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Jind News: शहर में शौचालय हैं, जरूरी सुविधाएं गायब
Mon, 15 Dec 2025 12:54 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 15 Dec 2025 12:54 AM IST
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14जेएनडी05 : कुंदन सिनेमा के पास सार्वजनिक शौचालय पर लगा ताला। संवाद
जींद। शहर में स्वच्छता और सुविधाओं को लेकर किए जा रहे दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही है। नगर में वर्तमान में करीब 15 सार्वजनिक शौचालय हैं लेकिन किसी भी शौचालय में महिलाओं के लिए सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन और डिस्पोजल मशीन उपलब्ध नहीं है। यह स्थिति न केवल महिला स्वच्छता के प्रति लापरवाही को दर्शाती है बल्कि स्वच्छ भारत मिशन और महिला सशक्तीकरण जैसे अभियानों पर भी सवाल खड़े करती है।
रुपया चौक, शिव चौक, स्टेडियम परिसर, नेहरू पार्क, कुंदन सिनेमा और एसडीएम स्कूल के पास भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सार्वजनिक शौचालय बनाए गए हैं। इन स्थानों पर प्रतिदिन महिलाएं, छात्राएं, खिलाड़ी और आम नागरिक आते-जाते हैं। इसके बावजूद इन शौचालयों में महिलाओं की बुनियादी जरूरतों को नजरअंदाज किया गया है। सेनेटरी मशीन न होने के कारण महिलाओं को कई बार असुविधा का सामना करना पड़ता है। गृहिणी मंजीत कौर का कहना है कि सरकार की तरफ से समय-समय पर महिला स्वच्छता को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं लेकिन यदि सार्वजनिक शौचालयों में आवश्यक सुविधाएं ही न हों तो ऐसे अभियानों का क्या फायदा है। वहीं पूनम रेढ़ू का कहना है कि सेनेटरी की उपलब्धता नहीं होने से महिलाओं को परेशानी होती है। यह बड़ी समस्या है
इंसेट
अधिकांश शौचालयों पर लटके रहते हैं ताले
शहर में महिलाओं की सुविधा के लिए बनाए गए सार्वजनिक महिला शौचालय बदहाली का भी शिकार हैं। अधिकांश महिला शौचालयों के बाहर दिनभर ताले लटके रहते हैं जिससे महिलाओं को परेशानी उठानी पड़ती है। बाजार, बस स्टैंड और प्रमुख चौक-चौराहों के पास बने शौचालय बंद रहने से महिलाओं को असुविधाजनक स्थिति का सामना करना पड़ता है। मजबूरी में उन्हें असुरक्षित विकल्प अपनाने पड़ते हैं, जो गरिमा और स्वच्छता दोनों के लिए चिंताजनक है।
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वर्जन
शहर में अब तक किसी भी सार्वजनिक शौचालय में सेनेटरी मशीन नहीं है। अब तक इसको लेकर फिलहाल कोई योजना नहीं बनी है। भविष्य में यह सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए योजना बनवाई जाएगी। -रिषिकेश चौधरी, ईओ नगर परिषद
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रुपया चौक, शिव चौक, स्टेडियम परिसर, नेहरू पार्क, कुंदन सिनेमा और एसडीएम स्कूल के पास भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सार्वजनिक शौचालय बनाए गए हैं। इन स्थानों पर प्रतिदिन महिलाएं, छात्राएं, खिलाड़ी और आम नागरिक आते-जाते हैं। इसके बावजूद इन शौचालयों में महिलाओं की बुनियादी जरूरतों को नजरअंदाज किया गया है। सेनेटरी मशीन न होने के कारण महिलाओं को कई बार असुविधा का सामना करना पड़ता है। गृहिणी मंजीत कौर का कहना है कि सरकार की तरफ से समय-समय पर महिला स्वच्छता को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं लेकिन यदि सार्वजनिक शौचालयों में आवश्यक सुविधाएं ही न हों तो ऐसे अभियानों का क्या फायदा है। वहीं पूनम रेढ़ू का कहना है कि सेनेटरी की उपलब्धता नहीं होने से महिलाओं को परेशानी होती है। यह बड़ी समस्या है
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अधिकांश शौचालयों पर लटके रहते हैं ताले
शहर में महिलाओं की सुविधा के लिए बनाए गए सार्वजनिक महिला शौचालय बदहाली का भी शिकार हैं। अधिकांश महिला शौचालयों के बाहर दिनभर ताले लटके रहते हैं जिससे महिलाओं को परेशानी उठानी पड़ती है। बाजार, बस स्टैंड और प्रमुख चौक-चौराहों के पास बने शौचालय बंद रहने से महिलाओं को असुविधाजनक स्थिति का सामना करना पड़ता है। मजबूरी में उन्हें असुरक्षित विकल्प अपनाने पड़ते हैं, जो गरिमा और स्वच्छता दोनों के लिए चिंताजनक है।
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शहर में अब तक किसी भी सार्वजनिक शौचालय में सेनेटरी मशीन नहीं है। अब तक इसको लेकर फिलहाल कोई योजना नहीं बनी है। भविष्य में यह सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए योजना बनवाई जाएगी। -रिषिकेश चौधरी, ईओ नगर परिषद

14जेएनडी05 : कुंदन सिनेमा के पास सार्वजनिक शौचालय पर लगा ताला। संवाद