{"_id":"67119111dfe800743c0a3944","slug":"teenager-burnt-while-making-firecracker-condition-critical-jind-news-c-17-roh1020-527092-2024-10-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: पटाखा बनाते हुए किशोर झुलसा, हालत गंभीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: पटाखा बनाते हुए किशोर झुलसा, हालत गंभीर
Fri, 18 Oct 2024 04:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 18 Oct 2024 04:04 AM IST
विज्ञापन
रोहतक। थाना पुरानी सब्जी मंडी क्षेत्र के लाढौत रोड बसंत विहार निवासी एक किशोर गंधक-पोटाश के धमाके से चेहरा और हाथ झुलस गए। धमाके की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और बच्चे को पीजीआईएमएस में भर्ती कराया। जहां पर उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। घटना 12 अक्तूबर की है। पुलिस ने जांच के बाद अब पीड़ित पिता ने शिकायत पर दुकानदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
अनिल कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 12 अक्तूबर को दशहरे के दिन उनके बेटे जिगर (13) ने चॉकलेट आदि के लिए पैसे मांगे थे। उन्होंने उसे 50 रुपये दिए तो वह खाने की वस्तु लाने के बजाय पड़ोस में गंधक धर्मकला कॉस्मेटिक स्टोर से गंधक-पोटाश लेकर आया। जिगर घर में बनी कुंडी सोटा गली में लेकर गंधक-पोटाश से पटाखे बनाने लगा, जिससे धमाका हो गया। इससे बेटे का चेहरा और दोनों हाथ बुरी तरह झुलस गए। धमाके की आवाज सुनकर वह मौके पर पहुंचे और उसे पीजीआईएमएस लेकर गए। जहां पर 48 घंटे के बाद भी बच्चे की हालत में सुधार नहीं है। उधर, पीड़ित पिता की ओर से दुकान संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गआ है। जिसमें कहा गया है कि उक्त दुकानदार बिना किसी लाइसेंस के गंधक-पोटाश बेच रहा है।
कम उम्र के बच्चे को कैसे दे दिया विस्फोटक पदार्थ
दुकानदार ने 13 साल के बच्चे को गंधक-पोटाश का मिश्रण कैसे दे दिया, जबकि इतनी कम उम्र के बच्चों को यह विस्फोटक पदार्थ नहीं दिया जा सकता था। ऐसे में दुकानदार ने बच्चे को विस्फोटक देकर कानून का उल्लंघन किया है, जबकि बिना लाइसेंस के विस्फोटक बेचना अपने आप में अपराध है।
विज्ञापन
उपायुक्त ने निर्देशों की हो रही रोहतक में अवहेलना
जिला उपायुक्त अजय कुमार ने 27 सितंबर को निर्देश दिए थे कि सभी प्रकार के पटाखे बनाने और बेचने पर पूरी तरह पाबंदी लगाई थी। इसके अलावा केवल ग्रीन पटाखे ही बेचने की अनुमति है। मगर इसके बावजूद जिले में बिना लाइसेंस के खुलेआम न सिर्फ विस्फोटक बेचे जा रहे हैं। बल्कि पटाखे भी बेचे जा रहे हैं। इसी निर्देश का उल्लंघन का हवाला देते हुए पुलिस ने केस दर्ज किया है।
साल-2022-2023 में दीपावली पर 200 से अधिक लोग हुए थे चोटिल
