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जमीन नहीं दी तो बेटे ने गोली मारकर कर दी बाप की हत्या
jind
Updated Fri, 08 Jul 2016 12:12 AM IST
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घटना स्थल से साक्ष्य जुटाती पुलिस व एसएफएल की टीम।
- फोटो : bureau
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गांव झांझ खुर्द में एक कलयुगी बेटे ने जमीनी विवाद के चलते अपने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी ने पिता को सोते वक्त गोली मारी। आरोपी लगभग 12 साल से घर से गायब था और लगभग एक माह पहले ही जींद में दिखाई दिया था और उस समय जमीन में हिस्से को लेकर विवाद करने लगा था। जिसके बाद उसके पिता ने उसे चल व अचल संपत्ति से बेदखल कर दिया था। इसी रंजिश के चलते बेटे ने रात में सोते हुए बाप को गोली मार दी। पुलिस ने मृतक के पौत्र की शिकायत पर हत्या व शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बारह साल पहले हो गया था गायब
पुलिस के अनुसार गांव झांझ खुर्द निवासी जसवंत (75) के सत्यनारायण और बलजीत दो बेटे थे। एक दशक से पहले सत्यनारायण की सड़क हादसे में मौत हो गई। इसके तुरंत बाद ही उसका छोटा बेटा बलजीत घर से गायब हो गया और उसके बाद वह कहीं भी दिखाई नहीं दिया। लगभग 12 वर्ष बीत जाने के चलते परिजनों ने उसे मृत समझा लिया। लेकिन लगभग एक माह पहले बलजीत जींद शहर में दिखाई दिया और इस दौरान आरोपी ने परिजनों ने झगड़ा शुरू कर दिया और जमीन में हिस्सा मांगना शुरू कर दिया। लेकिन जब उसके पिता जसवंत ने अब जमीन में हिस्सा देने से मना कर दिया तो आरोपी परिवार के लोगों को परेशान करने लगा। इसी से परेशान होकर पिछले दिनों जसवंत ने अपने आरोपी बलजीत को बेदखल कर दिया। इसके बाद आरोपी दिखाई नहीं देता था। बुधवार रात को जसवंत मकान के अंदर सो रहा था तो इसी दौरान आरोपी बलजीत अंदर घुस गया और सोते हुए जसवंत को गोली मार दी। गोली चलने की आवाज सुनकर जसवंत का पौत्र रणबीर आया तो उसका दादा खून से लथपथ था और आरोपी बलजीत गली से भाग रहा था। इसके बाद परिजनों ने जसवंत को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया। जहां पर चिकित्सकों ने उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। जहां पर उपचार के दौरान मौत हो गई।
एसएफएल की टीम मौके पर पहुंची
हत्या की सूचना पाकर सदर थाना पुलिस और एसएफएल की टीम मौके पर पहुंची और घटना स्थल से साक्ष्य जुटाए। सदर थाना पुलिस ने मृतक के पौत्र रणबीर की शिकायत पर आरोपी बलजीत के खिलाफ हत्या और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने पीजीआई में मृतक के शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है।
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बारह साल बाद भी खत्म नहीं हुई जमीन की लालच
मृतक जसवंत के पौत्र रणबीर ने बताया कि उसके पिता की मौत के बाद पूरे परिवार के पालन पोषण का जिम्मा उसके चाचा बलजीत पर आ गया था, लेकिन बलजीत ने अपने जिम्मेदारी का निर्वाह करने की बजाए घर से गायब हो गया। इसके बाद उसके दादा जसवंत ने हर जगह पर तलाश की और इसकी सूचना पुलिस को भी दी। लेकिन लगभग 12 साल बीत गए, लेकिन उसका सुराग नहीं लगा। इतना समय बीत जाने के बाद परिवार के लोग उसे मृत समझ लिया था। लेकिन गत दिनों आरोपी वापस आ गया और जमीन को लेकर उसके दादा के साथ झगड़ा करना शुरू कर दिया, लेकिन उसके दादा जसवंत ने यह कहकर मना कर दिया कि मुसीबत के समय वह गायब हो गया और अब उसे जमीन में हिस्सा नहीं मिलेगा। इसी रंजिश के चलते आरोपी बलजीत ने रात को घर में घुसकर सोते हुए उसके पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। मामले के जांच अधिकारी कैलाश ने बताया कि जमीनी विवाद के चलते बेटे ने अपने पिता की गोली मारकर हत्या की है। आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए तलाश जारी है।
