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टेंडर हुए तीन माह बीत गए, नहीं शुरू हुआ कार्य
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जींद। चार करोड़ की लागत से गलियां पक्की करने और पार्क तथा चौराहों को दुरुस्त करने के लिए तीन माह पहले टेंडर हुआ था लेकिन अभी तक ये कार्य शुरू नहीं हो सके हैं। नगर परिषद ने इसको गंभीरता से लेते हुए ठेकेदारों को नोटिस जारी किया है। चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने कार्य शुरू नहीं किया तो दूसरी एजेंसी को कार्य सौंप दिया जाएगा। कुछ ठेकेदारों ने तय कीमत से भी 30 प्रतिशत कम कीमत पर टेंडर भरे हैं। ऐसे में अब यह फैसला उन पर भारी पड़ रहा है।
नगर परिषद की ओर से करीब तीन महीने पहले चार करोड़ रुपये से अधिक के कामों के टेंडर निकाले गए थे। कुछ ठेकेदारों ने इन टेंडर अनुमानित खर्च से भी 30 प्रतिशत तक राशि में टेंडर लगा दिए। इनको टेंडर तो मिल गया, लेकिन बार-बार नोटिस के बाद भी काम शुरू नहीं किया जा सका। इससे लोग आए दिन नगर परिषद में अपनी गलियों व अन्य कार्यों के लिए जानकारी लेने पहुंच रहे हैं। वहीं पिछले दिनों जींद नगर परिषद पर कुछ संस्थाओं ने ठेकेदारों की मर्जी से चलने के आरोप भी लगाए थे।
नगर परिषद की ओर से 53 विकास कार्य कराए जाने हैं। इनमें अधिकतर काम गलियां पक्की करने के हैं। इसके अलावा पार्क और चौक चौराहों के भी काम हैं।
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जमा करवानी है राशि
कुल 53 विकास कार्यों के लिए सरकार के नए नियम के अनुसार ठेकेदारों को परफार्मेंस सिक्योरिटी राशि जमा करवानी है। जब तक परफार्मेंस सिक्योरिटी जमा नहीं होगी, तब तक वर्क अलाट नहीं होंगे। ठेकेदार यह प्रक्रिया पूरी नहीं कर रहे हैं। अब नगर परिषद एजेंसियों को अंतिम नोटिस जारी करेगी। इसके बावजूद भी परफार्मेंस सिक्योरिटी राशि जमा नहीं कराने पर उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए दूसरी एजेंसी को कार्य दिया जाएगा। एजेंसी की प्रतिभूति राशि जब्त करने के साथ-साथ उसे एक से दो साल के लिए काली सूची में भी डाल दिया जाएगा।
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दोराहे पर फंसे ठेकेदार
दरअसल सरकार ने नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत टेंडर की तय राशि के अनुसार कुछ प्रतिशत पैसे बतौर परफार्मेंस सिक्योरिटी राशि जमा करवानी होगी। यह राशि जमा होने पर किए गए निर्माण की गुणवत्ता की सीधी जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी। ऐसे में ठेकेदार अब दोराहे पर फंसे हैं। यदि वे यह राशि भरते हैं तो उन्हें नुकसान होगा और यदि नहीं भरते हैं प्रतिभूति राशि जब्त हो जाएगी।
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ऑनलाइन टेंडर लगाने में दिक्कत
जींद नगर परिषद को विकास के लिए मंजूर हुए 14.91 करोड़ रुपये से लगने वाले नए टेंडर में भी दिक्कत आ रही है। इस राशि से रुपये एकलव्य स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक बनाने और स्वीमिंग पूल की मरम्मत के काम करवाए जाने हैं। वहीं दो करोड़ रुपये लोको कालोनी की गलियों और सीवर लाइन की मरम्मत पर लगेंगे। बाकी राशि से 46 काम होने हैं। जिनके टेंडर इंजीनियरिंग वर्क पोर्टल पर लगने हैं। पोर्टल पर तकनीकी कारणों से टेंडर नहीं लग पा रहे हैं।
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काम नहीं करने वालों पर होगी कार्रवाई
