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अंत्योदय मेले में 18 विभागों की योजनाओं को दर्शाती स्टॉल लगाई
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जींद। एसडीएम डॉ. वेद प्रकाश ने रविवार को बीडीपीओ कार्यालय में आजादी के अमृत महोत्सव की श्रृंखला में मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत आयोजित अंत्योदय मेले का अवलोकन किया। मेले में 18 विभागों की योजनाओं को दर्शाती स्टॉल लगाई गई है।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ते कदम में मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना अहम है। योजना के प्रभावी रूप से क्रियान्वयन के लिए अंत्योदय मेलों का आयोजन कर लाभपात्रों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से सीधे तौर पर लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्टार्ट अप योजना के माध्यम से लघु व्यवसाय शुरू करने के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराए जाते हैं। इसी तर्ज पर हरियाणा में भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में गरीब परिवारों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना लागू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य अंत्योदय है। यह योजना गरीब उत्थान में मिल का पत्थर साबित होगी।
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत लघु उद्यमियों को बढ़ावा दिया जा सकता है। इसके तहत उन परिवारों को शामिल किया गया है जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम है और उनकी आय को एक लाख 80 हजार रुपये तक पहुंचाना लक्ष्य रहेगा। सरकार की ओर से तीन फेज में पात्रता निर्धारित की गई है और उसी अनुरूप योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों को अंत्योदय मेले से दिया जा रहा है। जिला समाज कल्याण अधिकारी सरोज देवी ने मेले में आने वाले पात्र परिवारों की जानकारी देते हुए बताया कि दूसरे दिन के लिए 175 परिवारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
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उन्होंने कहा कि इस योजना का लक्ष्य पंक्ति में खड़े अंतिम परिवार को आगे लाना है। इसके लिए 42 योजनाएं चिह्नित की गई हैं जो इन परिवारों की आमदनी बढ़ाने में मददगार होंगी। इनमें पात्रता के लिए एससी, बीसी, महिला, दिव्यांग को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार के लिए कृषि, मत्स्य, पशुपालन व डेयरी जैसे व्यापारिक, औद्योगिक क्षेत्रों में व्यवसाय के साथ-साथ स्किलिंग में निपुण करने के लिए कंप्यूटर, चालक, सिलाई कढ़ाई आदि के प्रशिक्षण भी शामिल हैं।
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उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ते कदम में मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना अहम है। योजना के प्रभावी रूप से क्रियान्वयन के लिए अंत्योदय मेलों का आयोजन कर लाभपात्रों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से सीधे तौर पर लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्टार्ट अप योजना के माध्यम से लघु व्यवसाय शुरू करने के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराए जाते हैं। इसी तर्ज पर हरियाणा में भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में गरीब परिवारों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना लागू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य अंत्योदय है। यह योजना गरीब उत्थान में मिल का पत्थर साबित होगी।
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उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत लघु उद्यमियों को बढ़ावा दिया जा सकता है। इसके तहत उन परिवारों को शामिल किया गया है जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम है और उनकी आय को एक लाख 80 हजार रुपये तक पहुंचाना लक्ष्य रहेगा। सरकार की ओर से तीन फेज में पात्रता निर्धारित की गई है और उसी अनुरूप योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों को अंत्योदय मेले से दिया जा रहा है। जिला समाज कल्याण अधिकारी सरोज देवी ने मेले में आने वाले पात्र परिवारों की जानकारी देते हुए बताया कि दूसरे दिन के लिए 175 परिवारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
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उन्होंने कहा कि इस योजना का लक्ष्य पंक्ति में खड़े अंतिम परिवार को आगे लाना है। इसके लिए 42 योजनाएं चिह्नित की गई हैं जो इन परिवारों की आमदनी बढ़ाने में मददगार होंगी। इनमें पात्रता के लिए एससी, बीसी, महिला, दिव्यांग को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार के लिए कृषि, मत्स्य, पशुपालन व डेयरी जैसे व्यापारिक, औद्योगिक क्षेत्रों में व्यवसाय के साथ-साथ स्किलिंग में निपुण करने के लिए कंप्यूटर, चालक, सिलाई कढ़ाई आदि के प्रशिक्षण भी शामिल हैं।