उचाना। दरोली खेड़ा गांव के ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से सरपंच बनाने का फैसला लिया। गांव का सरपंच पद महिला के लिए आरक्षित होने पर सुमन पत्नी राजेश कुमार के नाम की सहमति का फैसला गांव की चौपाल में हुई ग्रामीणों की बैठक में लिया गया। दरोली खेड़ा गांव में पहली बार सर्वसम्मति से सरपंच बनाने का फैसला लिया गया है। दरोली खेड़ा की गिनती संवेदशील गांवों में होती है।
गांव के भाईचारे की पंचायत ने सर्वसम्मति से सरपंच बनाने का फैसला लेकर भाईचारे की मिसाल कायम करने के साथ दूसरे गांव के ग्रामीणों को भी संदेश दिया है कि सरपंच के नाम पर सर्वसम्मति होने पर गांव में भाईचारा बढ़ता है। पंचायत में फैसला लिया गया कि सरपंच पद को लेकर गांव से एक ही नामांकन फार्म सुमन पत्नी राजेश कुमार का भरा जाएगा। गांव में हुई पंचायत की जानकारी देते हुए पूर्व सरपंच प्रतिनिधि साधुराम, पूर्व सरपंच नसीब कुमार, पूर्व सरपंच तारा चंद, पूर्व सरपंच शमशेर सिंह ने बताया गांव में अब तक सर्वसम्मति से कभी सरपंच नहीं बना है। गांव की मेन चौपाल में भाईचारे की पंचायत हुई। इस पंचायत में हर किसी ने अपने-अपने विचार रखे। सभी की सहमति से फैसला लिया गया कि इस बार सरपंच पद के लिए सुमन के अलावा गांव में कोई दूसरा नामांकन नहीं भरा जाएगा।