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उचाना के नागरिक अस्पताल के हालात : एक चिकित्सक पर ही 2 लाख आबादी का जिम्मा
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नागरिक अस्पताल उचाना की नई बिल्डिंग।
- फोटो : Jind
नागरिक अस्पताल उचाना में चिकित्सकों के पद खाली होने से ऐसा लगता है कि अस्पताल खुद ही बीमार है। उचाना के आसपास के गांवों की दो लाख की आबादी केवल एक चिकित्सक के भरोसे है। प्रतिदिन तीन लोगों की ओपीडी हो रही है। नागरिक अस्पताल उचाना में एक सीनियर मेडिकल ऑफिसर, आठ मेडिकल ऑफिसर तथा एक दंत चिकित्सक का पद स्वीकृत है, लेकिन यहां केवल एक मेडिकल ऑफिसर है, जिस पर सभी प्रकार के कार्यभार हैं। दिन में ओपीडी हो जाती हैं लेकिन रात के समय इमरजेंसी सेवाएं रामभरोसे चल रही हैं।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पांच साल पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा बढ़ाकर 50 बेड का नागरिक अस्पताल बनाने की घोषणा की थी। जिसकी इमारत बनाने पर दस करोड़ रुपये का खर्च आया। पैसे से नागरिक अस्पताल की बिल्डिंग तो बन गई, लेकिन लोगों का इलाज करने के लिए चिकित्सक आज तक नहीं मिले हैं। चार महीने पहले इस बिल्डिंग का उद्घाटन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किया था। नई इमारत में अब तक स्वास्थ्य विभाग बिजली का कनेक्शन भी नहीं शुरू करवा सका है। बिजली नहीं होने के कारण कर्मचारी नई बिल्डिंग की बजाय पुरानी बिल्डिंग में ही काम करने के लिए मजबूर हैं। नए भवन में बिजली कनेक्शन नहीं होने के कारण यह भवन खराब हो रहा है। यहां पर नशेड़ी और आवारा किस्म के लोग बैठे रहते हैं।
उपमुख्यमंत्री ने मांगी थी रिपोर्ट
मनोहर सरकार टू में गठबंधन में आई जजपा से उपमुख्यमंत्री बने दुष्यंत चौटाला इसी उचाना कलां से विधायक हैं। उपमुख्यमंत्री बनते ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से उचाना विधानसभा क्षेत्र में नागरिक अस्पताल समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में नियुक्त स्टाफ की रिपोर्ट मांगी थी। इसमें स्वास्थ्य विभाग ने सभी खाली व भरे हुए पदों का ब्योरा उपमुख्यमंत्री को भेजा था, लेकिन सरकार बने तीन महीने से ज्यादा का समय हो गया है, मगर अभी तक चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं हुई है।
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नागरिक अस्पताल उचाना को बिजली की हॉट लाइन से जोड़ने के लिए 25 लाख रुपये के बजट की मांग भेजी गई है। चिकित्सकों की मांग पूरे हरियाणा में है। सरकार 450 चिकित्सकों के पद भरने जा रही है। उम्मीद है जल्द चिकित्सक मिल जाएं। उचाना नागरिक अस्पताल में एक चिकित्सक उपलब्ध है, जो दिन में ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं। रात को इमरजेंसी सेवाएं चलाने के लिए जल्द ही उचाना में एक चिकित्सक की अस्थायी नियुक्ति की जाएगी। -डॉ. मंजू कादियान, सिविल सर्जन, जींद।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पांच साल पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा बढ़ाकर 50 बेड का नागरिक अस्पताल बनाने की घोषणा की थी। जिसकी इमारत बनाने पर दस करोड़ रुपये का खर्च आया। पैसे से नागरिक अस्पताल की बिल्डिंग तो बन गई, लेकिन लोगों का इलाज करने के लिए चिकित्सक आज तक नहीं मिले हैं। चार महीने पहले इस बिल्डिंग का उद्घाटन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किया था। नई इमारत में अब तक स्वास्थ्य विभाग बिजली का कनेक्शन भी नहीं शुरू करवा सका है। बिजली नहीं होने के कारण कर्मचारी नई बिल्डिंग की बजाय पुरानी बिल्डिंग में ही काम करने के लिए मजबूर हैं। नए भवन में बिजली कनेक्शन नहीं होने के कारण यह भवन खराब हो रहा है। यहां पर नशेड़ी और आवारा किस्म के लोग बैठे रहते हैं।
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उपमुख्यमंत्री ने मांगी थी रिपोर्ट
मनोहर सरकार टू में गठबंधन में आई जजपा से उपमुख्यमंत्री बने दुष्यंत चौटाला इसी उचाना कलां से विधायक हैं। उपमुख्यमंत्री बनते ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से उचाना विधानसभा क्षेत्र में नागरिक अस्पताल समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में नियुक्त स्टाफ की रिपोर्ट मांगी थी। इसमें स्वास्थ्य विभाग ने सभी खाली व भरे हुए पदों का ब्योरा उपमुख्यमंत्री को भेजा था, लेकिन सरकार बने तीन महीने से ज्यादा का समय हो गया है, मगर अभी तक चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं हुई है।
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नागरिक अस्पताल उचाना को बिजली की हॉट लाइन से जोड़ने के लिए 25 लाख रुपये के बजट की मांग भेजी गई है। चिकित्सकों की मांग पूरे हरियाणा में है। सरकार 450 चिकित्सकों के पद भरने जा रही है। उम्मीद है जल्द चिकित्सक मिल जाएं। उचाना नागरिक अस्पताल में एक चिकित्सक उपलब्ध है, जो दिन में ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं। रात को इमरजेंसी सेवाएं चलाने के लिए जल्द ही उचाना में एक चिकित्सक की अस्थायी नियुक्ति की जाएगी। -डॉ. मंजू कादियान, सिविल सर्जन, जींद।