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शुद्ध पेयजल के लिए जांच जरूरी : नवीन कुमार मुंडे
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15जेएनडी05-जलघर में पेयजल जांच के लिए सैंपल लेते हुए जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी। स्रोत विभाग
नरवाना। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के उपमंडल अभियंता नवीन कुमार मुंडे ने सींसर और सिंघवाल जलघर का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए समय-समय पर पेयजल की जांच जरूरी है ताकि हर व्यक्ति स्वस्थ रहे। इस दौरान टीम ने पेयजल के सैंपल लिए व क्लोरिनेशन चेक की।
नवीन कुमार मुंडे ने कहा कि विभाग हर घर में शुद्ध पेयजल पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। इसके लिए सभी घरों में क्लोरिनेशन युक्त पानी की सप्लाई की जाती है। गांव में कर्मचारियों द्वारा पेयजल पाइपलाइन का निरीक्षण किया जाता है ताकि किसी प्रकार की लीकेज होने पर उसे तुरंत ठीक करवाया जा सके।
टीम ने दोनों गांव के जलघरों से केमिकल व बैक्ट्रोलोजिकल टेस्ट के लिए पानी के सैंपल लिए। जिला सलाहकार रणधीर मताना ने कहा कि पेयजल में क्लोरिनेशन आपूर्ति से यह पता चल जाता है कि उपभोक्ता तक पानी शुद्ध पहुंच रहा है या नहीं। जिले के सभी गांव में पांच-पांच महिलाओं को किट से पेयजल जांच का प्रशिक्षण दिया गया है।
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इससे महिलाएं खुद पेयजल की जांच कर सकती है। सभी ब्लॉक में खंड समन्वयक द्वारा आंगनबाड़ी वर्कर, ग्राम जल एवं सीवरेज समिति के सदस्य को टेस्ट किट का प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे पेयजल में क्लोरिनेशन की जांच कर सके।
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नवीन कुमार मुंडे ने कहा कि विभाग हर घर में शुद्ध पेयजल पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। इसके लिए सभी घरों में क्लोरिनेशन युक्त पानी की सप्लाई की जाती है। गांव में कर्मचारियों द्वारा पेयजल पाइपलाइन का निरीक्षण किया जाता है ताकि किसी प्रकार की लीकेज होने पर उसे तुरंत ठीक करवाया जा सके।
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टीम ने दोनों गांव के जलघरों से केमिकल व बैक्ट्रोलोजिकल टेस्ट के लिए पानी के सैंपल लिए। जिला सलाहकार रणधीर मताना ने कहा कि पेयजल में क्लोरिनेशन आपूर्ति से यह पता चल जाता है कि उपभोक्ता तक पानी शुद्ध पहुंच रहा है या नहीं। जिले के सभी गांव में पांच-पांच महिलाओं को किट से पेयजल जांच का प्रशिक्षण दिया गया है।
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इससे महिलाएं खुद पेयजल की जांच कर सकती है। सभी ब्लॉक में खंड समन्वयक द्वारा आंगनबाड़ी वर्कर, ग्राम जल एवं सीवरेज समिति के सदस्य को टेस्ट किट का प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे पेयजल में क्लोरिनेशन की जांच कर सके।