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श्री मुरारीलाल माहेश्वरी स्मृति जिला स्तरीय वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन
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shri murari lal maheshwari district level debate contest organized
- फोटो : Jind
अमर उजाला द्वारा शनिवार को राजकीय पीजी कॉलेज में श्री मुरारीलाल माहेश्वरी स्मृति जिला स्तरीय वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें जिलाभर के कॉलेजों के विद्यार्थियों ने भाग लिया और अपने-अपने विषय में बेबाकी से विचार रखे। कॉलेज की प्राचार्य शीला दहिया ने विजेताओं और प्रतिभागियों को सम्मानित किया। प्रतियोगिता में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध देश हित में जरूरी है, देश हित में एक देश एक चुनाव, राजनीतिज्ञों के लिए आयु सीमा होनी चाहिए। मीडिया स्वतंत्र होने की बजाय राजनीति से प्रेरित है और क्षेत्रवाद ने भारतीय संघवाद को कमजोर किया है, जैसे विषयों पर विद्यार्थियों ने अपने-अपने विचार रखे। सबसे अधिक प्रतिभागियों ने देश हित में एक देश-एक चुनाव व सोशल मीडिया पर प्रतिबंध देश हित में जरूरी है विषयों पर अपनी प्रस्तुतियां दी। विद्यार्थियों ने बताया कि आखिर किस प्रकार देश में लोकसभा और सभी विधानसभाओं के चुनाव एक साथ होने से फायदा होगा। इसमें बताया गया कि इससे पैसे की बर्बादी बचेगी तो साथ ही सुरक्षा बलों व अन्य कर्मचारियों को भी बार-बार चुनाव ड्यूटी में नहीं जाना पड़ेगा। वहीं विषय पर विपक्ष में अपने विचार रखने वाले प्रतिभागियों ने बताया कि इससे देश के लोकतंत्र को नुकसान होगा। यदि कोई सरकार सही काम नहीं कर रही है और वह हट जाती है तो चुने गए प्रतिनिधि ही लोगों के पास विकल्प होंगे। दोबारा चुनाव नहीं होने से निरंकुशता बढ़ेगी।
सोशल मीडिया देश दुनिया तक अपनी आवाज पहुंचाने का माध्यम
वहीं सोशल मीडिया के विषय में कहा कि यह इससे अपनी आवाज देश व दुनिया तक आसानी से पहुंचाया जा सकता है। प्रतिभागियों ने बताया कि किस प्रकार देश की सरकार ने महज सोशल मीडिया के सहारे विदेशों में फंसे भारतीयों को बचाया है। कितने ही ऐसे जरूरतमंद लोग हैं, जिनको सोशल मीडिया के सहारे मदद मिलती है। इसके साथ ही सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभावों को भी बताया गया। इसमें बताया गया कि भारत जैसे देश में सोशल मीडिया दंगों का कारण बनता है। अश्लीलता फैलाई जा रही है। जातीय व धार्मिक अंतरविरोध पैदा किए जाते हैं।
अलेवा के राहुल और जींद की अंजू को मिला सांत्वना पुरस्कार
सोशल मीडिया के सहारे अपराध में बढ़ोतरी होने की बात भी विद्यार्थियों ने बताई। प्रतियोगिता में राजकीय कॉलेज जींद के अमित ने प्रथम, सौरभ ने दूसरा और राजीव गांधी कॉलेज नरवाना की मनीषा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं राजकीय कॉलेज अलेवा के राहुल व राजकीय कॉलेज जींद की अंजू को सांत्वना पुरस्कार मिला।
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प्रथम स्थान पर रहने वाले विजेता को पांच हजार, द्वितीय स्थान पर रहे प्रतिभागी को तीन हजार, तृतीय स्थान के प्रतिभागी को दो हजार व सांत्वना पुरस्कार में एक-एक हजार रुपये की राशि व प्रशस्ति पत्र दिया गया। कॉलेज प्राचार्य शीला दहिया ने विजेताओं को पुरस्कृत किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला ने विद्यार्थियों को जिस प्रकार मंच दिया है, यह उनके बौद्धिक स्तर को बढ़ाने में मदद करेगा। प्रतियोगिता में शिक्षाविद और लेखक मंगतराम शास्त्री और जानेमान रंगकर्मी डॉ. पवन आर्य व रमेश कुमार निर्णायक मंडल में शामिल रहे।
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सोशल मीडिया देश दुनिया तक अपनी आवाज पहुंचाने का माध्यम
वहीं सोशल मीडिया के विषय में कहा कि यह इससे अपनी आवाज देश व दुनिया तक आसानी से पहुंचाया जा सकता है। प्रतिभागियों ने बताया कि किस प्रकार देश की सरकार ने महज सोशल मीडिया के सहारे विदेशों में फंसे भारतीयों को बचाया है। कितने ही ऐसे जरूरतमंद लोग हैं, जिनको सोशल मीडिया के सहारे मदद मिलती है। इसके साथ ही सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभावों को भी बताया गया। इसमें बताया गया कि भारत जैसे देश में सोशल मीडिया दंगों का कारण बनता है। अश्लीलता फैलाई जा रही है। जातीय व धार्मिक अंतरविरोध पैदा किए जाते हैं।
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अलेवा के राहुल और जींद की अंजू को मिला सांत्वना पुरस्कार
सोशल मीडिया के सहारे अपराध में बढ़ोतरी होने की बात भी विद्यार्थियों ने बताई। प्रतियोगिता में राजकीय कॉलेज जींद के अमित ने प्रथम, सौरभ ने दूसरा और राजीव गांधी कॉलेज नरवाना की मनीषा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं राजकीय कॉलेज अलेवा के राहुल व राजकीय कॉलेज जींद की अंजू को सांत्वना पुरस्कार मिला।
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प्रथम स्थान पर रहने वाले विजेता को पांच हजार, द्वितीय स्थान पर रहे प्रतिभागी को तीन हजार, तृतीय स्थान के प्रतिभागी को दो हजार व सांत्वना पुरस्कार में एक-एक हजार रुपये की राशि व प्रशस्ति पत्र दिया गया। कॉलेज प्राचार्य शीला दहिया ने विजेताओं को पुरस्कृत किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला ने विद्यार्थियों को जिस प्रकार मंच दिया है, यह उनके बौद्धिक स्तर को बढ़ाने में मदद करेगा। प्रतियोगिता में शिक्षाविद और लेखक मंगतराम शास्त्री और जानेमान रंगकर्मी डॉ. पवन आर्य व रमेश कुमार निर्णायक मंडल में शामिल रहे।