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Jind News: पढ़ाई में पिछड़ने वाले विद्यार्थियों की पहचान कर ध्यान दें अध्यापक
Thu, 11 Sep 2025 12:52 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 11 Sep 2025 12:52 AM IST
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10जेएनडी37-मॉडल संस्कृती वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के निरीक्षण के दौरान जानकारी लेते एसडीएम पुलक
- फोटो : mathura
सफीदों। एसडीएम पुलकित मल्होत्रा ने बुधवार को पिल्लूखेड़ा स्थित मॉडल संस्कृती वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय की शैक्षिक व भौतिक व्यवस्थाएं जांची और अध्यापकों से बातचीत की। इस दौरान एसडीएम ने प्रबंधन से कहा कि वे विद्यालय में पढ़ने वाले ऐसे विद्यार्थियों की पहचान करें जो पढ़ाई में पिछड़ रहे हैं और विशेष सहायता के पात्र हैं। ऐसे बच्चों की काउंसिलिंग करवाई जाए ताकि उनकी शैक्षिक प्रगति सुनिश्चित हो सके।
हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार है और किसी भी विद्यार्थी को पीछे नहीं छोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने सभी स्कूलों में पढ़ने वाले दिव्यांग विद्यार्थियों की पहचान करने के लिए भी निर्देश दिए। प्रधानाचार्य जगदीश चंद्र ने बताया कि स्कूल में ऐसे नौ विद्यार्थी है जिनको पढ़ाई में विशेष ध्यान देने की जरूरत है। अध्यापकों को इन बच्चों का विशेष ध्यान रखने के लिए कहा गया है।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने पीने के पानी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने विद्यालय परिसर एवं खेल मैदान की नियमित सफाई और देखभाल पर विशेष जोर दिया। स्वस्थ एवं स्वच्छ वातावरण में ही विद्यार्थी बेहतर तरीके से पढ़ाई कर सकते हैं और खेलकूद के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। अध्यापकों का दायित्व है कि वे बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल, अनुशासन एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें ताकि भविष्य में वे समाज और राष्ट्र की प्रगति में सार्थक योगदान दे सकें।
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हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार है और किसी भी विद्यार्थी को पीछे नहीं छोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने सभी स्कूलों में पढ़ने वाले दिव्यांग विद्यार्थियों की पहचान करने के लिए भी निर्देश दिए। प्रधानाचार्य जगदीश चंद्र ने बताया कि स्कूल में ऐसे नौ विद्यार्थी है जिनको पढ़ाई में विशेष ध्यान देने की जरूरत है। अध्यापकों को इन बच्चों का विशेष ध्यान रखने के लिए कहा गया है।
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निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने पीने के पानी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने विद्यालय परिसर एवं खेल मैदान की नियमित सफाई और देखभाल पर विशेष जोर दिया। स्वस्थ एवं स्वच्छ वातावरण में ही विद्यार्थी बेहतर तरीके से पढ़ाई कर सकते हैं और खेलकूद के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। अध्यापकों का दायित्व है कि वे बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल, अनुशासन एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें ताकि भविष्य में वे समाज और राष्ट्र की प्रगति में सार्थक योगदान दे सकें।
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