{"_id":"62cb1f9f9796517fc5367bde","slug":"somewhere-it-is-drizzling-and-somewhere-it-rains-jind-news-rtk6519684166","type":"story","status":"publish","title_hn":"कहीं बूंदाबांदी तो कहीं झमाझम बरसे बदरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कहीं बूंदाबांदी तो कहीं झमाझम बरसे बदरा
विज्ञापन
उचाना के वार्ड नंबर सात की गली में भरा बारिश का पानी। संवाद।
- फोटो : Jind
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। मानसून की सक्रियता के चलते दूसरे दिन भी रविवार को जिला में कहीं पर हल्की बूंदाबांदी तो कहीं पर अच्छी बारिश हुई। जिले में औसतन बारिश 29.28 एमएम दर्ज की गई। जींद में दस, नरवाना में 77, सफीदों में आठ, जुलाना में 60, उचाना में 22, पिल्लूखेड़ा में 28 तथा अलेवा में बूंदाबांदी हुई। रविवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 27 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम में आर्द्रता 76 प्रतिशत तथा हवा की गति 18 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई।
रविवार को दिन का आगाज आकाश में छाए बादलों के साथ हुआ। सुबह सात बजे ही बूंदाबांदी शुरू हो गई जो रूक-रूक कर दोपहर तक होती रही। इसके चलते अधिकतम तापमान में तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई जबकि न्यूनतम तापमान में एक डिग्री का इजाफा हुआ। बाद में हवा की गति कम हो गई और आकाश में बादलों का आवागमन भी रुक गया। दोपहर बाद मौसम में उमस बन गई और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बादलों के छाने से बारिश के आसार भी बने रहे। मानसून के दस्तक देने के साथ धान रोपाई का कार्य भी रफ्तार पकड़े हुए है। पिछले दो दिनों के दौरान बारिश के अच्छे खासे आसार बने लेकिन नरवाना को छोड़ कहीं पर अच्छी खासी बारिश नहीं हुई। किसानों का कहना है कि अच्छी खासी बारिश की जरूरत है जो रूक-रूक कर देरी तक चले। नरवान, जुलाना तथा उचाना में अन्य स्थानों की बजाए अच्छी खासी बारिश हुई। फसलों के लिए तो फायदेमंद है लेकिन रिहायशी इलाकों में बरसाती पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के रेलवे रोड, राजेंद्रा कॉलोनी, पुरानी मंडी रोड के अलावा अंडरपास उचाना कलां में बारिश का पानी भर जाने से राहगीरों, वाहन चालकों के लिए परेशानी हुई।
उचाना में भरा पानी
उचाना निवासी बलजीत, मंजीत, सुरेंद्र, बलवान ने कहा कि बारिश ने गर्मी से राहत दी है लेकिन कई जगह पानी खड़ा होने से उन्हें परेशानी हुई है। शहर में गलियों, रेलवे रोड पर पानी भर जाने से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पानी निकासी के कोई पुख्ता प्रबंध नहीं हैं। इस कारण हर जगह पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। एसडीएम डॉ. राजेश खोथ ने कहा कि बारिश के पानी की निकासी को लेकर प्रबंध पुख्ता किए हुए हैं। जहां पानी की निकासी नहीं हुई है, वहां का पता कर पानी निकासी करवाई जाएगी।
विज्ञापन
13 जुलाई तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। आकाश में बादल छाए रहने के साथ औसतन बारिश की संभावना है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वह फसलों में स्प्रे नहीं करें।
डॉ. राजेश, मौसम वैज्ञानिक, पांडू पिंडारा कृषि विज्ञान केंद्र
विज्ञापन
जींद। मानसून की सक्रियता के चलते दूसरे दिन भी रविवार को जिला में कहीं पर हल्की बूंदाबांदी तो कहीं पर अच्छी बारिश हुई। जिले में औसतन बारिश 29.28 एमएम दर्ज की गई। जींद में दस, नरवाना में 77, सफीदों में आठ, जुलाना में 60, उचाना में 22, पिल्लूखेड़ा में 28 तथा अलेवा में बूंदाबांदी हुई। रविवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 27 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम में आर्द्रता 76 प्रतिशत तथा हवा की गति 18 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई।
रविवार को दिन का आगाज आकाश में छाए बादलों के साथ हुआ। सुबह सात बजे ही बूंदाबांदी शुरू हो गई जो रूक-रूक कर दोपहर तक होती रही। इसके चलते अधिकतम तापमान में तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई जबकि न्यूनतम तापमान में एक डिग्री का इजाफा हुआ। बाद में हवा की गति कम हो गई और आकाश में बादलों का आवागमन भी रुक गया। दोपहर बाद मौसम में उमस बन गई और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बादलों के छाने से बारिश के आसार भी बने रहे। मानसून के दस्तक देने के साथ धान रोपाई का कार्य भी रफ्तार पकड़े हुए है। पिछले दो दिनों के दौरान बारिश के अच्छे खासे आसार बने लेकिन नरवाना को छोड़ कहीं पर अच्छी खासी बारिश नहीं हुई। किसानों का कहना है कि अच्छी खासी बारिश की जरूरत है जो रूक-रूक कर देरी तक चले। नरवान, जुलाना तथा उचाना में अन्य स्थानों की बजाए अच्छी खासी बारिश हुई। फसलों के लिए तो फायदेमंद है लेकिन रिहायशी इलाकों में बरसाती पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के रेलवे रोड, राजेंद्रा कॉलोनी, पुरानी मंडी रोड के अलावा अंडरपास उचाना कलां में बारिश का पानी भर जाने से राहगीरों, वाहन चालकों के लिए परेशानी हुई।
विज्ञापन
उचाना में भरा पानी
उचाना निवासी बलजीत, मंजीत, सुरेंद्र, बलवान ने कहा कि बारिश ने गर्मी से राहत दी है लेकिन कई जगह पानी खड़ा होने से उन्हें परेशानी हुई है। शहर में गलियों, रेलवे रोड पर पानी भर जाने से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पानी निकासी के कोई पुख्ता प्रबंध नहीं हैं। इस कारण हर जगह पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। एसडीएम डॉ. राजेश खोथ ने कहा कि बारिश के पानी की निकासी को लेकर प्रबंध पुख्ता किए हुए हैं। जहां पानी की निकासी नहीं हुई है, वहां का पता कर पानी निकासी करवाई जाएगी।
विज्ञापन
13 जुलाई तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। आकाश में बादल छाए रहने के साथ औसतन बारिश की संभावना है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वह फसलों में स्प्रे नहीं करें।
डॉ. राजेश, मौसम वैज्ञानिक, पांडू पिंडारा कृषि विज्ञान केंद्र