फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   The first hydrogen train will run from Jind to Sonipat in August

Jind News: जींद से सोनीपत के लिए अगस्त में दौड़ेगी पहली हाइड्रोजन ट्रेन

Sun, 06 Jul 2025 11:49 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 06 Jul 2025 11:49 PM IST
विज्ञापन
The first hydrogen train will run from Jind to Sonipat in August
06जेएनडी04-जंक्शन के पास चल रहा हाईड्रोजन प्लांट का निर्माण। संवाद
जींद। प्रदेश का जींद में बन रहा पहला हाइड्रोजन प्लांट के अगस्त महीने में पूरा होने की उम्मीद है। जिलावासियों को अभी इसके लिए इंतजार करना पड़ेगा। रेलवे की योजना इसे मई में पूरा करने की थी, लेकिन अभी तक प्लांट का 85 प्रतिशत काम हुआ है व 15 फीसदी काम होना बाकी है।
विज्ञापन


रेलवे जंक्शन पर 118 करोड़ रुपये की लागत से दो हजार मीटर एरिया में हाइड्रोजन गैस प्लांट का निर्माण चल रहा है। हाइड्रोजन गैस से चलने वाले ईंजन धुएं की बजाय भाप और पानी छोड़ेंगे, इसलिए इसमें धुआं नहीं निकलेगा। इसकी रफ्तार और यात्रियों को ले जाने की क्षमता भी डीजल ट्रेन के बराबर होगी।
विज्ञापन

यह ट्रेनें एक किलो हाइड्रोजन करीब साढ़े चार लीटर डीजल के बराबर माइलेज देंगी। वहीं, इन ट्रेनों का रखरखाव भी सस्ता होगा। इलेक्ट्रिक की तुलना में हाइड्रोजन ट्रेनें 10 गुना अधिक दूरी तय कर सकती हैं। ट्रेन 360 किलोग्राम हाइड्रोजन में 180 किमी का सफर करेगी। ट्रेन में दो पावर प्लांट होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

हाइड्रोजन से ट्रेन चलाने वाला भारत दुनिया का पांचवा देश होगा। इससे पहले फ्रांस, जर्मनी, स्वीडन और चीन देश में हाइड्रोजन से ट्रेन चल रही है। ईंधन सेल की लागत और रखरखाव भी कम खर्च वाला है। ट्रेनों में आवाज नहीं होगी, इसलिए इनमें यात्री आरामदायक सफर कर सकेंगे।
इसके निर्माण की डेडलाइन 31 मार्च 2025 थी, लेकिन तय समय तक निर्माण पूरा नहीं हो पाया। रेलवे अधिकारियों ने रेलवे के डीआरएम को 20 मई तक प्लांट में हाइड्रोजन उत्पादन शुरू हो जाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हो पाया है।

बॉक्स

फिलहाल सीएनजी से चल रही है जींद-सोनीपत रूट पर ट्रेन

हाइड्रोजन प्लांट में जो गैस बनेगी, उससे पहली ट्रेन जींद और सोनीपत के बीच चलाई जाएगी। इससे ट्रेन के संचालन की लागत काफी कम हो जाएगी। फिलहाल इस रूट पर ट्रेन सीएनजी से चल रही है। ट्रेनों को बिजली, डीजल और सीएनजी की बजाय बहुत कम लागत वाली हाइड्रोजन गैस से चलाना केंद्र सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। हालांकि हाइड्रोजन प्लांट का निर्माण अब तेजी से चल रहा है। इसे बनाने वाली कंपनी इसमें सुरक्षा का पूरा इंतजाम कर रही है। चेन्नई में बन रही ट्रेन को जींद लाया जाएगा। इसके बाद ट्रेन का ट्रायल लिया जाएगा और उसके बाद सुचारू रूप से जींद से सोनीपत के बीच आवागमन शुरू हो जाएगा।

बॉक्स

प्लांट में भंडारण होगी तीन हजार किमी हाइड्रोजन

हाइड्रोजन प्लांट में जमीन के नीचे भंडारण तैयार किया गया है। इसमें लगभग तीन हजार किलोग्राम गैस भंडारण होगी। ट्रेन को हर घंटे 40 हजार लीटर पानी की जरूरत होगी। वहीं, स्टेशन की छतों का पानी भी प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन आठ-दस डिब्बों की होगी। यह हाइब्रिड ट्रेनें होंगी, जिनमें अक्षय ऊर्जा भंडारण जैसे बैटरी या सुपर कैपेसिटर लगे होंगे। ईंजन में डीजल की जगह फ्यूल सेल, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन डाली जाएगी। ऑक्सीजन की मदद से हाइड्रोजन नियंत्रित ढंग से जलेगी और इस ताप से बिजली पैदा होगी। बिजली लिथियम आयन बैटरी को चार्ज करेगी, जिससे ट्रेन चलेगी। इस दौरान धुएं की जगह सिर्फ भाप और पानी निकलेगा।


वर्जन

हाइड्रोजन प्लांट के पूरा होने के बारे में हेड क्वार्टर ही बता पाएगा। इसके बारे में वह कुछ नहीं बता सकते। -शैलेंद्र मिश्रा, आईओडब्ल्यू (इंस्पेक्टर ऑफ वर्क), रेलवे जींद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed