में पड़ सकता है। विभिन्न कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर आयोजित हड़ताल में करीब दो हजार कर्मचारियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
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इसके चलते एक दर्जन से अधिक सरकारी विभागों में कामकाज प्रभावित हो सकता है। इससे आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हड़ताल का सबसे ज्यादा असर बिजली, स्वास्थ्य, जनस्वास्थ्य और रोडवेज विभागों पर पड़ने की आशंका है। बिजली निगम कार्यालयों में बिल जमा कराने, नए कनेक्शन, शिकायत निवारण और तकनीकी कार्य प्रभावित रहेंगे।
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वहीं जनस्वास्थ्य विभाग से जुड़े पानी आपूर्ति और रखरखाव के कार्यों में भी देरी हो सकती है। रोडवेज बस सेवा प्रभावित होने से यात्रियों को बसों के इंतजार में लंबा समय बिताना पड़ सकता है या वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है। इससे अतिरिक्त खर्च भी बढ़ेगा। इसके अलावा पटवार भवन, नगर पालिका, नगर परिषद, सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी, बीएसएनएल, एलआईसी और पीएनबी समेत कई कार्यालयों में नियमित कार्य बाधित रहने की संभावना है।
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प्रमाण पत्र बनवाने, फाइलों की मंजूरी, टैक्स जमा कराने, पेंशन व बीमा संबंधी कार्यों के लिए आने वाले लोगों को निराश लौटना पड़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को विशेष रूप से परेशानी झेलनी पड़ेगी, क्योंकि उन्हें लंबी दूरी तय कर कार्यालय पहुंचना पड़ता है।
स्वास्थ्य विभाग अधिकारी-कर्मचारी तालमेल कमेटी के नेता राजेश कालीरमण, मनीराम और ओमपाल ढांडा ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 31 दिसंबर 2025 के फैसले के बावजूद संविदा कर्मचारियों को नियमित नहीं किया गया है। अदालत ने दस वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को पक्का करने और बकाया वेतन ब्याज सहित देने के निर्देश दिए थे लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने इसे अदालत की अवमानना बताते हुए सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की। स्वास्थ्य कर्मियों ने स्पष्ट किया कि जनहित को ध्यान में रखते हुए आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी, ताकि गंभीर मरीजों को परेशानी न हो। इसके बावजूद ओपीडी और सामान्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रह सकती हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

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स्वास्थ्य कर्मचारियों ने भी शामिल होने का किया ऐलान


इसमें स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने भी हड़ताल में शामिल होने का ऐलान कर दिया है। बुधवार को सिविल सर्जन कार्यालय के सामने चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मचारियों ने गेट मीटिंग कर सरकार के खिलाफ रोष जताया और अपनी मांगों को लेकर संघर्ष तेज करने की चेतावनी दी। कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना की बहाली, समाप्त किए गए पदों को पुनर्जीवित करने तथा विभाग में कथित वित्तीय अनियमितताओं को खत्म करने की मांग दोहराई।
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