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Jind News: 12 अंक गिरा लिंगानुपात आखिर कैसे बचेंगी बेटियां
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। जून माह में गिरे जिले के लिंगानुपात को लेकर अब स्वास्थ्य विभाग को चिंता सताने लगी है। अगर ऐसे ही भ्रूण हत्या होती रही तो बेटियां कैसे बच पाएंगी और कैसे लिंगानुपात में सुधार हो पाएगा। बताया जा रहा है कि भ्रूण लिंग परीक्षण और सामाजिक रूढ़ियों की वजह से यह अंतर लगातार बढ़ रहा है। सरकार को इस दिशा में सख्त कानून लागू करने और जागरूकता फैलाने की जरूरत है, ताकि बेटियों को भी बराबरी का हक मिल सके और लिंग संतुलन सुधारा जा सके।
लिंगानुपात में सुधार करने के लिए जिलेभर के एसएमओ की ऑनलाइन बैठक की सीएमओ ने ली। बैठक में 21 जून के लिंगानुपात का पिछले माह के लिंगानुपात के साथ तुलनात्मक अवलोकन किया गया।
इसमें जिला का लिंगानुपात सीआरएस पोर्टल के अनुसार 12 प्वाइंट कम मिला। यह मई माह तक 932 था। जो जून माह में घट कर 920 हो गया है।
सीएमओ ने स्पष्ट किया कि सीआरएस पोर्टल पर कोई भी एंट्री पेंडिंग नहीं रहनी चाहिए। कम लिंगानुपात का कारण कम डाटा एंट्री नहीं रहना चाहिए।
एएनएम के अनुसार सभी गांवों की रिपोर्ट जिसमें लिंगानुपात को तीन भागों में बांटा गया है। इसमें 850 से कम, 850 से 900, 900 से अधिक लिंगानुपात वाले गांव शामिल हैं। इन सभी गांवों के सरपंचों के साथ बैठक की जाएगी।
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इसके अलावा सूचना तंत्र को भी मजबूत किया जाएगा। कम लिंगानुपात के बावजूद भी किसी भी प्रवर चिकित्सा अधिकारी द्वारा कोई सूचना नही दी जा रही है। सभी सीचएसी से रिपोर्ट आना जरूरी है।
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जींद। जून माह में गिरे जिले के लिंगानुपात को लेकर अब स्वास्थ्य विभाग को चिंता सताने लगी है। अगर ऐसे ही भ्रूण हत्या होती रही तो बेटियां कैसे बच पाएंगी और कैसे लिंगानुपात में सुधार हो पाएगा। बताया जा रहा है कि भ्रूण लिंग परीक्षण और सामाजिक रूढ़ियों की वजह से यह अंतर लगातार बढ़ रहा है। सरकार को इस दिशा में सख्त कानून लागू करने और जागरूकता फैलाने की जरूरत है, ताकि बेटियों को भी बराबरी का हक मिल सके और लिंग संतुलन सुधारा जा सके।
लिंगानुपात में सुधार करने के लिए जिलेभर के एसएमओ की ऑनलाइन बैठक की सीएमओ ने ली। बैठक में 21 जून के लिंगानुपात का पिछले माह के लिंगानुपात के साथ तुलनात्मक अवलोकन किया गया।
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इसमें जिला का लिंगानुपात सीआरएस पोर्टल के अनुसार 12 प्वाइंट कम मिला। यह मई माह तक 932 था। जो जून माह में घट कर 920 हो गया है।
सीएमओ ने स्पष्ट किया कि सीआरएस पोर्टल पर कोई भी एंट्री पेंडिंग नहीं रहनी चाहिए। कम लिंगानुपात का कारण कम डाटा एंट्री नहीं रहना चाहिए।
एएनएम के अनुसार सभी गांवों की रिपोर्ट जिसमें लिंगानुपात को तीन भागों में बांटा गया है। इसमें 850 से कम, 850 से 900, 900 से अधिक लिंगानुपात वाले गांव शामिल हैं। इन सभी गांवों के सरपंचों के साथ बैठक की जाएगी।
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इसके अलावा सूचना तंत्र को भी मजबूत किया जाएगा। कम लिंगानुपात के बावजूद भी किसी भी प्रवर चिकित्सा अधिकारी द्वारा कोई सूचना नही दी जा रही है। सभी सीचएसी से रिपोर्ट आना जरूरी है।