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Jind News: बैंक कर्मी ने बिना खाता नंबर व फोटो मिलाए दूसरी महिला को दिए 54 हजार रुपये
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04जेएनडी12-जुलाना थाना में शिकायत लेकर पहुंची महिला संतोष। संवाद
जुलाना(जींद)। कस्बे के एसबीआई बैंक की बड़ी लापरवाही सामने आई है। बैंक के कर्मचारी ने बिना कागजात की जांच किए एक ही अकाउंट नंबर की पासबुक दूसरी महिला को जारी कर दी। दूसरी महिला ने खाते से 54 हजार रुपये भी निकाल लिए। बुढ़ाखेड़ा लाठर गांव की महिला ने इसकी शिकायत जुलाना पुलिस, सीएम विंडो और बैंक की हेड ब्रांच को दी है।
दोनों महिलाओं का नाम, पति का नाम और गांव का नाम समान होने के चलते कर्मचारी ने गलती कर दी और खाता नंबर और फोटो मिलान करने में चूक गए।
बुढ़ाखेड़ा गांव निवासी महिला संतोष ने बताया कि उसका किलाजफरगढ़ के एसबीआई बैंक में खाता है। जुलाना बैंक के कर्मचारी ने उसके बैंक खाते की पासबुक गांव की ही दूसरी महिला को जारी कर दी। जिस महिला को पासबुक जारी की, उसने बैंक से 54 हजार रुपये निकाल लिए।
उसका प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान पास हुआ था, जिसकी पहली किस्त 45 हजार खाते में आई थी। नौ हजार रुपये की राशि उसके खाते में पहले थी। आरोपी महिला ने उसके खाते से सारी राशि निकलवा ली। संतोष ने आरोप लगाया कि दोनों शाखाओं के कर्मचारियों ने फ्रॉड किया है।
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जुलाना शाखा के कर्मचारी ने बिना कागजात की जांच किए उसकी पासबुक किसी दूसरी महिला को दे दी और किलाजफरगढ़ ब्रांच के कर्मचारियों ने बिना फोटो का मिलान किए उसके खाते से राशि निकालकर महिला को दी।
बॉक्स
जिस दिन पासबुक जारी हुई, उसी दिन निकाली राशि
बैंक कर्मचारी ने सात अप्रैल को फ्रॉड पासबुक जारी की। उसी दिन उसके खाते में आई प्रधानमंत्री आवास योजना की 45 हजार रुपये की राशि निकाल ली जाती है। उसके दो माह बाद उसके खाते से नौ हजार रुपये निकाल लिए जाते हैं।
वर्जन
आज छुट्टी पर हूं। सोमवार को बैंक जाकर चेक करेंगे कि कैशियर ने बिना जांच किए किसी दूसरी महिला के खाते से राशि निकालकर कैसे दे दी। -अरुण मोर, एसबीआई ब्रांच मैनेजर, जुलाना।
वर्जन
बुढ़ाखेड़ा की महिला ने शिकायत दी है। मामले की जांच की जा रही है। -रविंद्र, थाना प्रभारी जुलाना।
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दोनों महिलाओं का नाम, पति का नाम और गांव का नाम समान होने के चलते कर्मचारी ने गलती कर दी और खाता नंबर और फोटो मिलान करने में चूक गए।
बुढ़ाखेड़ा गांव निवासी महिला संतोष ने बताया कि उसका किलाजफरगढ़ के एसबीआई बैंक में खाता है। जुलाना बैंक के कर्मचारी ने उसके बैंक खाते की पासबुक गांव की ही दूसरी महिला को जारी कर दी। जिस महिला को पासबुक जारी की, उसने बैंक से 54 हजार रुपये निकाल लिए।
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उसका प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान पास हुआ था, जिसकी पहली किस्त 45 हजार खाते में आई थी। नौ हजार रुपये की राशि उसके खाते में पहले थी। आरोपी महिला ने उसके खाते से सारी राशि निकलवा ली। संतोष ने आरोप लगाया कि दोनों शाखाओं के कर्मचारियों ने फ्रॉड किया है।
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जुलाना शाखा के कर्मचारी ने बिना कागजात की जांच किए उसकी पासबुक किसी दूसरी महिला को दे दी और किलाजफरगढ़ ब्रांच के कर्मचारियों ने बिना फोटो का मिलान किए उसके खाते से राशि निकालकर महिला को दी।
बॉक्स
जिस दिन पासबुक जारी हुई, उसी दिन निकाली राशि
बैंक कर्मचारी ने सात अप्रैल को फ्रॉड पासबुक जारी की। उसी दिन उसके खाते में आई प्रधानमंत्री आवास योजना की 45 हजार रुपये की राशि निकाल ली जाती है। उसके दो माह बाद उसके खाते से नौ हजार रुपये निकाल लिए जाते हैं।
वर्जन
आज छुट्टी पर हूं। सोमवार को बैंक जाकर चेक करेंगे कि कैशियर ने बिना जांच किए किसी दूसरी महिला के खाते से राशि निकालकर कैसे दे दी। -अरुण मोर, एसबीआई ब्रांच मैनेजर, जुलाना।
वर्जन
बुढ़ाखेड़ा की महिला ने शिकायत दी है। मामले की जांच की जा रही है। -रविंद्र, थाना प्रभारी जुलाना।