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Jind News: सिख समाज ने फूंका दीपेंद्र-भूपेंद्र हुड्डा का पुतला, बोले-1984 घटना का दर्द आज भी उनके दिलों में जिंदा
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फोटो 10 नरवाना। हुड्डा बंधुओं का पुतला फूंकते हुए सिख समाज के लोग। स्रोत वीडियो ग्रेब।
नरवाना। हरियल चौक पर बुधवार को सिख समाज के लोगों ने 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े सज्जन कुमार को लेकर कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा के कथित बयान के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी कर दीपेंद्र सिंह हुड्डा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का पुतला फूंका।
गुरलाल संधू ने कहा कि 1984 की हिंसा में सिख परिवारों ने अपनों को खोया था और उस घटना का दर्द आज भी उनके दिलों में जिंदा है। हिंसा के पीड़ित परिवार आज भी न्याय और सम्मान की उम्मीद लगाए हुए हैं।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेताओं को ऐसे संवेदनशील मामलों पर बयान देते समय पीड़ित परिवारों की भावनाओं का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सज्जन कुमार को लेकर दीपेंद्र हुड्डा की कथित टिप्पणी से सिख समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।
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जितेंद्र सिंह, पुरुषोत्तम आर्य सहित अन्य प्रदर्शनकारियों ने भी कथित बयान पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि 1984 के दंगों से जुड़ा मुद्दा सिख समाज के लिए बेहद संवेदनशील है और इस संबंध में किसी भी प्रकार की टिप्पणी सोच-समझकर की जानी चाहिए।
वहीं, दीपेंद्र सिंह हुड्डा अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को पहले ही खारिज कर चुके हैं। उनका कहना है कि उन्होंने सज्जन कुमार को ‘रोल मॉडल’ नहीं कहा और उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। हालांकि, उनके स्पष्टीकरण के बावजूद नरवाना में सिख समाज के लोगों ने प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया और कथित टिप्पणी पर नाराजगी जताई।
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गुरलाल संधू ने कहा कि 1984 की हिंसा में सिख परिवारों ने अपनों को खोया था और उस घटना का दर्द आज भी उनके दिलों में जिंदा है। हिंसा के पीड़ित परिवार आज भी न्याय और सम्मान की उम्मीद लगाए हुए हैं।
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उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेताओं को ऐसे संवेदनशील मामलों पर बयान देते समय पीड़ित परिवारों की भावनाओं का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सज्जन कुमार को लेकर दीपेंद्र हुड्डा की कथित टिप्पणी से सिख समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।
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जितेंद्र सिंह, पुरुषोत्तम आर्य सहित अन्य प्रदर्शनकारियों ने भी कथित बयान पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि 1984 के दंगों से जुड़ा मुद्दा सिख समाज के लिए बेहद संवेदनशील है और इस संबंध में किसी भी प्रकार की टिप्पणी सोच-समझकर की जानी चाहिए।
वहीं, दीपेंद्र सिंह हुड्डा अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को पहले ही खारिज कर चुके हैं। उनका कहना है कि उन्होंने सज्जन कुमार को ‘रोल मॉडल’ नहीं कहा और उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। हालांकि, उनके स्पष्टीकरण के बावजूद नरवाना में सिख समाज के लोगों ने प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया और कथित टिप्पणी पर नाराजगी जताई।