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Jind News: हरियाणा ज्ञान-विज्ञान समिति के फिर अध्यक्ष बने सोहन दास
Mon, 16 Feb 2026 12:11 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 16 Feb 2026 12:11 AM IST
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15जेएनडी05: बैरागी धर्मशाला में बैठक में मौजूद समिति सदस्य। स्रोत पदाधिकारी
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जींद। हरियाणा ज्ञान-विज्ञान समिति का सफीदों रोड स्थित बैरागी धर्मशाला में चल रहे दो दिवसीय 11वां जिला सम्मेलन रविवार को संपन्न हो गया। तीन वर्षों के लिए 27 सदस्यीय नई जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया।
इसमें सोहन दास को दोबारा जिलाध्यक्ष, प्रमोद कुमार को सचिव और अनिल कुमार को कोषाध्यक्ष चुना गया। प्रमोद कुमार ने तीन वर्षों की गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। लक्ष्यों पर चर्चा करते हुए निर्णय लिया गया कि संगठन का विस्तार करते हुए जिले के 30 गांवों में नई इकाइयां और लर्निंग सेंटर पुस्तकालय स्थापित किए जाएंगे।
साथ ही दो नाटक टीमों को पुनर्गठित कर विभिन्न संस्थाओं के साथ मिलकर सामाजिक मंच तैयार किया जाएगा। प्रतिनिधियों ने समूहों में विमर्श कर इन प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया। सांस्कृतिक सत्र में जनवादी लेखक संघ के बैनर तले बेहतरीन कविता पाठ हुआ। प्रदीप शर्मा की रागनी बोल जमूरे भूखी जनता, मंगतराम शास्त्री की व्यंग्यात्मक गजल और राममेहर कमेरा के फिलिस्तीन युद्ध पर आधारित दोहों ने प्रभावित किया।
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अन्य कवियों ने भी अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक विसंगतियों पर प्रहार किया। समापन सत्र में राज्य सचिव सुरेश कुमार ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे 11 से 13 अप्रैल को करनाल में होने वाले राज्य सम्मेलन में सक्रिय भागीदारी करें। उन्होंने जिले के सभी 306 गांवों और शहरों की करीब 15 लाख आबादी तक वैज्ञानिक चेतना और सामाजिक न्याय का संदेश पहुंचाने पर जोर दिया। नवनिर्वाचित कार्यकारिणी में प्रदीप शर्मा, जगवन्ती, रामफल दहिया, विजेन्द्र, जयप्रकाश लुदाना और सुरेश कुमार को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
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इसमें सोहन दास को दोबारा जिलाध्यक्ष, प्रमोद कुमार को सचिव और अनिल कुमार को कोषाध्यक्ष चुना गया। प्रमोद कुमार ने तीन वर्षों की गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। लक्ष्यों पर चर्चा करते हुए निर्णय लिया गया कि संगठन का विस्तार करते हुए जिले के 30 गांवों में नई इकाइयां और लर्निंग सेंटर पुस्तकालय स्थापित किए जाएंगे।
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साथ ही दो नाटक टीमों को पुनर्गठित कर विभिन्न संस्थाओं के साथ मिलकर सामाजिक मंच तैयार किया जाएगा। प्रतिनिधियों ने समूहों में विमर्श कर इन प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया। सांस्कृतिक सत्र में जनवादी लेखक संघ के बैनर तले बेहतरीन कविता पाठ हुआ। प्रदीप शर्मा की रागनी बोल जमूरे भूखी जनता, मंगतराम शास्त्री की व्यंग्यात्मक गजल और राममेहर कमेरा के फिलिस्तीन युद्ध पर आधारित दोहों ने प्रभावित किया।
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अन्य कवियों ने भी अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक विसंगतियों पर प्रहार किया। समापन सत्र में राज्य सचिव सुरेश कुमार ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे 11 से 13 अप्रैल को करनाल में होने वाले राज्य सम्मेलन में सक्रिय भागीदारी करें। उन्होंने जिले के सभी 306 गांवों और शहरों की करीब 15 लाख आबादी तक वैज्ञानिक चेतना और सामाजिक न्याय का संदेश पहुंचाने पर जोर दिया। नवनिर्वाचित कार्यकारिणी में प्रदीप शर्मा, जगवन्ती, रामफल दहिया, विजेन्द्र, जयप्रकाश लुदाना और सुरेश कुमार को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।