रोहतक में साल-2022 और 23 में 200 से अधिक बच्चे और युवा अस्पताल में पहुंचे थे। इसके कई बच्चों की आंख की रोशनी तक चली गई थी। रोहतक में सात साल की बच्ची दिवाली की रात पटाखे चलाते समय घायल हो गई। एक पटाखा उसके चेहरे के सामने फट गया। पटाखा फटने से उत्पन्न हुए तेज दबाव ने सीधे आंख पर वार किया। इस दबाव से बच्ची की आंख का कॉर्निया क्षतिग्रस्त हो गया और चेहरा भी जल गया। वहीं, 11 साल के किशोर की त्योहार पर हो रही आतिशबाजी ने आंख की रोशनी छीन ली। पास में फटा पटाखा सीधे आंख में जा लगा। इससे उसकी आंख का रेटिना क्षतिग्रस्त हो गया। कॉर्निया को नुकसान पहुंचा है। इस कारण बच्चे की आंखों की रोशनी चली गई थी।
विज्ञापन
अनिल कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 12 अक्तूबर को दशहरे के दिन उनके बेटे जिगर (13) ने चॉकलेट आदि के लिए पैसे मांगे थे। उन्होंने उसे 50 रुपये दिए तो वह खाने की वस्तु लाने के बजाय पड़ोस में गंधक धर्मकला कॉस्मेटिक स्टोर से गंधक-पोटाश लेकर आया। जिगर घर में बनी कुंडी सोटा गली में लेकर गंधक-पोटाश से पटाखे बनाने लगा, जिससे धमाका हो गया। इससे बेटे का चेहरा और दोनों हाथ बुरी तरह झुलस गए। धमाके की आवाज सुनकर वह मौके पर पहुंचे और उसे पीजीआईएमएस लेकर गए। जहां पर 48 घंटे के बाद भी बच्चे की हालत में सुधार नहीं है। उधर, पीड़ित पिता की ओर से दुकान संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गआ है। जिसमें कहा गया है कि उक्त दुकानदार बिना किसी लाइसेंस के गंधक-पोटाश बेच रहा है।
विज्ञापन
कम उम्र के बच्चे को कैसे दे दिया विस्फोटक पदार्थ
दुकानदार ने 13 साल के बच्चे को गंधक-पोटाश का मिश्रण कैसे दे दिया, जबकि इतनी कम उम्र के बच्चों को यह विस्फोटक पदार्थ नहीं दिया जा सकता था। ऐसे में दुकानदार ने बच्चे को विस्फोटक देकर कानून का उल्लंघन किया है, जबकि बिना लाइसेंस के विस्फोटक बेचना अपने आप में अपराध है।
विज्ञापन
उपायुक्त ने निर्देशों की हो रही रोहतक में अवहेलना
जिला उपायुक्त अजय कुमार ने 27 सितंबर को निर्देश दिए थे कि सभी प्रकार के पटाखे बनाने और बेचने पर पूरी तरह पाबंदी लगाई थी। इसके अलावा केवल ग्रीन पटाखे ही बेचने की अनुमति है। मगर इसके बावजूद जिले में बिना लाइसेंस के खुलेआम न सिर्फ विस्फोटक बेचे जा रहे हैं। बल्कि पटाखे भी बेचे जा रहे हैं। इसी निर्देश का उल्लंघन का हवाला देते हुए पुलिस ने केस दर्ज किया है।
साल-2022-2023 में दीपावली पर 200 से अधिक लोग हुए थे चोटिल
रोहतक में साल-2022 और 23 में 200 से अधिक बच्चे और युवा अस्पताल में पहुंचे थे। इसके कई बच्चों की आंख की रोशनी तक चली गई थी। रोहतक में सात साल की बच्ची दिवाली की रात पटाखे चलाते समय घायल हो गई। एक पटाखा उसके चेहरे के सामने फट गया। पटाखा फटने से उत्पन्न हुए तेज दबाव ने सीधे आंख पर वार किया। इस दबाव से बच्ची की आंख का कॉर्निया क्षतिग्रस्त हो गया और चेहरा भी जल गया। वहीं, 11 साल के किशोर की त्योहार पर हो रही आतिशबाजी ने आंख की रोशनी छीन ली। पास में फटा पटाखा सीधे आंख में जा लगा। इससे उसकी आंख का रेटिना क्षतिग्रस्त हो गया। कॉर्निया को नुकसान पहुंचा है। इस कारण बच्चे की आंखों की रोशनी चली गई थी।