{"_id":"62094ed7f4d54147f00a0edd","slug":"the-appearance-of-industrial-areas-will-change-from-20-crores-jind-news-rtk638327345","type":"story","status":"publish","title_hn":"20 करोड़ से बदलेगी औद्योगिक क्षेत्रों की सूरत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
20 करोड़ से बदलेगी औद्योगिक क्षेत्रों की सूरत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जींद। पुरानी हांसी रोड पर औद्योगिक क्षेत्र व नरवाना के औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने के लिए 20 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। अप्रैल महीने के अंत तक सभी कार्य पूरे हो जाएंगे। यहां सभी प्रकार की सुविधाएं होने के बाद औद्योगिक इकाइयां बढ़ने की पूरी संभावना है। जींद के चारों तरफ हाईवे और शहर में फ्लाईओवर बनेंगे। औद्योगिक क्षेत्र में सीवरेज, पेयजल, बरसाती पानी की निकासी, बिजली व्यवस्था और सड़कों का सुधार भी किया जाएगा। सड़कों के बीच में लगे खंभे निकालकर सड़कें चौड़ी की जाएंगी।
जींद के औद्योगिक क्षेत्र में 78 इकाइयों के लिए प्लाट हैं। इनमें से 75 प्लाट अलॉट हुए हैं, जबकि तीन अभी खाली पड़े हैं। इन 75 प्लाटों में कोई न कोई औद्योगिक इकाई चल रही हैं। जींद में औद्योगिक क्षेत्र 1977 में बना था। 25 एकड़ भूमि में फैले औद्योगिक क्षेत्र में इससे पहले सीवरेज, पेयजल, बिजली, सड़कों की काफी परेशानी थी। अब इन सभी सुविधाओं को दुरुस्त किया जा रहा है, ताकि यहां पर अच्छा औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा सके और उद्यमियों को सभी सुविधाएं मिलने से वह यहां पर अपनी इकाइयां स्थापित कर सकें। जींद में फिलहाल कृषि यंत्र बनाने, लैदर केमिकल, सर्जिकल कॉटन, फार्मा, नोट बुक, धूप, अगरबत्ती, कीटनाशक दवाइयां बनाने की इकाइयां स्थापित हैं। सभी सुविधाएं मिलने के बाद यहां पर बड़ी-बड़ी इकाइयां स्थापित होने की संभावना है। इसी प्रकार नरवाना में भी 2004 में 108 एकड़ भूमि में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया गया था। यहां पर 230 प्लाट हैं, इनमें से 165 प्लाट अलॉट हो चुके हैं, जबकि 65 अभी बाकी हैं। इनमें से भी 50 में औद्योगिक इकाइयां चल रही हैं जबकि 30 का निर्माण कार्य चल रहा है। जींद व नरवाना दोनों ही औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं बढ़ाने के लिए काम चल रहा है। इसके इन औद्योगिक इकाइयों में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
विज्ञापन
जींद के औद्योगिक क्षेत्र में 78 इकाइयों के लिए प्लाट हैं। इनमें से 75 प्लाट अलॉट हुए हैं, जबकि तीन अभी खाली पड़े हैं। इन 75 प्लाटों में कोई न कोई औद्योगिक इकाई चल रही हैं। जींद में औद्योगिक क्षेत्र 1977 में बना था। 25 एकड़ भूमि में फैले औद्योगिक क्षेत्र में इससे पहले सीवरेज, पेयजल, बिजली, सड़कों की काफी परेशानी थी। अब इन सभी सुविधाओं को दुरुस्त किया जा रहा है, ताकि यहां पर अच्छा औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा सके और उद्यमियों को सभी सुविधाएं मिलने से वह यहां पर अपनी इकाइयां स्थापित कर सकें। जींद में फिलहाल कृषि यंत्र बनाने, लैदर केमिकल, सर्जिकल कॉटन, फार्मा, नोट बुक, धूप, अगरबत्ती, कीटनाशक दवाइयां बनाने की इकाइयां स्थापित हैं। सभी सुविधाएं मिलने के बाद यहां पर बड़ी-बड़ी इकाइयां स्थापित होने की संभावना है। इसी प्रकार नरवाना में भी 2004 में 108 एकड़ भूमि में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया गया था। यहां पर 230 प्लाट हैं, इनमें से 165 प्लाट अलॉट हो चुके हैं, जबकि 65 अभी बाकी हैं। इनमें से भी 50 में औद्योगिक इकाइयां चल रही हैं जबकि 30 का निर्माण कार्य चल रहा है। जींद व नरवाना दोनों ही औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं बढ़ाने के लिए काम चल रहा है। इसके इन औद्योगिक इकाइयों में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
विज्ञापन