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राइफल किराये पर लेकर निर्जन गांव की बेटी ने सोने पर लगाया निशाना
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स्वर्ण पदक विजेता प्रवीण कुमारी।
- फोटो : Jind
किराये पर राइफल मंगवाकर असम के गुवाहाटी में चार से आठ मार्च तक आयोजित 8वीं नार्थ ईस्ट शूटिंग चैंपियनशिप 50 मीटर .22 राइफल निशानेबाजी में निर्जन गांव की रहने वाली प्रवीन ने स्वर्ण पदक पर निशाना लगाया है। प्रवीन फिलहाल असम राइफल में तैनात हैं। 2019 में शिलांग में शूटिंग ट्रायल के आधार पर उनका असम राइफल में चयन हुआ है। प्रवीन के अनुसार अब तक प्रदेश से उनका ही चयन शूटिंग ट्रायल के आधार पर हुआ है। प्रवीन अब 14 अप्रैल को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेंगी।
प्रवीन ने बताया कि चार मार्च को गुवाहाटी में शुरू हुई 8वीं नार्थ ईस्ट शूटिंग चैंपियनशिप में खेलने के लिए उनके पास राइफल नहीं थी, जिसके कारण उनको प्रतियोगिता में भाग लेने से वंचित होना पड़ सकता था, लेकिन उन्होंने दिल्ली से किराये पर राइफल मंगवाई और प्रतियोगिता में भाग लिया। प्रवीण ने बताया कि उन्होंने 50 मीटर शूटिंग में .22 पर निशाना लगाकर स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा अन्य 3पी और 10 मीटर एमक्यूएस में रजत पदक जीता।
मां कमलेश और पिता रामपाल ने दिया सहारा
प्रवीन ने बताया कि वह कॉलेज में एनसीसी की कैडेट थी। इस दौरान उसको निशानेबाजी का अवसर मिलता था, लेकिन मां कमलेश और पिता रामपाल मुझे निशानेबाजी के लिए प्रेरित किया, जिसके कारण ही मैं आज स्वर्ण पदक जीत सकी हूं।
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राइफल का अभाव, मदद की जरूरत
प्रवीन ने कहा कि मेरे पास राइफल का अभाव है। राइफल नहीं होने के कारण नियमित अभ्यास नहीं कर पाती हूं। मैंने किराये पर राइफल लेकर चैंपियनशिप में भाग लिया। राइफल की कीमत अधिक होने के कारण उसे नहीं खरीद पा रही हूं।
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प्रवीन ने बताया कि चार मार्च को गुवाहाटी में शुरू हुई 8वीं नार्थ ईस्ट शूटिंग चैंपियनशिप में खेलने के लिए उनके पास राइफल नहीं थी, जिसके कारण उनको प्रतियोगिता में भाग लेने से वंचित होना पड़ सकता था, लेकिन उन्होंने दिल्ली से किराये पर राइफल मंगवाई और प्रतियोगिता में भाग लिया। प्रवीण ने बताया कि उन्होंने 50 मीटर शूटिंग में .22 पर निशाना लगाकर स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा अन्य 3पी और 10 मीटर एमक्यूएस में रजत पदक जीता।
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मां कमलेश और पिता रामपाल ने दिया सहारा
प्रवीन ने बताया कि वह कॉलेज में एनसीसी की कैडेट थी। इस दौरान उसको निशानेबाजी का अवसर मिलता था, लेकिन मां कमलेश और पिता रामपाल मुझे निशानेबाजी के लिए प्रेरित किया, जिसके कारण ही मैं आज स्वर्ण पदक जीत सकी हूं।
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राइफल का अभाव, मदद की जरूरत
प्रवीन ने कहा कि मेरे पास राइफल का अभाव है। राइफल नहीं होने के कारण नियमित अभ्यास नहीं कर पाती हूं। मैंने किराये पर राइफल लेकर चैंपियनशिप में भाग लिया। राइफल की कीमत अधिक होने के कारण उसे नहीं खरीद पा रही हूं।