{"_id":"698641324ce0dabbda04ccf0","slug":"studying-is-not-a-burden-it-is-an-opportunity-to-learn-surendra-jind-news-c-199-1-jnd1010-148116-2026-02-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"पढ़ाई बोझ नहीं, सीखने का अवसर है : सुरेंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पढ़ाई बोझ नहीं, सीखने का अवसर है : सुरेंद्र
Sat, 07 Feb 2026 12:59 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 07 Feb 2026 12:59 AM IST
विज्ञापन
जींद। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय बुडायन में परीक्षा पे चर्चा के नवम संस्करण का लाइव प्रसारण कक्षा तीसरी से 12वीं तक के विद्यार्थियों को दिखाया गया। प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों को परीक्षा से डरने के बजाय सहज रूप से लेने की सलाह दी। वहीं प्राचार्य सुरेंद्र ने कहा कि पढ़ाई बोझ नहीं, सीखने का अवसर है।
उन्होंने बताया कि शिक्षा केवल अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं है बल्कि जीवन में आगे बढ़ने और अच्छे इंसान बनने का माध्यम है। लाइफ स्किल्स और प्रोफेशनल स्किल्स दोनों के महत्व को समझाते हुए व्यावहारिक ज्ञान को भी आवश्यक बताया गया।
विद्यार्थियों को समय का सही उपयोग करने, नियमित पढ़ाई करने, काम को टालने की आदत छोड़ने तथा मिल-जुलकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने बताया कि साथ पढ़ने और अपने विचार सांझा करने से विषय अधिक अच्छी तरह समझ आता है। पढ़ाई के साथ खेल, योग, स्वच्छता और स्वास्थ्य का ध्यान रखने पर भी जोर दिया गया।
विज्ञापन
असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ने और आत्मविश्वास बनाए रखने का संदेश दिया गया। प्राचार्य सुरेंद्र ने कहा कि पढ़ाई बोझ नहीं, सीखने का अवसर है। हमारा लक्ष्य बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है, ताकि वे आत्मविश्वासी और सफल बन सकें। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक एवं उपयोगी सिद्ध हुआ।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि शिक्षा केवल अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं है बल्कि जीवन में आगे बढ़ने और अच्छे इंसान बनने का माध्यम है। लाइफ स्किल्स और प्रोफेशनल स्किल्स दोनों के महत्व को समझाते हुए व्यावहारिक ज्ञान को भी आवश्यक बताया गया।
विज्ञापन
विद्यार्थियों को समय का सही उपयोग करने, नियमित पढ़ाई करने, काम को टालने की आदत छोड़ने तथा मिल-जुलकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने बताया कि साथ पढ़ने और अपने विचार सांझा करने से विषय अधिक अच्छी तरह समझ आता है। पढ़ाई के साथ खेल, योग, स्वच्छता और स्वास्थ्य का ध्यान रखने पर भी जोर दिया गया।
विज्ञापन
असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ने और आत्मविश्वास बनाए रखने का संदेश दिया गया। प्राचार्य सुरेंद्र ने कहा कि पढ़ाई बोझ नहीं, सीखने का अवसर है। हमारा लक्ष्य बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है, ताकि वे आत्मविश्वासी और सफल बन सकें। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक एवं उपयोगी सिद्ध हुआ।