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साहब! अफसर चाय पिलाते हैं पर काम नहीं करते
jind
Updated Fri, 02 Sep 2016 11:31 PM IST
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परिवेदना समिति की मीटिंग में शिकायत करते फरियादी।
- फोटो : bureau
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जिला परिवेदना समिति के चेयरमैन पद पर इस बार स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के स्थान पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी पहली मीटिंग में पहुंचे। वे भी मंत्री अनिल विज की तरह ही दबंग अंदाज में पेश आए और अधिकारियों को लोगों की समस्याओं का समाधान करने के आदेश दिए। परिवेदना समिति की बैठक में कुल 16 शिकायतें आईं। 12 नंबर शिकायत में रिटौली गांव के लोगों ने कहा कि उनके खेतों के लिए 2007 में पक्की खाला बनी थी, लेकिन आज तक उसमें पानी नहीं गया है। शिकायतकर्ता ने कहा कि अधिकारी बहुत अच्छे हैं, दफ्तर जाने पर चाय भी पिलाते हैं, इज्जत भी करते हैं, लेकिन काम नहीं करते। इस पर मंत्री ने आदेश दिए कि इसे तुरंत ठीक किया जाए और जिन अधिकारियों के समय यह खाला बना था, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
शिकायत नंबर छह में अपोलो रोड निवासी रमेश ने कहा कि एक महिला ने गली में अतिक्रमण कर रखा है। नगर परिषद इसे नहीं हटा रहा है। इस पर नगर परिषद के ईओ बीएन भारती कहा कि अब गली से कब्जा हटवा दिया है। इस पर फरियादी ने कहा कि दो साल में कब्जा हटवाया, लेकिन अब भी पूरा नहीं हटा है। इस पर मंत्री ने ईओ की ओर इशारा करते हुए कहा कि 'कमाल की स्पीड है।Ó मंत्री ने एसडीएम जींद व दो परिवेदना समिति के सदस्यों द्वारा मौका देखने के आदेश दिए। वहीं शिकायत नंबर पांच में एक महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति की मौत हो चुकी है और अब ससुराल के लोग उसे उसका हक नहीं दे रहे हैं। इस पर डीएसपी कप्तान सिंह ने रिपोर्ट पेश की कि महिला को उसके हिस्से की जमीन दिलवा दी गई है। वहीं गांव के लोगों की कमेटी ने बताया है कि महिला उसके पहले के पैसे का भुगतान भी किया गया है। इस पर मंत्री ने कहा कि परिवेदना समिति के दो सदस्य और प्रशासन मामले की जांच करेगा। यदि महिला को उसका हक नहीं मिला है तो दिलवाया जाए, लेकिन अगर हक दिया गया है तो शिकायतकर्ता के खिलाफ केस दर्ज करवाया जाए।
एसडीएम साहब आगे से जुबान पर हो कुंडू-कुंडू
छह नंबर शिकायत के फरियादी ने अपनी बात बताते हुए कई बार जींद जिला परिवेदना समिति के पूर्व चेयरमैन और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का नाम लिया है। इस पर मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने एसडीएम सतबीर सिंह कुंडू को कहा कि यह बार-बार अनिल विज-अनिल विज कह रहा है। जांच में ऐसा बढ़िया काम करो कि यह आगे से कुंडू साहब-कुंडू साहब कहे।
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गलत हुए बिजली के कनेक्शन
शिकायत नंबर आठ में हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी नीलम ने कहा कि उसका बिजली का बिल अधिक आ रहा है। इसके लिए पड़ोसियों ने उसके बिजली मीटर से अपने घर का कनेक्शन कर लिया है। इस पर निगम के एक्सईएन ने बताया कि दोनों घरों के मीटर के कनेक्शन आपस में बदल गए थे। इसके चलते शिकायतकर्ता महिला को बिजली का बिल अधिक आ रहा था। इसको निपटा दिया है। मंत्री ने कहा कि ऐसा तो पहला मामला सुना है।
मंत्री जी आठ साल से डली है सीवर लाइन पानी नहीं जाता
शिकायत नंबर दस में शहर की आनंद पर्वत कॉलोनी, चंद्र लोक कॉलोनी व न्यू चंद्रलोक कॉलोनी के लोगों ने कहा कि उनकी कॉलोनी में आठ साल पहले सीवर लाइन डली थी, लेकिन इसमें पानी नहीं जा रहा है। इस पर जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन ने बताया कि यहां डली सीवर लाइन पर कब्जा हो गया है, ऐसे में इसे साफ नहीं किया जा सकता। इसके लिए अलग से छोटी लाइन डाली गई है। कब्जा नगर परिषद को हटवाना है।
एसडीओ को समझा दो हिंदी में
