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Jind News: शिविर में टूटते परिवारों के कारणों के बारे में बताया

Fri, 19 Jun 2026 12:07 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jun 2026 12:07 AM IST
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The camp explained the reasons for the breakdown of families.
फोटो 18जेएनडी20-​शिविर में लड़की को परामर्श देती डॉ. आरती। स्रोत शहरवासी
जींद। पुराने बस अड्डे के सामने स्थित जैन धर्मार्थ अस्पताल में वीरवार को जागरुकता शिविर का आयोजन किया। इसका मुख्य उद्देश्य टूटते परिवारों की बढ़ती समस्या, मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों और उनके समाधान पर लोगों को जागरूक करना था।
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शिविर की मुख्य वक्ता वरिष्ठ साइक्लोजिस्ट डाॅ. आरती शर्मा ने विस्तार से टूटते परिवारों के कारणों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आजकल व्यस्त जीवनशैली, आर्थिक दबाव, सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग और संवाद की कमी परिवारों को तोड़ने में बड़ी भूमिका निभा रही है। पति और पत्नी के बीच बढ़ते मतभेद, बच्चों की अनदेखी और बुजुर्गों की उपेक्षा से मानसिक तनाव बढ़ रहा है।
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उन्होंने परिवारों को बचाने के उपाय भी सुझाए। डाॅ. आरती शर्मा ने जोर देकर कहा कि नियमित परिवारिक बैठकें, एक-दूसरे की भावनाओं को समझना, छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना और पेशेवर मदद लेने में संकोच न करना बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि अवसाद, चिंता, क्रोध और नींद की समस्या जैसे मानसिक विकार आजकल आम हो गए हैं। खासकर युवा पीढ़ी और महिलाओं में।
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इस दौरान एक स्थानीय महिला ने बताया कि घरेलू कलह के कारण वह काफी तनाव में थी। अब चिकित्सक की बातें सुनकर बहुत राहत मिली है। वहीं युवा वर्ग ने करियर के दबाव और रिलेशनशिप मुद्दों पर चर्चा की।
अतुल चौहान ने बताया कि यह शिविर सामाजिक जिम्मेदारी के तहत आयोजित किया गया था। अस्पताल का प्रयास है कि लोग शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दें। भविष्य में ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।

डॉ. आरती शर्मा ने टिप्स दिए कि कैसे रोजाना 30 मिनट व्यायाम, ध्यान और सकारात्मक सोच अपनाकर मानसिक तनाव को कम किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे माता-पिता से खुलकर बात करें और छोटी-छोटी गलतफहमियों को बढ़ने न दें।
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