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Jind News: सीआरएसयू में दाखिला फीस वृद्धि पर एसएफआई ने जताया रोष
Tue, 13 Jun 2023 11:52 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 13 Jun 2023 11:52 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में बढ़ाई गई फीस का एसएफआई ने विरोध किया है। एसएफआई की जिलाध्यक्ष मधु ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा 2023-24 के सभी कोर्सों के दाखिला फीस में 50 से 60 प्रतिशत तक वृद्धि की है। यह फैसला दिखाता है कि विश्वविद्यालय शिक्षा का व्यवसायीकरण, निजीकरण की और बढ़ रहा है।
कहा कि पिछले कुछ वर्षों से विश्वविद्यालय लगातार फीस में बढ़ोतरी कर रहा है जिसके कारण छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार लगातार बोल रही है कि विश्वविद्यालय को अपने फंड का प्रबंध खुद करना चाहिए। इसी कारण सरकार विश्वविद्यालय को फंड नहीं दे रही है और शिक्षा के खर्च पर कटौती कर रही है। सरकार शिक्षा की जिम्मेदारी से भाग रही है। सरकार लगातार सार्वजनिक शिक्षण संस्थानों में फीस बढ़ा रही है और छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति को कम कर रही है जिसके कारण गरीब व जरूरतमंद छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और छात्र उच्च शिक्षा से दूर जा रहे हैं। इसका अनुकूल प्रभाव सबसे ज्यादा लड़कियों की शिक्षा पर पड़ेगा। क्योंकि सीआरएसयू विश्वविद्यालय में अधिकतर लड़कियां ही दाखिला लेती हैं लेकिन जिस तरीके से लगातार शिक्षा का खर्च छात्रों पर बढ़ रहा है साफ-साफ दिखाई देता है कि छात्रों का एक बहुत बड़ा वर्ग शिक्षा से वंचित रह जाएगा। अगर विश्वविद्यालय प्रशासन ने शीघ्र ही फीस वृद्धि को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
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जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में बढ़ाई गई फीस का एसएफआई ने विरोध किया है। एसएफआई की जिलाध्यक्ष मधु ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा 2023-24 के सभी कोर्सों के दाखिला फीस में 50 से 60 प्रतिशत तक वृद्धि की है। यह फैसला दिखाता है कि विश्वविद्यालय शिक्षा का व्यवसायीकरण, निजीकरण की और बढ़ रहा है।
कहा कि पिछले कुछ वर्षों से विश्वविद्यालय लगातार फीस में बढ़ोतरी कर रहा है जिसके कारण छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार लगातार बोल रही है कि विश्वविद्यालय को अपने फंड का प्रबंध खुद करना चाहिए। इसी कारण सरकार विश्वविद्यालय को फंड नहीं दे रही है और शिक्षा के खर्च पर कटौती कर रही है। सरकार शिक्षा की जिम्मेदारी से भाग रही है। सरकार लगातार सार्वजनिक शिक्षण संस्थानों में फीस बढ़ा रही है और छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति को कम कर रही है जिसके कारण गरीब व जरूरतमंद छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और छात्र उच्च शिक्षा से दूर जा रहे हैं। इसका अनुकूल प्रभाव सबसे ज्यादा लड़कियों की शिक्षा पर पड़ेगा। क्योंकि सीआरएसयू विश्वविद्यालय में अधिकतर लड़कियां ही दाखिला लेती हैं लेकिन जिस तरीके से लगातार शिक्षा का खर्च छात्रों पर बढ़ रहा है साफ-साफ दिखाई देता है कि छात्रों का एक बहुत बड़ा वर्ग शिक्षा से वंचित रह जाएगा। अगर विश्वविद्यालय प्रशासन ने शीघ्र ही फीस वृद्धि को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
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