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Jind News: शहर में सुधरेगी सीवरेज व्यवस्था, 26.72 लाख का टेंडर जारी
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फोटो 18जेएनडी07-शहर के वार्ड-24 में सीवरेज ओवरफ्लो के कारण गली में जमा पानी। संवाद
- फोटो : Samvad
जींद। शहर में सीवरेज व्यवस्था सुधारने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग ने 26.72 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है। इसके तहत पहले चरण में वार्ड 24 से 31 तक सीवर लाइनों की सफाई, क्षतिग्रस्त मैनहोल की मरम्मत और मशीनों के रखरखाव का काम होगा। शहर के पुराने हिस्सों में बरसों से सीवरेज जाम की मार झेल रहे 15 हजार लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।
टेंडर के तहत चयनित एजेंसी को एक साल तक संबंधित वार्डों में सीवर लाइनों की नियमित सफाई और तकनीकी रखरखाव का जिम्मा सौंपा जाएगा। बंद या क्षतिग्रस्त मेनहोल की मरम्मत के साथ-साथ सीवरेज निकासी में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की भी नियमित देखरेख की जाएगी। विभाग की योजना है कि इसी तर्ज पर वार्ड-1 से 23 तक के लिए भी चरणबद्ध ढंग से अलग-अलग टेंडर जारी किए जाएं।
पुराने शहर में लंबे समय से बनी है परेशानी
शहर के पुराने हिस्से में लंबे समय से सीवरेज जाम और ओवरफ्लो की शिकायतें सामने आती रही हैं। कई स्थानों पर पुरानी और कम क्षमता वाली सीवर लाइनें होने के कारण दबाव बढ़ जाता है जिससे सीवर बैक मारने और गलियों में गंदा पानी भरने की नौबत आ जाती है। बारिश के दिनों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
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इन कॉलोनी में सीवरेज की शिकायतें
शहर के रामनगर, नेताजी कॉलोनी, रामराय गेट, श्याम नगर, संत नगर, बूढ़ा बाबा बस्ती, विश्वकर्मा कॉलोनी, प्राइवेट लोको कॉलोनी, शीतलपुरी कॉलोनी और चंद्रलोक कॉलोनी समेत कई क्षेत्रों के लोगों की सीवरेज को लेकर अक्सर शिकायत रहती है। शहरवासी संदीप इंदौरा, भूषण, राममेहर, संदीप कुमार, सतबीर, राजू मल्होत्रा और सुनील आहूजा का कहना है कि बार-बार सीवर जाम होने से गलियों में गंदा पानी जमा हो जाता है जिससे आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ती है।
नियमित सफाई से कम होगा जलभराव
वार्ड-वार रखरखाव व्यवस्था लागू होने के बाद सीवर लाइनों की नियमित सफाई और समय पर मरम्मत हो सकेगी। इससे सड़कों और गलियों में गंदे पानी के जलभराव की समस्या कम होने के साथ मच्छरों और जलजनित संक्रमण का खतरा भी घटने की उम्मीद है। वहीं जर्जर मैनहोल की मरम्मत होने से राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा कम होगा। किसी एक एजेंसी की जिम्मेदारी तय होने से शिकायत मिलने पर कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी आसान होगा।
वर्जन
शहर में सीवरेज व्यवस्था को स्थायी रूप से सुधारने के लिए यह पहल की गई है। वार्ड-24 से 31 तक के लिए 26.72 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है। एजेंसी तय होते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। बाकी वार्डों के लिए भी जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी ताकि लोगों को सीवरेज संबंधी परेशानी न हो। -कर्मवीर सिंह, एसडीओ, जन स्वास्थ्य विभाग, जींद
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टेंडर के तहत चयनित एजेंसी को एक साल तक संबंधित वार्डों में सीवर लाइनों की नियमित सफाई और तकनीकी रखरखाव का जिम्मा सौंपा जाएगा। बंद या क्षतिग्रस्त मेनहोल की मरम्मत के साथ-साथ सीवरेज निकासी में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की भी नियमित देखरेख की जाएगी। विभाग की योजना है कि इसी तर्ज पर वार्ड-1 से 23 तक के लिए भी चरणबद्ध ढंग से अलग-अलग टेंडर जारी किए जाएं।
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पुराने शहर में लंबे समय से बनी है परेशानी
शहर के पुराने हिस्से में लंबे समय से सीवरेज जाम और ओवरफ्लो की शिकायतें सामने आती रही हैं। कई स्थानों पर पुरानी और कम क्षमता वाली सीवर लाइनें होने के कारण दबाव बढ़ जाता है जिससे सीवर बैक मारने और गलियों में गंदा पानी भरने की नौबत आ जाती है। बारिश के दिनों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
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इन कॉलोनी में सीवरेज की शिकायतें
शहर के रामनगर, नेताजी कॉलोनी, रामराय गेट, श्याम नगर, संत नगर, बूढ़ा बाबा बस्ती, विश्वकर्मा कॉलोनी, प्राइवेट लोको कॉलोनी, शीतलपुरी कॉलोनी और चंद्रलोक कॉलोनी समेत कई क्षेत्रों के लोगों की सीवरेज को लेकर अक्सर शिकायत रहती है। शहरवासी संदीप इंदौरा, भूषण, राममेहर, संदीप कुमार, सतबीर, राजू मल्होत्रा और सुनील आहूजा का कहना है कि बार-बार सीवर जाम होने से गलियों में गंदा पानी जमा हो जाता है जिससे आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ती है।
नियमित सफाई से कम होगा जलभराव
वार्ड-वार रखरखाव व्यवस्था लागू होने के बाद सीवर लाइनों की नियमित सफाई और समय पर मरम्मत हो सकेगी। इससे सड़कों और गलियों में गंदे पानी के जलभराव की समस्या कम होने के साथ मच्छरों और जलजनित संक्रमण का खतरा भी घटने की उम्मीद है। वहीं जर्जर मैनहोल की मरम्मत होने से राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा कम होगा। किसी एक एजेंसी की जिम्मेदारी तय होने से शिकायत मिलने पर कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी आसान होगा।
वर्जन
शहर में सीवरेज व्यवस्था को स्थायी रूप से सुधारने के लिए यह पहल की गई है। वार्ड-24 से 31 तक के लिए 26.72 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है। एजेंसी तय होते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। बाकी वार्डों के लिए भी जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी ताकि लोगों को सीवरेज संबंधी परेशानी न हो। -कर्मवीर सिंह, एसडीओ, जन स्वास्थ्य विभाग, जींद