{"_id":"63237594bb8dff03842bf71c","slug":"shop-built-on-railway-land-and-bulldozers-run-on-houses-jind-news-rtk6581317137","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेलवे की जमीन पर बनाई दुकान और मकानों पर चला बुलडोजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेलवे की जमीन पर बनाई दुकान और मकानों पर चला बुलडोजर
विज्ञापन
उचाना में रेलवे की जमीन पर किए गए कब्जे को हटाती जेसीबी और मौके पर मौजूद पुलिस बल। संवाद
- फोटो : Jind
उचाना। लितानी रोड फाटक के पास रेलवे की जमीन पर बनाए गई अवैध दुकान और मकानों पर वीरवार को बुलडोजर चला। इस पर कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने लोगों को घटनास्थल के नजदीक नहीं आने दिया। एक घंटे से ज्यादा चली कार्रवाई में दर्जनभर मकान तथा दुकान गिराए गए।
उचाना स्टेशन के पास रेलवे की जमीन पर कई वर्षों से कब्जा किया हुआ था। इसको लेकर रेलवे ने कई बार लोगों को नेाटिस दिए कि वह कब्जा की हुई जमीन को छोड़ दें। रेलवे की जमीन पर बनाई गई दुकान तथा मकान को वहां से हटाकर जमीन खाली करें, लेकिन लोगों ने नोटिस मिलने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं। इसके बाद रेलवे ने अदालत का सहारा लिया। काफी समय से अदालत में चल रहे मामले के बाद फैसला रेलवे के हक में आया। वीरवार को रेलवे कब्जा हटाने के लिए भारी पुलिसबल के साथ उचाना पहुंचा। अधिकारियों से स्थानीय लोगों की कई बार तनातनी बनी रही। जैसे ही अवैध कब्जे हटाने के लिए पुलिस प्रशासन और अन्य टीम मौके पर पहुंची गली के लोग एकत्रित हो गए और इसका विरोध किया, लेकिन प्रशासन के सामने उनकी एक न चली। अदालत का फैसला आने के चलते लोग ज्यादा विरोध नहीं कर पाए और प्रशासन ने उनके मकानों को वहां से हटा दिया। इससे पहले उनका सामान घर से बाहर निकलवा दिया गया था। लोगों की जुबान पर था कि अब इस महंगाई के दौर में वे कैसे मकान बना सकते हैं और कहां बनाएं।
रेलवे की जमीन से कब्जे हटवाने के लिए पहुंची टीम में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में मार्केट सचिव नरेंद्र कुंडू , रेलवे डीएसपी गुरदयाल सिंह, उचाना थाना प्रभारी आत्माराम, उचाना रेलवे स्टेशन चौकी प्रभारी राजेश चहल, शहर पुलिस चौकी इंचार्ज अनिल कुमार सहित भारी पुलिसबल मौजूद था। रेलवे पुलिस के डीएसपी गुरदयाल सिंह ने बताया कि उचाना में कुछ लोगों ने रेलवे की जमीन पर कब्जा किया हुआ था। उसको लेकर मामला अदालत में चल रहा था। अदालत का फैसला रेलवे के हक में आया। वीरवार को रेलवे और जिला प्रशासन ने मिलकर जमीन से अवैध कब्जा हटवा दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उचाना स्टेशन के पास रेलवे की जमीन पर कई वर्षों से कब्जा किया हुआ था। इसको लेकर रेलवे ने कई बार लोगों को नेाटिस दिए कि वह कब्जा की हुई जमीन को छोड़ दें। रेलवे की जमीन पर बनाई गई दुकान तथा मकान को वहां से हटाकर जमीन खाली करें, लेकिन लोगों ने नोटिस मिलने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं। इसके बाद रेलवे ने अदालत का सहारा लिया। काफी समय से अदालत में चल रहे मामले के बाद फैसला रेलवे के हक में आया। वीरवार को रेलवे कब्जा हटाने के लिए भारी पुलिसबल के साथ उचाना पहुंचा। अधिकारियों से स्थानीय लोगों की कई बार तनातनी बनी रही। जैसे ही अवैध कब्जे हटाने के लिए पुलिस प्रशासन और अन्य टीम मौके पर पहुंची गली के लोग एकत्रित हो गए और इसका विरोध किया, लेकिन प्रशासन के सामने उनकी एक न चली। अदालत का फैसला आने के चलते लोग ज्यादा विरोध नहीं कर पाए और प्रशासन ने उनके मकानों को वहां से हटा दिया। इससे पहले उनका सामान घर से बाहर निकलवा दिया गया था। लोगों की जुबान पर था कि अब इस महंगाई के दौर में वे कैसे मकान बना सकते हैं और कहां बनाएं।
विज्ञापन
रेलवे की जमीन से कब्जे हटवाने के लिए पहुंची टीम में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में मार्केट सचिव नरेंद्र कुंडू , रेलवे डीएसपी गुरदयाल सिंह, उचाना थाना प्रभारी आत्माराम, उचाना रेलवे स्टेशन चौकी प्रभारी राजेश चहल, शहर पुलिस चौकी इंचार्ज अनिल कुमार सहित भारी पुलिसबल मौजूद था। रेलवे पुलिस के डीएसपी गुरदयाल सिंह ने बताया कि उचाना में कुछ लोगों ने रेलवे की जमीन पर कब्जा किया हुआ था। उसको लेकर मामला अदालत में चल रहा था। अदालत का फैसला रेलवे के हक में आया। वीरवार को रेलवे और जिला प्रशासन ने मिलकर जमीन से अवैध कब्जा हटवा दिया है।
विज्ञापन