शिकायत नंबर 10 में शिकायतकर्ता पार्षद रणधीर राणा ने कहा कि जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ उनकी सुनवाई नहीं करते। वे रात को मोटर लगाकर पानी निकालते हैं। इस पर मंत्री ने पूछा कि कौन है एसडीएओ, तो जवाब मिला है कि एसडीओ मोर है। मंत्री ने एक्सईएन से पूछा कि मोर को समझा देना हिंदी में, ये चुने हुए प्रतिनिधि हैं।
मैं पार्टी का पार्षद हूं मेरी ही नहीं सुनते
पार्षद रणधीर राणा ने कहा कि वे आठ साल से अधिकारियों के चक्कर काट करे हैं। उन्होंने कहा कि मैं पार्टी का पार्षद हूं मेरी ही नहीं सुनते अधिकारी। दूसरे लोगों का क्या हाल होगा।
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शिकायत नंबर छह में अपोलो रोड निवासी रमेश ने कहा कि एक महिला ने गली में अतिक्रमण कर रखा है। नगर परिषद इसे नहीं हटा रहा है। इस पर नगर परिषद के ईओ बीएन भारती कहा कि अब गली से कब्जा हटवा दिया है। इस पर फरियादी ने कहा कि दो साल में कब्जा हटवाया, लेकिन अब भी पूरा नहीं हटा है। इस पर मंत्री ने ईओ की ओर इशारा करते हुए कहा कि 'कमाल की स्पीड है।Ó मंत्री ने एसडीएम जींद व दो परिवेदना समिति के सदस्यों द्वारा मौका देखने के आदेश दिए। वहीं शिकायत नंबर पांच में एक महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति की मौत हो चुकी है और अब ससुराल के लोग उसे उसका हक नहीं दे रहे हैं। इस पर डीएसपी कप्तान सिंह ने रिपोर्ट पेश की कि महिला को उसके हिस्से की जमीन दिलवा दी गई है। वहीं गांव के लोगों की कमेटी ने बताया है कि महिला उसके पहले के पैसे का भुगतान भी किया गया है। इस पर मंत्री ने कहा कि परिवेदना समिति के दो सदस्य और प्रशासन मामले की जांच करेगा। यदि महिला को उसका हक नहीं मिला है तो दिलवाया जाए, लेकिन अगर हक दिया गया है तो शिकायतकर्ता के खिलाफ केस दर्ज करवाया जाए।
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एसडीएम साहब आगे से जुबान पर हो कुंडू-कुंडू
छह नंबर शिकायत के फरियादी ने अपनी बात बताते हुए कई बार जींद जिला परिवेदना समिति के पूर्व चेयरमैन और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का नाम लिया है। इस पर मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने एसडीएम सतबीर सिंह कुंडू को कहा कि यह बार-बार अनिल विज-अनिल विज कह रहा है। जांच में ऐसा बढ़िया काम करो कि यह आगे से कुंडू साहब-कुंडू साहब कहे।
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गलत हुए बिजली के कनेक्शन
शिकायत नंबर आठ में हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी नीलम ने कहा कि उसका बिजली का बिल अधिक आ रहा है। इसके लिए पड़ोसियों ने उसके बिजली मीटर से अपने घर का कनेक्शन कर लिया है। इस पर निगम के एक्सईएन ने बताया कि दोनों घरों के मीटर के कनेक्शन आपस में बदल गए थे। इसके चलते शिकायतकर्ता महिला को बिजली का बिल अधिक आ रहा था। इसको निपटा दिया है। मंत्री ने कहा कि ऐसा तो पहला मामला सुना है।
मंत्री जी आठ साल से डली है सीवर लाइन पानी नहीं जाता
शिकायत नंबर दस में शहर की आनंद पर्वत कॉलोनी, चंद्र लोक कॉलोनी व न्यू चंद्रलोक कॉलोनी के लोगों ने कहा कि उनकी कॉलोनी में आठ साल पहले सीवर लाइन डली थी, लेकिन इसमें पानी नहीं जा रहा है। इस पर जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन ने बताया कि यहां डली सीवर लाइन पर कब्जा हो गया है, ऐसे में इसे साफ नहीं किया जा सकता। इसके लिए अलग से छोटी लाइन डाली गई है। कब्जा नगर परिषद को हटवाना है।
एसडीओ को समझा दो हिंदी में
शिकायत नंबर 10 में शिकायतकर्ता पार्षद रणधीर राणा ने कहा कि जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ उनकी सुनवाई नहीं करते। वे रात को मोटर लगाकर पानी निकालते हैं। इस पर मंत्री ने पूछा कि कौन है एसडीएओ, तो जवाब मिला है कि एसडीओ मोर है। मंत्री ने एक्सईएन से पूछा कि मोर को समझा देना हिंदी में, ये चुने हुए प्रतिनिधि हैं।
मैं पार्टी का पार्षद हूं मेरी ही नहीं सुनते
पार्षद रणधीर राणा ने कहा कि वे आठ साल से अधिकारियों के चक्कर काट करे हैं। उन्होंने कहा कि मैं पार्टी का पार्षद हूं मेरी ही नहीं सुनते अधिकारी। दूसरे लोगों का क्या हाल होगा।