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Jind News: उठान की सुस्त रफ्तार से नरवाना मंडी में जगह खत्म, 2.28 लाख क्विंटल धान खरीद के इंतजार में
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नरवाना। नरवाना नई अनाज मेला मंडी में धान की खरीद और उठान की धीमी रफ्तार से किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। मंडी में धान व धान से भरे बोरे के ढेर लगे हैं और नई फसल लेकर पहुंच रहे किसानों को उसे उतारने के लिए जगह नहीं मिल रही।
खरीदी गई धान का उठान समय पर नहीं होने से मंडी परिसर खाली नहीं हो पा रहा। ऐसे में किसानों को हिसार रोड पर निजी खाली जगह में धान उतारनी पड़ रही है। बुधवार दोपहर भी एक निजी जगह पर धान उतारी जाती दिखाई दी। मंडी में जगह की कमी और खरीद में देरी के चलते किसानों के सामने फसल रखने का संकट गहराता जा रहा है।
चार लाख क्विंटल से अधिक धान की आवक, 56 प्रतिशत खरीद बाकी
14 अक्तूबर को शाम करीब सात बजे तक नरवाना मंडी में 7,127 गेट पास के माध्यम से 4,04,737 क्विंटल धान पहुंच चुकी थी। इसमें से डीएफएससी ने 1,51,849 क्विंटल और वेयरहाउस ने 18,477 क्विंटल धान खरीदी है। इसके बावजूद 2,28,396 क्विंटल धान की खरीद बाकी है। यानी मंडी में पहुंची कुल धान का करीब 56 प्रतिशत हिस्सा खरीद के इंतजार में है।
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98 हजार क्विंटल से अधिक खरीदी गई धान का उठान बाकी
डीएफएससी की ओर से खरीदी गई 1,51,849 क्विंटल धान में से 53,335 क्विंटल का ही उठान हुआ है। अभी 98,514 क्विंटल धान मंडी में पड़ी है। वहीं, वेयरहाउस की ओर से खरीदी गई 18,477 क्विंटल धान का उठान शुरू नहीं हुआ है। इसके अलावा हैफेड की पहले खरीदी गई 6,015 क्विंटल धान भी उठान के इंतजार में है। हैफेड अब नरवाना में खरीद नहीं कर रहा है। ऐसे में उसकी खरीदी गई धान के उठान की जिम्मेदारी किस एजेंसी को दी जाएगी, यह स्पष्ट नहीं है।
अतिरिक्त खरीद स्थल की मंजूरी नहीं, निजी जगह में उतर रही धान
मंडी में जगह नहीं मिलने के कारण किसान हिसार रोड स्थित निजी जगह में धान उतार रहे हैं। सरकार की ओर से खरीद प्रक्रिया में जियोफेंसिंग की व्यवस्था लागू की गई है, जबकि मार्केट कमेटी के अनुसार समाचार लिखे जाने तक अतिरिक्त खरीद स्थल को मंजूरी नहीं मिली थी। ऐसे में निजी जगह पर उतारी जा रही धान की खरीद और आवाजाही की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं। किसानों को अतिरिक्त ढुलाई और मजदूरी का खर्च तो नहीं उठाना पड़ेगा, यह भी महत्वपूर्ण है।
वर्जन
अतिरिक्त मंडी के लिए फिलहाल अनुमति नहीं मिली है। जगह की कमी के कारण किसान हिसार रोड पर निजी प्लॉटों में धान उतार रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वहां रखी धान के गेट पास नरवाना मंडी से ही काटे जा रहे हैं और खरीद भी इसी मंडी में दर्ज होगी। धान बाहर भेजने के लिए आउटगोइंग गेट पास भी मंडी से कटेगा। इसके लिए संबंधित ट्रक को मंडी में लाना अनिवार्य होगा। निजी जगह पर रखी धान की खरीद और आवाजाही का पूरा रिकॉर्ड मंडी की प्रक्रिया के तहत दर्ज किया जाएगा। -रोशन लाल , सचिव, मार्केट कमेटी नरवाना।
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खरीदी गई धान का उठान समय पर नहीं होने से मंडी परिसर खाली नहीं हो पा रहा। ऐसे में किसानों को हिसार रोड पर निजी खाली जगह में धान उतारनी पड़ रही है। बुधवार दोपहर भी एक निजी जगह पर धान उतारी जाती दिखाई दी। मंडी में जगह की कमी और खरीद में देरी के चलते किसानों के सामने फसल रखने का संकट गहराता जा रहा है।
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चार लाख क्विंटल से अधिक धान की आवक, 56 प्रतिशत खरीद बाकी
14 अक्तूबर को शाम करीब सात बजे तक नरवाना मंडी में 7,127 गेट पास के माध्यम से 4,04,737 क्विंटल धान पहुंच चुकी थी। इसमें से डीएफएससी ने 1,51,849 क्विंटल और वेयरहाउस ने 18,477 क्विंटल धान खरीदी है। इसके बावजूद 2,28,396 क्विंटल धान की खरीद बाकी है। यानी मंडी में पहुंची कुल धान का करीब 56 प्रतिशत हिस्सा खरीद के इंतजार में है।
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98 हजार क्विंटल से अधिक खरीदी गई धान का उठान बाकी
डीएफएससी की ओर से खरीदी गई 1,51,849 क्विंटल धान में से 53,335 क्विंटल का ही उठान हुआ है। अभी 98,514 क्विंटल धान मंडी में पड़ी है। वहीं, वेयरहाउस की ओर से खरीदी गई 18,477 क्विंटल धान का उठान शुरू नहीं हुआ है। इसके अलावा हैफेड की पहले खरीदी गई 6,015 क्विंटल धान भी उठान के इंतजार में है। हैफेड अब नरवाना में खरीद नहीं कर रहा है। ऐसे में उसकी खरीदी गई धान के उठान की जिम्मेदारी किस एजेंसी को दी जाएगी, यह स्पष्ट नहीं है।
अतिरिक्त खरीद स्थल की मंजूरी नहीं, निजी जगह में उतर रही धान
मंडी में जगह नहीं मिलने के कारण किसान हिसार रोड स्थित निजी जगह में धान उतार रहे हैं। सरकार की ओर से खरीद प्रक्रिया में जियोफेंसिंग की व्यवस्था लागू की गई है, जबकि मार्केट कमेटी के अनुसार समाचार लिखे जाने तक अतिरिक्त खरीद स्थल को मंजूरी नहीं मिली थी। ऐसे में निजी जगह पर उतारी जा रही धान की खरीद और आवाजाही की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं। किसानों को अतिरिक्त ढुलाई और मजदूरी का खर्च तो नहीं उठाना पड़ेगा, यह भी महत्वपूर्ण है।
वर्जन
अतिरिक्त मंडी के लिए फिलहाल अनुमति नहीं मिली है। जगह की कमी के कारण किसान हिसार रोड पर निजी प्लॉटों में धान उतार रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वहां रखी धान के गेट पास नरवाना मंडी से ही काटे जा रहे हैं और खरीद भी इसी मंडी में दर्ज होगी। धान बाहर भेजने के लिए आउटगोइंग गेट पास भी मंडी से कटेगा। इसके लिए संबंधित ट्रक को मंडी में लाना अनिवार्य होगा। निजी जगह पर रखी धान की खरीद और आवाजाही का पूरा रिकॉर्ड मंडी की प्रक्रिया के तहत दर्ज किया जाएगा। -रोशन लाल , सचिव, मार्केट कमेटी नरवाना।