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Jind News: 15 दिन में दूसरी बार टूटा रजबहा, सुलहेड़ा में खेतों में भरा पानी
Sat, 24 Jan 2026 11:08 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 24 Jan 2026 11:08 PM IST
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24जेएनडी36: सुलहेड़ा गांव में टूटा रजबाहा। संवाद।
नरवाना। सुलहेड़ा गांव में रजबहा टूटने की घटना ने किसानों की परेशानी और प्रशासन की लापरवाही को एक बार फिर उजागर कर दिया है। 15 दिनों में दूसरी बार रजबहा टूटने से खड़ी फसल बर्बाद हो गई।
इस बार हालात पहले से कहीं अधिक गंभीर हो गए क्योंकि रजबहा टूटते ही पानी खेतों से निकलकर गांव की आबादी तक पहुंच गया और कई घरों में पानी भर गया। ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले जब रजबहा टूटा था तब करीब 25 एकड़ से अधिक कृषि भूमि जलमग्न हो गई थी। कई परिवार आर्थिक संकट में आ गए थे।
आरोप है कि अधिकारियों ने मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति की। न तो रजबाहे की मजबूती की जांच की गई और न ही कोई स्थाई समाधान किया गया। यदि पहली घटना के बाद समय रहते मजबूत और पुख्ता मरम्मत करवाई जाती, तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती। बार-बार रजबहा टूटने से किसानों में भारी रोष है और लोगों का प्रशासन से विश्वास उठता जा रहा है। यह समस्या सिर्फ एक गांव तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और किसानों की आजीविका से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
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किसान नर्सी, राजेश, फूल कुमार व ज्योणा सिंह ने कहा कि रजबहे की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए। जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई हो। प्रभावित किसानों को मुआवजा मिले।
वर्जन
सुलहेड़ा गांव में टूटा रजबहा नरवाना सिंचाई विभाग के अधीन नहीं आता। इस संबंध में टोहाना के अधिकारी ही स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं।
-सौरभ गर्ग, एक्सईएन, सिंचाई विभाग, नरवाना
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इस बार हालात पहले से कहीं अधिक गंभीर हो गए क्योंकि रजबहा टूटते ही पानी खेतों से निकलकर गांव की आबादी तक पहुंच गया और कई घरों में पानी भर गया। ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले जब रजबहा टूटा था तब करीब 25 एकड़ से अधिक कृषि भूमि जलमग्न हो गई थी। कई परिवार आर्थिक संकट में आ गए थे।
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आरोप है कि अधिकारियों ने मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति की। न तो रजबाहे की मजबूती की जांच की गई और न ही कोई स्थाई समाधान किया गया। यदि पहली घटना के बाद समय रहते मजबूत और पुख्ता मरम्मत करवाई जाती, तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती। बार-बार रजबहा टूटने से किसानों में भारी रोष है और लोगों का प्रशासन से विश्वास उठता जा रहा है। यह समस्या सिर्फ एक गांव तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और किसानों की आजीविका से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
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किसान नर्सी, राजेश, फूल कुमार व ज्योणा सिंह ने कहा कि रजबहे की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए। जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई हो। प्रभावित किसानों को मुआवजा मिले।
वर्जन
सुलहेड़ा गांव में टूटा रजबहा नरवाना सिंचाई विभाग के अधीन नहीं आता। इस संबंध में टोहाना के अधिकारी ही स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं।
-सौरभ गर्ग, एक्सईएन, सिंचाई विभाग, नरवाना