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कर्मचारी संगठनों में नहीं एकजुटता, प्रशासन ने नियुक्त किए 22 ड्यूटी मजिस्ट्रेट
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बस स्टैंड के बाहर तैनात पीसीआर।
- फोटो : Jind
देशभर में कर्मचारी संगठनों व ट्रेड यूनियनों की हड़ताल के चलते व्यवस्थाएं बनाने के लिए प्रशासन ने खास तैयारियां की हैं। इनका कितना लाभ लोगों को मिल पाएगा, इसका पता बुधवार को होने वाली हड़ताल के दौरान ही पता चलेगा। वहीं जिला प्रशासन ने हड़ताल के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 22 ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए हैं। रोडवेज ने बस चलाने के लिए खास योजना बनाई है, जिसके तहत पिछले साल हुई हड़ताल में काम करने वाले चालकों और परिचालकों से संपर्क किया गया है। जरूरत पड़ने पर उन्हें तैयार रहने को कहा गया है। हालांकि कर्मचारी संगठनों की अलग-अलग यूनियनों में हड़ताल को लेकर मतभेद हैं। इससे प्रशासन को व्यवस्थाएं बनाने में आसानी होगी।
कर्मचारियों की हड़ताल का सबसे अधिक असर यातायात, जलापूर्ति व बिजली आपूर्ति पर पड़ती है। ऐसे में तीनों विभागों में अपने स्तर पर तैयारियां की गई हैं। सभी विभागों को सबसे बड़ा सहारा सरकार समर्थित यूनियन हैं। इन यूनियन के नेताओं ने हड़ताल में शामिल नहीं होने का फैसला लिया है। इसके अलावा कच्चे कर्मचारियों से भी काम चलेगा। विशेषकर बिजली निगम व जलापूर्ति के लिए कच्चे कर्मचारियों को खास तौर पर तैनात किया गया है।
शांतिपूर्ण हो हड़ताल
हड़ताल का आह्वान देशव्यापी होने के चलते अधिकारी भी इस पर ज्यादा सख्त नहीं हैं, लेकिन प्रयास है कि हड़ताल के दौरान शांति बनी रहे। डीसी डॉ. आदित्य दहिया के अनुसार प्रशासन अपना काम करेगा, लेकिन किसी को भी जबरन काम नहीं रोकने दिया जाएगा। शांतिपूर्ण जो भी धरना-प्रदर्शन करना चाहता है, वह करे।
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कच्चे कर्मचारी व दो यूनियनों का सहारा
बिजली निगम के एसई श्यामवीर सैनी के अनुसार निगम में कर्मचारियों की तीन यूनियन हैं। इनमें से दो यूनियन हड़ताल में शामिल नहीं हो रही हैं। इसके अलाव कच्चे कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल नहीं हो रहे हैं। इनसे व्यवस्था बनाई जाएगी। वहीं जनस्वास्थ्य विभाग में भी कच्चे कर्मचारियों को पेयजल सप्लाई के काम पर लगाया गया है। एक्सईएन एसके शर्मा के अनुसार उन्हें हड़ताल का नोटिस भी नहीं मिला है।
बस स्टैंड पर दिया जाएगा धरना
कर्मचारी संगठन अपने-अपने विभाग में प्रदर्शन करेंगे और इसके बाद बस स्टैंड पर एकत्रित होंगे। यहां दिनभर कर्मचारियों का धरना चलेगा। इसमें कर्मचारी व ट्रेड यूनियन के नेता शिरकत करेंगे।
बीएमएस का हड़ताल से किनारा
जो यूनियन हड़ताल कर रही हैं, उनके साथ भरतीय मजदूर संघ का तालमेल नहीं है। ऐसे में बीएमएस हड़ताल में शामिल नहीं है। बीएमएस से जुड़े संगठनों के लोग अपने-अपने विभाग में काम करेंगे।
विनोद शर्मा, प्रवक्ता भारतीय मजदूर संघ।
लोगों को परेशान करने के लिए नहीं हड़ताल
हड़ताल लोगों को परेशान करने के लिए नहीं, सरकार की कर्मचारी व जनविरोधी नीतियों के खिलाफ रोष जताने के लिए है। बिजली-पानी जैसी जरूरी सुविधाओं को बंद नहीं किया जाएगा। भारी संख्या में प्रदेशभर के कर्मचारी हड़ताल करेंगे।
सुरेश राठी, राज्य प्रधान, ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन यूनियन।
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कर्मचारियों की हड़ताल का सबसे अधिक असर यातायात, जलापूर्ति व बिजली आपूर्ति पर पड़ती है। ऐसे में तीनों विभागों में अपने स्तर पर तैयारियां की गई हैं। सभी विभागों को सबसे बड़ा सहारा सरकार समर्थित यूनियन हैं। इन यूनियन के नेताओं ने हड़ताल में शामिल नहीं होने का फैसला लिया है। इसके अलावा कच्चे कर्मचारियों से भी काम चलेगा। विशेषकर बिजली निगम व जलापूर्ति के लिए कच्चे कर्मचारियों को खास तौर पर तैनात किया गया है।
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शांतिपूर्ण हो हड़ताल
हड़ताल का आह्वान देशव्यापी होने के चलते अधिकारी भी इस पर ज्यादा सख्त नहीं हैं, लेकिन प्रयास है कि हड़ताल के दौरान शांति बनी रहे। डीसी डॉ. आदित्य दहिया के अनुसार प्रशासन अपना काम करेगा, लेकिन किसी को भी जबरन काम नहीं रोकने दिया जाएगा। शांतिपूर्ण जो भी धरना-प्रदर्शन करना चाहता है, वह करे।
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कच्चे कर्मचारी व दो यूनियनों का सहारा
बिजली निगम के एसई श्यामवीर सैनी के अनुसार निगम में कर्मचारियों की तीन यूनियन हैं। इनमें से दो यूनियन हड़ताल में शामिल नहीं हो रही हैं। इसके अलाव कच्चे कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल नहीं हो रहे हैं। इनसे व्यवस्था बनाई जाएगी। वहीं जनस्वास्थ्य विभाग में भी कच्चे कर्मचारियों को पेयजल सप्लाई के काम पर लगाया गया है। एक्सईएन एसके शर्मा के अनुसार उन्हें हड़ताल का नोटिस भी नहीं मिला है।
बस स्टैंड पर दिया जाएगा धरना
कर्मचारी संगठन अपने-अपने विभाग में प्रदर्शन करेंगे और इसके बाद बस स्टैंड पर एकत्रित होंगे। यहां दिनभर कर्मचारियों का धरना चलेगा। इसमें कर्मचारी व ट्रेड यूनियन के नेता शिरकत करेंगे।
बीएमएस का हड़ताल से किनारा
जो यूनियन हड़ताल कर रही हैं, उनके साथ भरतीय मजदूर संघ का तालमेल नहीं है। ऐसे में बीएमएस हड़ताल में शामिल नहीं है। बीएमएस से जुड़े संगठनों के लोग अपने-अपने विभाग में काम करेंगे।
विनोद शर्मा, प्रवक्ता भारतीय मजदूर संघ।
लोगों को परेशान करने के लिए नहीं हड़ताल
हड़ताल लोगों को परेशान करने के लिए नहीं, सरकार की कर्मचारी व जनविरोधी नीतियों के खिलाफ रोष जताने के लिए है। बिजली-पानी जैसी जरूरी सुविधाओं को बंद नहीं किया जाएगा। भारी संख्या में प्रदेशभर के कर्मचारी हड़ताल करेंगे।
सुरेश राठी, राज्य प्रधान, ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन यूनियन।