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दोनों हाथों से एक साथ लिखती हैं ये छात्राएं
ब्यूरो/ अमर उजाला, जींद
Updated Mon, 28 Nov 2016 11:57 PM IST
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दोनों हाथों से लिखती उझाना गांव की बेटियां।
- फोटो : jind
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गांव उझाना की छह छात्राओं ने दोनों हाथों से एक साथ हिंदी व अंग्रेजी भाषा लिखने की कला हासिल की है। लिखावट में सफाई भी इतनी कि कोई फर्क नहीं आए। कुछ माह पहले सभी ने दोनों हाथों से लिखने का अभ्यास शुरू किया और उनकी जिद व हर रोज के अभ्यास से हासिल इस कला ने उनको अब अन्य विद्यार्थियों से अलग पहचान मिली है।
उझाना गांव के स्वामी विवेकानंद स्कूल में नौवीं कक्षा में पढ़ रही पूजा, प्रिया, तमन्ना, मोनिका, ईशा व मन्नूू ने बताया कि करीब छह पहले उनके शिक्षक कुलदीप सिंह ने क्लास में साइंटिस्ट अलबर्ट आइंस्टीन के बारे में बताया जो दोनों हाथों से लिखने में एक्सपर्ट थे। पहले तो उन्हें यह सुनकर ताज्जुब हुआ, लेकिन बाद में उन्होंने भी दोनों हाथों से लिखने की प्रैक्टिस शुरू की।
हर रोज स्कूल समय में ही एक पीरियड में लिखने का अभ्यास शुरू किया। कुछ दिनों के बाद एक साथ दोनों हाथ चलने लगे तो उन्हें खुद पर विश्वास हुआ कि अब वह ऐसा कर सकती हैं। धीरे-धीरे लिखाई की स्पीड बनने लगी और उसमें सुधार भी आने लगा। फिर एक हाथ से हिंदी व दूसरे से अंग्रेजी लिखने की प्रैक्टिस शुरू की। छात्राओं ने बताया कि अब उन्हें दोनों हाथों से एक साथ लिखने में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होती। घरवाले और उनके शिक्षक भी उनको इस तरह से लिखता देखकर काफी खुश होते हैं।
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उझाना गांव के स्वामी विवेकानंद स्कूल में नौवीं कक्षा में पढ़ रही पूजा, प्रिया, तमन्ना, मोनिका, ईशा व मन्नूू ने बताया कि करीब छह पहले उनके शिक्षक कुलदीप सिंह ने क्लास में साइंटिस्ट अलबर्ट आइंस्टीन के बारे में बताया जो दोनों हाथों से लिखने में एक्सपर्ट थे। पहले तो उन्हें यह सुनकर ताज्जुब हुआ, लेकिन बाद में उन्होंने भी दोनों हाथों से लिखने की प्रैक्टिस शुरू की।
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हर रोज स्कूल समय में ही एक पीरियड में लिखने का अभ्यास शुरू किया। कुछ दिनों के बाद एक साथ दोनों हाथ चलने लगे तो उन्हें खुद पर विश्वास हुआ कि अब वह ऐसा कर सकती हैं। धीरे-धीरे लिखाई की स्पीड बनने लगी और उसमें सुधार भी आने लगा। फिर एक हाथ से हिंदी व दूसरे से अंग्रेजी लिखने की प्रैक्टिस शुरू की। छात्राओं ने बताया कि अब उन्हें दोनों हाथों से एक साथ लिखने में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होती। घरवाले और उनके शिक्षक भी उनको इस तरह से लिखता देखकर काफी खुश होते हैं।
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