जिन ठेकेदारों ने टेंडर लेने के बाद काम शुरू करने की प्रक्रिया शुरू नहीं की है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इसके लिए परफार्मेंस सिक्योरिटी की राशि जमा करवाई जानी है। यह दिक्कत ठेकेदार के स्तर पर है। इसके चलते तीन महीने का विलंब हो चुका हैं। इसके लिए अंतिम चेतावनी दी जा रही है। इसके बाद सिक्योरिटी जमा नहीं कराने पर संबंधित एजेंसी को काली सूची में डालते हुए प्रतिभूति राशि जब्त कर ली जाएगी।-भूपेंद्र सिंह, एमई, जींद नगर परिषद।
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नगर परिषद की ओर से करीब तीन महीने पहले चार करोड़ रुपये से अधिक के कामों के टेंडर निकाले गए थे। कुछ ठेकेदारों ने इन टेंडर अनुमानित खर्च से भी 30 प्रतिशत तक राशि में टेंडर लगा दिए। इनको टेंडर तो मिल गया, लेकिन बार-बार नोटिस के बाद भी काम शुरू नहीं किया जा सका। इससे लोग आए दिन नगर परिषद में अपनी गलियों व अन्य कार्यों के लिए जानकारी लेने पहुंच रहे हैं। वहीं पिछले दिनों जींद नगर परिषद पर कुछ संस्थाओं ने ठेकेदारों की मर्जी से चलने के आरोप भी लगाए थे।
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नगर परिषद की ओर से 53 विकास कार्य कराए जाने हैं। इनमें अधिकतर काम गलियां पक्की करने के हैं। इसके अलावा पार्क और चौक चौराहों के भी काम हैं।
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जमा करवानी है राशि
कुल 53 विकास कार्यों के लिए सरकार के नए नियम के अनुसार ठेकेदारों को परफार्मेंस सिक्योरिटी राशि जमा करवानी है। जब तक परफार्मेंस सिक्योरिटी जमा नहीं होगी, तब तक वर्क अलाट नहीं होंगे। ठेकेदार यह प्रक्रिया पूरी नहीं कर रहे हैं। अब नगर परिषद एजेंसियों को अंतिम नोटिस जारी करेगी। इसके बावजूद भी परफार्मेंस सिक्योरिटी राशि जमा नहीं कराने पर उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए दूसरी एजेंसी को कार्य दिया जाएगा। एजेंसी की प्रतिभूति राशि जब्त करने के साथ-साथ उसे एक से दो साल के लिए काली सूची में भी डाल दिया जाएगा।
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दोराहे पर फंसे ठेकेदार
दरअसल सरकार ने नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत टेंडर की तय राशि के अनुसार कुछ प्रतिशत पैसे बतौर परफार्मेंस सिक्योरिटी राशि जमा करवानी होगी। यह राशि जमा होने पर किए गए निर्माण की गुणवत्ता की सीधी जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी। ऐसे में ठेकेदार अब दोराहे पर फंसे हैं। यदि वे यह राशि भरते हैं तो उन्हें नुकसान होगा और यदि नहीं भरते हैं प्रतिभूति राशि जब्त हो जाएगी।
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ऑनलाइन टेंडर लगाने में दिक्कत
जींद नगर परिषद को विकास के लिए मंजूर हुए 14.91 करोड़ रुपये से लगने वाले नए टेंडर में भी दिक्कत आ रही है। इस राशि से रुपये एकलव्य स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक बनाने और स्वीमिंग पूल की मरम्मत के काम करवाए जाने हैं। वहीं दो करोड़ रुपये लोको कालोनी की गलियों और सीवर लाइन की मरम्मत पर लगेंगे। बाकी राशि से 46 काम होने हैं। जिनके टेंडर इंजीनियरिंग वर्क पोर्टल पर लगने हैं। पोर्टल पर तकनीकी कारणों से टेंडर नहीं लग पा रहे हैं।
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काम नहीं करने वालों पर होगी कार्रवाई
जिन ठेकेदारों ने टेंडर लेने के बाद काम शुरू करने की प्रक्रिया शुरू नहीं की है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इसके लिए परफार्मेंस सिक्योरिटी की राशि जमा करवाई जानी है। यह दिक्कत ठेकेदार के स्तर पर है। इसके चलते तीन महीने का विलंब हो चुका हैं। इसके लिए अंतिम चेतावनी दी जा रही है। इसके बाद सिक्योरिटी जमा नहीं कराने पर संबंधित एजेंसी को काली सूची में डालते हुए प्रतिभूति राशि जब्त कर ली जाएगी।-भूपेंद्र सिंह, एमई, जींद नगर परिषद।