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बारह साल पहले हो गया था गायब
पुलिस के अनुसार गांव झांझ खुर्द निवासी जसवंत (75) के सत्यनारायण और बलजीत दो बेटे थे। एक दशक से पहले सत्यनारायण की सड़क हादसे में मौत हो गई। इसके तुरंत बाद ही उसका छोटा बेटा बलजीत घर से गायब हो गया और उसके बाद वह कहीं भी दिखाई नहीं दिया। लगभग 12 वर्ष बीत जाने के चलते परिजनों ने उसे मृत समझा लिया। लेकिन लगभग एक माह पहले बलजीत जींद शहर में दिखाई दिया और इस दौरान आरोपी ने परिजनों ने झगड़ा शुरू कर दिया और जमीन में हिस्सा मांगना शुरू कर दिया। लेकिन जब उसके पिता जसवंत ने अब जमीन में हिस्सा देने से मना कर दिया तो आरोपी परिवार के लोगों को परेशान करने लगा। इसी से परेशान होकर पिछले दिनों जसवंत ने अपने आरोपी बलजीत को बेदखल कर दिया। इसके बाद आरोपी दिखाई नहीं देता था। बुधवार रात को जसवंत मकान के अंदर सो रहा था तो इसी दौरान आरोपी बलजीत अंदर घुस गया और सोते हुए जसवंत को गोली मार दी। गोली चलने की आवाज सुनकर जसवंत का पौत्र रणबीर आया तो उसका दादा खून से लथपथ था और आरोपी बलजीत गली से भाग रहा था। इसके बाद परिजनों ने जसवंत को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया। जहां पर चिकित्सकों ने उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। जहां पर उपचार के दौरान मौत हो गई।
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एसएफएल की टीम मौके पर पहुंची
हत्या की सूचना पाकर सदर थाना पुलिस और एसएफएल की टीम मौके पर पहुंची और घटना स्थल से साक्ष्य जुटाए। सदर थाना पुलिस ने मृतक के पौत्र रणबीर की शिकायत पर आरोपी बलजीत के खिलाफ हत्या और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने पीजीआई में मृतक के शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है।
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बारह साल बाद भी खत्म नहीं हुई जमीन की लालच
मृतक जसवंत के पौत्र रणबीर ने बताया कि उसके पिता की मौत के बाद पूरे परिवार के पालन पोषण का जिम्मा उसके चाचा बलजीत पर आ गया था, लेकिन बलजीत ने अपने जिम्मेदारी का निर्वाह करने की बजाए घर से गायब हो गया। इसके बाद उसके दादा जसवंत ने हर जगह पर तलाश की और इसकी सूचना पुलिस को भी दी। लेकिन लगभग 12 साल बीत गए, लेकिन उसका सुराग नहीं लगा। इतना समय बीत जाने के बाद परिवार के लोग उसे मृत समझ लिया था। लेकिन गत दिनों आरोपी वापस आ गया और जमीन को लेकर उसके दादा के साथ झगड़ा करना शुरू कर दिया, लेकिन उसके दादा जसवंत ने यह कहकर मना कर दिया कि मुसीबत के समय वह गायब हो गया और अब उसे जमीन में हिस्सा नहीं मिलेगा। इसी रंजिश के चलते आरोपी बलजीत ने रात को घर में घुसकर सोते हुए उसके पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। मामले के जांच अधिकारी कैलाश ने बताया कि जमीनी विवाद के चलते बेटे ने अपने पिता की गोली मारकर हत्या की है। आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए तलाश जारी है।